Delhi Assembly Oath Controversy ने दिल्ली की नई विधानसभा के पहले सत्र में ही विवाद खड़ा कर दिया है। सोमवार को हुए शपथ ग्रहण समारोह में आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक राम सिंह नेताजी (Ram Singh Netaji) ने अपने नाम के साथ जाति जोड़ दी, जिसके बाद सदन में हंगामे की स्थिति बन गई।
शपथ समारोह में बढ़ा विवाद
नई विधानसभा के पहले सत्र की शुरुआत में सभी 70 विधायकों को शपथ दिलाई गई। इस दौरान प्रोटेम स्पीकर (Protem Speaker) की भूमिका में अरविंदर सिंह लवली (Arvinder Singh Lovely) मौजूद थे। अलग-अलग भाषाओं में विधायकों ने शपथ ली, जिसमें हिंदी, इंग्लिश, पंजाबी, मैथिली और अन्य भाषाएं शामिल रहीं।
बदरपुर (Badarpur) से जीतकर आए विधायक राम सिंह नेताजी ने शपथ ग्रहण के दौरान अपने नाम में ‘गुर्जर (Gurjar)’ जोड़ दिया। उन्होंने खुद को ‘राम सिंह गुर्जर’ कहकर शपथ ली। यह सुनकर प्रोटेम स्पीकर ने तुरंत उन्हें टोका और कहा कि उन्हें वही नाम लेना होगा जो आधिकारिक दस्तावेज़ों में दर्ज है।
AAP विधायक की जिद और बहस
प्रोटेम स्पीकर के आग्रह के बावजूद राम सिंह नेताजी ने दोबारा शपथ लेते समय फिर से अपने नाम के साथ जाति जोड़ दी। इस पर स्पीकर ने दोबारा टोकते हुए कहा कि शपथ सिर्फ वही नाम लेकर ली जानी चाहिए जो आधिकारिक रजिस्टर में दर्ज हो।
राम सिंह ने इस पर बहस करते हुए कहा, “जो शर्मा अपने नाम में जोड़ रहा है, वह भी तो समाज का ही प्रतिनिधित्व कर रहा है।” इस तर्क के बावजूद प्रोटेम स्पीकर ने स्पष्ट किया कि विधायक किसी भी भाषा में शपथ ले सकते हैं, लेकिन नाम वही होगा जो उनके दस्तावेज़ों में दर्ज है।
आखिरकार सही नाम से ली गई शपथ
आखिरकार, विवाद बढ़ने से पहले ही राम सिंह नेताजी ने प्रोटेम स्पीकर की बात मान ली और अपने आधिकारिक नाम के साथ दोबारा शपथ ली। हालांकि, इस दौरान सदन में अन्य विधायकों ने भी अलग-अलग नारे लगाए, जिन पर प्रोटेम स्पीकर ने सख्ती से रोक लगाई।
दिल्ली विधानसभा में सत्ता परिवर्तन के संकेत
26 साल बाद सत्ता में वापसी करने वाली भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायकों को इस बार सदन में विधानसभा अध्यक्ष के दाहिने ओर बैठने का मौका मिला। पहले दिन का सत्र शांतिपूर्ण रहने की उम्मीद थी, लेकिन यह विवाद अचानक गर्मागर्म चर्चा का विषय बन गया।