आर्यन केस में NCB की इंटरनल रिपोर्ट, SIT ने कहा- लगता है आर्यन को…

The News Air: अभिनेता शाहरुख़ ख़ान के बेटे आर्यन ख़ान क्रूज़ ड्रग्स केस में बेदाग़ साबित हो चुके हैं। उनके ख़िलाफ़ नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो को न कोई सबूत मिला है और न ही किसी गवाह ने उन्हें ड्रग्स सप्लाई करने की बात मानी है। आर्यन की बेगुनाही के बाद अब यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या NCB ने जानबूझकर आर्यन को फंसाने का प्रयास किया था। यह दावा ख़ुद NCB की एक इंटरनल रिपोर्ट में भी किया गया है।
क्रूज़ केस में रिश्वतखोरी का विवाद खड़ा होने के बाद यह केस NCB की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को सौंप दिया गया था। SIT ने अपनी एक इंटरनल रिपोर्ट में केस के इन्वेस्टिगेशन ऑफ़िसर पर सवालिया निशान लगाया है। रिपोर्ट के मुताबिक़, SIT ने कहा, ‘ऐसा लगता है कि जांच अधिकारी किसी भी तरह अभिनेता शाहरुख़ ख़ान के बेटे आर्यन को ड्रग्स मामले में फंसाना चाहते थे।’

बिना ज़ब्त किए फ़ोन में पढ़े व्हाट्सएप चैट

रिपोर्ट में आगे कहा गया है- ‘यह बेहद अजीब है कि अरबाज मर्चेंट के यह कहने के बावज़ूद कि ड्रग्स से आर्यन का कोई लेना-देना नहीं है, इन्वेस्टिगेशन ऑफ़िसर ने आर्यन के फ़ोन को आधिकारिक तौर पर ज़ब्त किए बिना उनकी व्हाट्सएप चैट पढ़ी।’ अरबाज मर्चेंट आर्यन का दोस्त है, जिसके पास से NCB ने कथित तौर पर छह ग्राम चरस बरामद किया था।

अदालत भी उठा सकती है इन्वेस्टिगेशन ऑफ़िसर पर सवालिया निशान

SIT रिपोर्ट में आगे कहा गया कि NCB ने जिस तरह से काम किया उसमें कई ख़ामियाँ थीं। ट्रायल के दौरान अदालत में जांच अधिकारियों के इरादों पर सवालिया निशान लग सकता है। आमतौर पर अदालतें उन लोगों के साथ बहुत उदार होती हैं, जिनके पास से ड्रग्स की बरामदगी नहीं हुई है और जिनके ख़िलाफ़ कोई ठोस सबूत नहीं होते हैं। ऐसे में NCB के काम का तरीक़ा केस को कमज़ोर कर सकता है।

आर्यन ने क्रूज़ पर ड्रग्स ले जाने से किया था मना

SIT रिपोर्ट में आगे कहा गया है, ‘मर्चेंट ने जांच अधिकारी को बताया कि आर्यन को पता था कि वह (मर्चेंट) कभी-कभी ड्रग्स लिया करता था। मर्चेंट ने यह भी कहा है कि आर्यन ने उसे क्रूज़ पर हैश (ड्रग्स) नहीं ले जाने के लिए कहा था। आर्यन ने कहा था कि NCB बहुत सक्रिय है और वे (मर्चेंट) मुश्किल में पड़ सकते हैं।’
पिछले साल अक्‍टूबर में मर्चेंट ने जूतों में चरस रखने की बात मानी थी, लेकिन इस बात से इनकार किया था कि यह आर्यन समेत अन्य लोगों के लिए है।

मुंबई पुलिस ने भी बंद की क्रूज़ केस की जांच

NCB की क्लीन चिट के बाद अब मुंबई पुलिस ने भी क्रूज़ ड्रग्स केस की जांच को रोक दिया है। बता दें, कि मुंबई पुलिस भी इस मामले कि जांच कर रही थी। हालांकि, उनकी ओर से किसी की गिरफ़्तारी नहीं की गई है। मुंबई पुलिस ने कहा है कि उनकी ओर से कोई मामला दर्ज़ नहीं किया गया है और इस मामले में अभी तक सबूत नहीं मिले हैं।

2 अक्टूबर को लिया था हिरासत में

बता दें कि 2 अक्टूबर की रात NCB ने मुंबई से गोवा जा रहे कॉर्डेलिया क्रूज़ शिप में चल रही रेव पार्टी पर छापेमारी के बाद ड्रग्स लेने और ख़रीद-फ़रोख़्त करने के आरोप में आर्यन ख़ान के साथ मुनमुन धमेचा, अरबाज मर्चेंट सहित कई लोगों हिरासत में लिया था। आर्यन और उनके साथियों को 28 अक्टूबर को ज़मानत मिली थी। ज़मानत देते समय अदालत ने कहा था कि आर्यन ख़ान को हर हफ़्ते NCB ऑफ़िस में उपस्थिति दर्ज़ करवानी होगी।

ग़लत ढंग से फंसाने वालों पर होनी चाहिए कार्रवाई: गृहमंत्री पाटिल

गृहमंत्री दिलीप वलसे पाटिल ने कहा है कि चार्जशीट में आर्यन को मिली क्लीन चिट यह साबित करती है कि इस केस में कोई सच्चाई नहीं थी। मुझे लगता हे कि केंद्र को भी इस पर ध्यान देना चाहिए और संबंधितों पर कार्रवाई करनी चाहिए। ग़लत तरीक़े से किसी निर्दोष व्यक्ति को फंसाने का अगर कोई काम कर रहा है, तो उन पर कार्रवाई होनी ही चाहिए।

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