IMD Weather Forecast के मुताबिक भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 26 मार्च 2026 को जारी अपनी प्रेस विज्ञप्ति में पूरे देश के लिए अगले सात दिनों का विस्तृत मौसम पूर्वानुमान जारी किया है। इसके मुताबिक 28 मार्च की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर-पश्चिमी भारत को प्रभावित करेगा, जिससे 31 मार्च तक जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड से लेकर दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान तक बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रहेगा। पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है, जबकि महाराष्ट्र के अकोला में पारा 40.7°C तक पहुंच गया है।

पिछले 24 घंटों में कैसा रहा मौसम: ओडिशा में भारी बारिश, कई राज्यों में आंधी-तूफान
IMD Weather Forecast के अनुसार 26 मार्च को सुबह 8:30 बजे तक पिछले 24 घंटों के दौरान ओडिशा के कुछ अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा (7-11 सेमी) दर्ज की गई। ओडिशा के धामनगर में सबसे ज्यादा 8 सेमी बारिश रिकॉर्ड हुई। इसके साथ ही तेलंगाना, ओडिशा और आंतरिक कर्नाटक के कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी सूचना मिली।
देश के व्यापक हिस्सों में आंधी-तूफान का कहर भी देखा गया। जम्मू-कश्मीर, ओडिशा, पूर्वी मध्य प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, सौराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना, तटीय और आंतरिक कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, असम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड और त्रिपुरा में 30-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज और झोंकेदार हवाओं के साथ आंधी-तूफान आया।
तापमान: अकोला में 40.7°C, अयोध्या में सबसे ठंडी रात
IMD Weather Forecast की रिपोर्ट बताती है कि पिछले 24 घंटों में तापमान का उतार-चढ़ाव काफी तीखा रहा। अधिकतम तापमान महाराष्ट्र के अधिकांश स्थानों पर 38°C से 40°C के बीच रहा। तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल, रायलसीमा, दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश, दक्षिण गुजरात और मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भी पारा इसी सीमा में पहुंचा। सबसे अधिक अधिकतम तापमान 40.7°C महाराष्ट्र के अकोला में दर्ज किया गया।
दूसरी तरफ, रात का तापमान भी उल्लेखनीय रहा। भारत के मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान 14.0°C उत्तर प्रदेश के अयोध्या में दर्ज किया गया। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तर-पश्चिमी राजस्थान, असम, मेघालय और मिजोरम में रात का तापमान 12-18°C के बीच रहा।
जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में दिन का तापमान सामान्य से 5°C से ज्यादा ऊपर रहा, जो काफी असामान्य है। वहीं, नागालैंड में तापमान सामान्य से 5°C से ज्यादा नीचे रहा। यह बताता है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम कितना विपरीत चल रहा है।
28 मार्च से आ रहा नया पश्चिमी विक्षोभ: कहां-कहां होगा असर
IMD Weather Forecast की सबसे अहम चेतावनी यह है कि 28 मार्च 2026 की रात से एक नया और ताकतवर पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिमी भारत को प्रभावित करने वाला है। इसके चलते मौसम का एक बिलकुल नया दौर शुरू होगा, जो 31 मार्च तक जारी रहेगा।
इस पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 29 और 30 मार्च को जम्मू-कश्मीर में, 29 मार्च को हिमाचल प्रदेश में, और 29 से 31 मार्च के दौरान उत्तराखंड में काफी बड़े से लेकर व्यापक इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी होगी। इसके साथ कहीं-कहीं गरज-चमक और 40-50 kmph की रफ्तार से तेज हवाएं भी चलेंगी।
मैदानी इलाकों में भी इसका असर साफ दिखेगा। 29 और 30 मार्च को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में, 29 से 31 मार्च के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में, और 29-30 मार्च को राजस्थान में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं (30-50 kmph, जो 60 kmph तक भी पहुंच सकती हैं) की संभावना है।
पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट
IMD Weather Forecast में सबसे गंभीर चेतावनी पूर्वोत्तर भारत के लिए जारी की गई है। अरुणाचल प्रदेश में 28 और 29 मार्च को, असम-मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में 28 से 30 मार्च के दौरान छिटपुट से लेकर काफी बड़े इलाके में बारिश होगी। इसके साथ गरज-चमक और 30-50 kmph की रफ्तार से तेज हवाएं भी चलेंगी।
सबसे खतरनाक स्थिति 27 मार्च को असम और मेघालय में रहेगी, जहां गरज के साथ हवा की रफ्तार 50-60 kmph तक पहुंच सकती है और झोंकों में 70 kmph तक जा सकती है। इसके साथ कुछ जगहों पर ओले गिरने की भी संभावना है। यह ओलावृष्टि फसलों, बागवानी, कच्चे मकानों और बिजली लाइनों के लिए बड़ा खतरा है।
भारी बारिश की बात करें तो असम और मेघालय में 27 से 29 मार्च के दौरान, अरुणाचल प्रदेश में 28, 29 मार्च और 1 अप्रैल को, तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 29 मार्च को कुछ जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है।
पूर्वी भारत: बंगाल, बिहार, झारखंड में भी बारिश और ओले
पूर्वी भारत भी इस मौसमी उथल-पुथल से अछूता नहीं रहेगा। IMD Weather Forecast के अनुसार 26-29 मार्च के दौरान पश्चिम बंगाल और सिक्किम में, 27-29 मार्च के दौरान बिहार में, 27, 28 और 31 मार्च को झारखंड में, और अगले 7 दिनों तक ओडिशा में गरज, बिजली चमकने और तेज हवाओं (30-50 kmph) के साथ बारिश होने की संभावना है।
ओलावृष्टि का अलर्ट भी जारी किया गया है। 27-28 मार्च को बिहार और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम में, तथा 27 मार्च को गंगा-तटीय पश्चिम बंगाल और झारखंड में ओले गिर सकते हैं। 26-28 मार्च के दौरान उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ स्थानों पर भारी बारिश की भी चेतावनी है।
दिल्ली-NCR का हाल: 26 से 29 मार्च तक कैसा रहेगा मौसम
IMD Weather Forecast में दिल्ली-NCR के लिए विस्तृत पूर्वानुमान भी जारी किया गया है। पिछले 24 घंटों में दिल्ली में अधिकतम तापमान 32-34°C और न्यूनतम तापमान 18-20°C के बीच रहा।
26 मार्च (आज): आसमान आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे, जो शाम होते-होते बादलों से घिर जाएगा। शाम से रात के दौरान गरज-बिजली और तेज हवाओं (20-30 kmph, जो 40 kmph तक पहुंच सकती हैं) के साथ बहुत हल्की बारिश या बूंदाबांदी का दौर आ सकता है। अधिकतम तापमान 33°C से 35°C रहेगा।
27 मार्च: आसमान आमतौर पर बादलों से घिरा रहेगा। सुबह से दोपहर और फिर दोपहर से शाम तक बारिश के दो अलग-अलग दौर आंधी-बिजली और तेज हवाओं (20-30 kmph, जो 40 kmph तक पहुंच सकती हैं) के साथ होने की संभावना है। अधिकतम तापमान 29°C से 31°C और न्यूनतम 19°C से 21°C रहेगा। यानी दिल्ली में तापमान में 3-4°C की गिरावट आएगी।
28 मार्च: आसमान आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। अधिकतम तापमान 31°C से 33°C और न्यूनतम 16°C से 18°C रहेगा। सुबह हवा शांत रहेगी।
29 मार्च: यह दिन दिल्ली के लिए सबसे ज्यादा सतर्कता वाला होगा। सुबह से दोपहर तक आंधी-बिजली और 30-40 kmph की तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश के दो दौर आने की संभावना है। अधिकतम तापमान 30°C से 32°C और न्यूनतम 19°C से 21°C रहेगा।
मध्य और पश्चिमी भारत: छत्तीसगढ़ से महाराष्ट्र तक गरज-चमक
IMD Weather Forecast के अनुसार मध्य भारत में 27 मार्च और 29-31 मार्च को मध्य प्रदेश में, अगले 7 दिनों तक छत्तीसगढ़ में, और अगले 5 दिनों तक विदर्भ में गरज-चमक, बिजली कड़कने और तेज हवाओं (30-50 kmph) के साथ बारिश होगी।
पश्चिमी भारत में 26, 30 और 31 मार्च को मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में, तथा 29 और 30 मार्च को सौराष्ट्र, कच्छ और गुजरात क्षेत्र में गरज-बिजली और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है। 26 मार्च को उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में ओलावृष्टि भी हो सकती है।
दक्षिण भारत: केरल-गोवा में गर्मी और उमस का अलर्ट
दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में भी मौसम सक्रिय रहेगा। 26 से 30 मार्च तक तटीय आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में, 27 से 30 मार्च तक रायलसीमा में, और तटीय कर्नाटक में बिजली चमकने के साथ गरज-तेज हवाओं वाली बारिश होगी।
IMD ने गर्म और आर्द्र मौसम की भी चेतावनी जारी की है। 26 और 27 मार्च को केरल और माहे में, तथा 26 मार्च को कोंकण और गोवा में गर्म और उमस भरा मौसम रहने की प्रबल संभावना है। यह स्थिति लोगों के लिए असुविधाजनक होगी, खासकर बुजुर्गों और बच्चों के लिए।
तापमान का पूर्वानुमान: कहां बढ़ेगी गर्मी, कहां आएगी राहत
IMD Weather Forecast में अगले 7 दिनों के तापमान का भी विस्तृत पूर्वानुमान दिया गया है। उत्तर-पश्चिमी भारत में अगले 24 घंटों में तापमान 2°C बढ़ेगा, फिर अगले 48 घंटों तक 2-4°C गिरेगा, फिर बढ़ेगा और फिर अगले 2 दिनों तक 3-5°C की गिरावट होगी। यानी तापमान में काफी उतार-चढ़ाव रहेगा।
मध्य भारत में अगले 5 दिनों तक तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद 2-3°C की गिरावट आएगी। महाराष्ट्र में 4 दिनों तक तापमान स्थिर रहेगा, फिर 2-3°C गिरेगा। गुजरात में 24 घंटों के बाद ही 2-3°C की गिरावट शुरू हो जाएगी।
मछुआरों के लिए चेतावनी: अरब सागर में न जाएं
IMD Weather Forecast में मछुआरों के लिए भी सख्त चेतावनी जारी की गई है। 28 और 29 मार्च को ओमान तट के साथ-साथ और उससे दूर, ओमान की खाड़ी से सटे क्षेत्र और उत्तर-पश्चिमी अरब सागर में मछुआरों को न जाने की सलाह दी गई है। बंगाल की खाड़ी के लिए फिलहाल कोई चेतावनी नहीं है।
हवाओं की रफ्तार: अरुणाचल में 50 kmph, रीवा में 41 kmph
पिछले 24 घंटों में देश के कई हिस्सों में तेज हवाएं दर्ज की गईं। अरुणाचल प्रदेश के लोअरटाटो में सबसे तेज 50 kmph की हवा चली। मेघालय के शिलांग में 48 kmph, ओडिशा के जान्हुकुड़ा में 43 kmph, पूर्वी मध्य प्रदेश के रीवा में 41 kmph, छत्तीसगढ़ के कोरिया में 39 kmph, जम्मू-कश्मीर के शोपियां में 37 kmph और सौराष्ट्र के खावड़ा (कच्छ) में 37 kmph की तेज हवाएं रिकॉर्ड की गईं।
किसानों के लिए खास सलाह: फसलों को कैसे बचाएं
IMD Weather Forecast में किसानों के लिए कृषि-मौसम संबंधी विस्तृत सलाह भी जारी की गई है, जो बेहद अहम है।
ओलावृष्टि से बचाव: उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना, असम-मेघालय, पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड में फलों के बागों और सब्जियों के पौधों को ओला-रोधी जाल (hail nets) या ओला-रोधी टोपी (hail caps) से ढकें। पकी हुई फसलों की कटाई तुरंत करें और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दें।
भारी बारिश से बचाव: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में जल निकासी के उचित चैनल बनाएं। धान, मक्का और खड़ी फसलों के खेतों से अतिरिक्त पानी निकालें। अरुणाचल प्रदेश में पत्तागोभी, मटर, सरसों और देर से पकने वाली धान की कटाई करें। असम में खड़ी फसलों के खेतों से बारिश का अतिरिक्त पानी निकालें।
आंधी-तेज हवाओं से बचाव: काटी गई उपज को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाएं या तिरपाल (tarpaulin) से ढक दें। बागवानी फसलों और फल देने वाले पौधों को सहारा (staking/support) दें, ताकि तेज हवाओं से गिरने से बचाया जा सके।
कोंकण के आम बागानों के लिए: गर्म और आर्द्र मौसम में आम के फलों को धूप से झुलसने से बचाने के लिए प्रति पेड़ 100 लीटर पानी साप्ताहिक या 150-200 लीटर हर 15 दिन पर दें। पुआल की मल्च का उपयोग करें और फलों को अखबार के थैलों से ढकें।
आम लोगों के लिए सुरक्षा के उपाय
IMD Weather Forecast के साथ जारी एडवाइजरी में आम लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है। गरज-बिजली और तेज हवाओं (30-50 kmph) के दौरान पेड़ों की डालियां टूट सकती हैं, सड़क किनारे लगे बड़े पेड़ उखड़ सकते हैं, खड़ी फसलों को नुकसान हो सकता है, बिजली और संचार लाइनें प्रभावित हो सकती हैं, और कमजोर ढांचों को आंशिक नुकसान पहुंच सकता है।
लोगों को सलाह दी गई है कि घर के अंदर रहें, खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें, सफर से बचें, पेड़ों के नीचे या खुले में पनाह न लें, कंक्रीट के फर्श पर न लेटें, बिजली के उपकरणों का प्लग निकाल दें, और बिजली का संचालन करने वाली सभी वस्तुओं से दूर रहें।
क्यों खास है यह मौसमी दौर
IMD Weather Forecast पर नजर डालें तो साफ दिखता है कि मार्च के अंतिम सप्ताह में देश एक साथ कई मौसमी चुनौतियों से जूझ रहा है। एक तरफ महाराष्ट्र में 40°C से ऊपर पारा पहुंच रहा है, तो दूसरी तरफ पूर्वोत्तर भारत में 70 kmph की रफ्तार से ओलावृष्टि हो रही है। दिल्ली में एक दिन 35°C गर्मी है तो अगले दिन 29°C तक गिरावट। यह तेजी से बदलता मौसम न सिर्फ आम जनजीवन को प्रभावित कर रहा है, बल्कि किसानों की गेहूं, सरसों और बागवानी फसलों के लिए भी बड़ा खतरा बना हुआ है। 28 मार्च से आने वाला नया पश्चिमी विक्षोभ स्थिति को और जटिल बना सकता है, इसलिए सभी को IMD की चेतावनियों पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है।
मुख्य बातें (Key Points)
- 28 मार्च की रात से नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिमी भारत को प्रभावित करेगा; 31 मार्च तक जम्मू-कश्मीर से दिल्ली तक बारिश, बर्फबारी और तेज हवाओं (60 kmph तक) की चेतावनी।
- असम-मेघालय में 27 मार्च को 70 kmph की रफ्तार से ओलावृष्टि का अलर्ट; पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी।
- महाराष्ट्र के अकोला में अधिकतम तापमान 40.7°C दर्ज; अयोध्या में सबसे कम न्यूनतम तापमान 14.0°C रहा।
- दिल्ली-NCR में 27 और 29 मार्च को आंधी-बिजली और बारिश के दो-दो दौर आने की संभावना; किसानों को फसलों की तुरंत कटाई और सुरक्षा की सलाह।








