Income Tax Rules 2026 Draft के तहत सरकार ने कई ऐसे बदलावों का प्रस्ताव रखा है जो वेतनभोगी कर्मचारियों (Salaried Employees) के टैक्स की गणना को पूरी तरह बदल सकते हैं। अगर संसद इन नए ड्राफ्ट नियमों को जस का तस मंजूरी दे देती है तो ₹15 लाख, ₹20 लाख, ₹30 लाख और ₹50 लाख CTC वाले कर्मचारियों को पुरानी टैक्स रिजीम (Old Tax Regime) में भारी टैक्स बचत हो सकती है। चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की गणना के अनुसार कुछ मामलों में पुरानी रिजीम के तहत टैक्स में 78 प्रतिशत तक की बचत संभव है। हालांकि इन लाभों को नई टैक्स रिजीम (New Tax Regime) में मिलने को लेकर चार्टर्ड अकाउंटेंट्स में मतभेद है।
ड्राफ्ट टैक्स नियम 2026 में क्या-क्या बदलाव प्रस्तावित हैं
Income Tax Rules 2026 Draft में कई महत्वपूर्ण बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं जो वेतनभोगी कर्मचारियों को सीधे प्रभावित करेंगे। इनमें प्रमुख बदलाव इस प्रकार हैं:
कंपनी वाहन (Motor Car Perquisite) के नियमों में बदलाव, ब्याज-मुक्त या रियायती दर पर कर्मचारियों को दिए जाने वाले लोन के नियमों में छूट, भोजन और रिफ्रेशमेंट लाभ (Sodexo/Pluxee जैसे मील कार्ड) में बढ़ी हुई छूट, गिफ्ट और फेस्टिवल वाउचर की टैक्स-फ्री सीमा ₹5,000 से बढ़ाकर ₹15,000 करने का प्रस्ताव, बच्चों की शिक्षा भत्ता (Children Education Allowance) प्रति माह ₹12,500 और हॉस्टल भत्ता (Hostel Allowance) प्रति माह ₹20,000 तक बढ़ाने का प्रस्ताव, और हाउस रेंट अलाउंस (HRA) में मेट्रो शहरों की सूची का विस्तार।
HRA में बड़ा बदलाव: बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे, अहमदाबाद भी बने मेट्रो
Income Tax Rules 2026 Draft का सबसे बड़ा और सबसे ज्यादा प्रभावकारी बदलाव HRA (हाउस रेंट अलाउंस) से जुड़ा है। अब तक HRA की गणना में सिर्फ दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई को मेट्रो शहर माना जाता था, जहां वेतन का 50 प्रतिशत HRA छूट मिलती थी। बाकी शहरों में यह सीमा सिर्फ 40 प्रतिशत थी।
नए ड्राफ्ट नियमों में बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद जैसे शहरों को भी मेट्रो श्रेणी में जोड़ने का प्रस्ताव है। इसका मतलब है कि इन शहरों में रहने वाले कर्मचारी अब वेतन का 50 प्रतिशत HRA छूट का दावा कर सकेंगे, जो पहले 40 प्रतिशत था। CA सुरेश सुराना की गणना के अनुसार, ₹20 लाख CTC वाले कर्मचारी को HRA छूट ₹4,00,000 से बढ़कर ₹5,00,000 और ₹30 लाख CTC वाले को ₹6,00,000 से बढ़कर ₹7,50,000 मिल सकती है।
₹15 लाख CTC: पुरानी रिजीम में 78% तक टैक्स बचत
Income Tax Rules 2026 Draft का सबसे चौंकाने वाला प्रभाव ₹15 लाख CTC वाले कर्मचारियों पर दिखता है। CA अविनाश कुमार राव की विस्तृत गणना के अनुसार:
पुराने टैक्स नियम (1962) के तहत पुरानी रिजीम में टैक्स: ₹1,08,139 था। नए ड्राफ्ट नियम 2026 के तहत पुरानी रिजीम में टैक्स: सिर्फ ₹23,816 रह जाएगा। यानी पुरानी रिजीम में ही 78 प्रतिशत टैक्स बचत होगी, जो ₹84,323 की भारी बचत है। नई टैक्स रिजीम में टैक्स ₹84,396 बनता है।
इसका मतलब है कि ₹15 लाख CTC वालों के लिए ड्राफ्ट नियमों के तहत पुरानी रिजीम नई रिजीम से 72 प्रतिशत बेहतर हो जाएगी। पुरानी रिजीम में सिर्फ ₹23,816 टैक्स देना होगा जबकि नई रिजीम में ₹84,396 देना पड़ेगा। यह अंतर ₹60,580 का है।
यह इतनी बड़ी बचत इसलिए संभव हो रही है क्योंकि नए नियमों में बच्चों की शिक्षा भत्ते की छूट ₹2,400 से बढ़कर ₹72,000, हॉस्टल भत्ते की छूट ₹7,200 से बढ़कर ₹2,16,000, HRA में 50 प्रतिशत छूट (मेट्रो शहर), भोजन लाभ पूरी तरह टैक्स-फ्री, ब्याज-मुक्त लोन पर कोई टैक्स नहीं और गिफ्ट वाउचर ₹15,000 तक टैक्स-फ्री: ये सब मिलकर टैक्सेबल इनकम को काफी कम कर देते हैं।
₹30 लाख CTC: पुरानी रिजीम में ₹1,45,205 की बचत
₹30 लाख CTC वाले कर्मचारियों के लिए भी Income Tax Rules 2026 Draft बड़ी राहत लेकर आ रहे हैं। बेंगलुरु में रहने वाले एक कर्मचारी की गणना के अनुसार:
पुराने नियमों (1962) के तहत पुरानी रिजीम में टैक्स: ₹4,78,109 था। ड्राफ्ट नियम 2026 के तहत पुरानी रिजीम में टैक्स: ₹3,32,904 होगा। यानी पुरानी रिजीम में ही 30 प्रतिशत टैक्स बचत, जो ₹1,45,205 की बचत है।
नई टैक्स रिजीम में टैक्स ₹4,23,384 बनता है। ड्राफ्ट नियमों के तहत पुरानी रिजीम नई रिजीम से 21 प्रतिशत बेहतर होगी, जिसमें ₹90,480 की अतिरिक्त बचत होगी।
बेंगलुरु के मेट्रो श्रेणी में आने से HRA छूट ₹4,80,000 से बढ़कर ₹6,00,000 हो जाएगी। CA सुरेश सुराना की अलग गणना के अनुसार भी ₹30 लाख CTC पर टैक्स ₹4,05,600 से घटकर ₹3,58,800 होगा, जो ₹46,800 की बचत है।
₹50 लाख CTC: ₹1,70,165 की टैक्स बचत, नई रिजीम से 20% बेहतर
Income Tax Rules 2026 Draft का फायदा ₹50 लाख CTC वाले उच्च वेतन पाने वालों को भी मिलेगा। बेंगलुरु स्थित कर्मचारी की गणना के अनुसार:
पुराने नियमों (1962) के तहत पुरानी रिजीम में टैक्स: ₹9,77,309 था। ड्राफ्ट नियम 2026 के तहत पुरानी रिजीम में टैक्स: ₹8,07,144 होगा। यानी 17 प्रतिशत बचत, जो ₹1,70,165 की भारी रकम है।
नई टैक्स रिजीम में टैक्स ₹10,12,440 बनता है। ड्राफ्ट नियमों के तहत पुरानी रिजीम नई रिजीम से 20 प्रतिशत बेहतर होगी, जिसमें ₹2,05,296 की अतिरिक्त बचत होगी। ₹50 लाख CTC वालों के लिए HRA छूट ₹8,00,000 से बढ़कर ₹10,00,000 होना सबसे बड़ा फायदा है।
पुरानी रिजीम बनाम नई रिजीम: क्या है बेहतर विकल्प
Income Tax Rules 2026 Draft की गणनाएं एक बात साफ करती हैं: अगर ये ड्राफ्ट नियम संसद से बिना बदलाव के पास हो जाते हैं तो हर CTC स्लैब में पुरानी टैक्स रिजीम नई रिजीम से काफी बेहतर साबित होगी। ₹15 लाख CTC पर 72 प्रतिशत बेहतर, ₹30 लाख पर 21 प्रतिशत बेहतर और ₹50 लाख पर 20 प्रतिशत बेहतर।
हालांकि यहां एक बड़ी अनिश्चितता यह है कि ड्राफ्ट नियमों में स्पष्ट रूप से नहीं बताया गया है कि ये लाभ नई टैक्स रिजीम में उपलब्ध होंगे या नहीं। इस मुद्दे पर चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की राय बंटी हुई है। जब तक संसद इन ड्राफ्ट नियमों को मंजूरी नहीं देती और इस पहलू पर स्पष्ट रूप से खुलासा नहीं करती, तब तक निश्चित रूप से कहना मुश्किल है।
आम करदाता के लिए क्या मायने रखता है यह बदलाव
Income Tax Rules 2026 Draft अगर लागू होते हैं तो यह भारत के करोड़ों वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत होगी। खासकर उन कर्मचारियों के लिए जो बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद जैसे शहरों में किराये पर रहते हैं और भारी किराया चुकाते हैं, उनके लिए HRA छूट का विस्तार सबसे बड़ा फायदा है। बच्चों की शिक्षा और हॉस्टल भत्ते में भारी बढ़ोतरी उन परिवारों को राहत देगी जिनके बच्चे स्कूल और हॉस्टल में पढ़ रहे हैं। भोजन लाभ, गिफ्ट वाउचर और ब्याज-मुक्त लोन पर टैक्स छूट बढ़ने से कर्मचारियों की जेब में ज्यादा पैसा बचेगा। अभी ये ड्राफ्ट नियम हैं और संसद की मंजूरी के बाद ही अंतिम तस्वीर साफ होगी, लेकिन अगर ये यथावत लागू होते हैं तो पुरानी टैक्स रिजीम फिर से आकर्षक विकल्प बन सकती है।
मुख्य बातें (Key Points)
- Income Tax Rules 2026 Draft में HRA, शिक्षा भत्ता, हॉस्टल भत्ता, भोजन लाभ, गिफ्ट वाउचर और ब्याज-मुक्त लोन पर बड़ी टैक्स छूट प्रस्तावित, बेंगलुरु-हैदराबाद-पुणे-अहमदाबाद मेट्रो श्रेणी में जोड़े गए।
- ₹15 लाख CTC पर पुरानी रिजीम में टैक्स ₹1,08,139 से घटकर सिर्फ ₹23,816 (78% बचत), नई रिजीम (₹84,396) से 72% बेहतर।
- ₹30 लाख CTC पर ₹1,45,205 और ₹50 लाख CTC पर ₹1,70,165 की बचत पुरानी रिजीम में, नई रिजीम से क्रमशः 21% और 20% बेहतर।
- ड्राफ्ट नियमों में नई रिजीम में इन लाभों की उपलब्धता पर स्पष्टता नहीं, CA की राय बंटी हुई, संसद की मंजूरी के बाद ही अंतिम तस्वीर साफ होगी।








