IMD Weather Forecast के मुताबिक भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 25 मार्च 2026 को दोपहर 2:30 बजे जारी अपनी प्रेस विज्ञप्ति में देश के बड़े हिस्से के लिए गंभीर मौसम चेतावनी जारी की है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अंतर्गत काम करने वाले IMD ने बताया कि दो पश्चिमी विक्षोभों (Western Disturbances) के कारण पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में 27 मार्च तक और फिर 28 से 31 मार्च के दौरान छिटपुट से व्यापक बारिश, बर्फबारी, गरज, बिजली और तेज हवाएं चलने की संभावना है। उत्तर-पश्चिमी भारत के मैदानी इलाकों में भी 31 मार्च तक छिटपुट से व्यापक वर्षा की चेतावनी दी गई है।
यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब कई राज्यों में पारा पहले ही 40 डिग्री सेल्सियस को छू चुका है और अचानक मौसम बदलने से आम लोगों, किसानों और यातायात पर गहरा असर पड़ सकता है। IMD Weather Forecast में पूर्वोत्तर भारत, पूर्वी भारत, मध्य भारत और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के लिए भी अलग-अलग चेतावनियां जारी की गई हैं।

पिछले 24 घंटों में कैसा रहा मौसम: महाराष्ट्र में 40°C पारा, कई राज्यों में तूफान
IMD Weather Forecast के अनुसार 25 मार्च 2026 को सुबह 8:30 बजे तक बीते 24 घंटों में देश भर में मौसम की कई बड़ी घटनाएं दर्ज की गईं। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में छिटपुट स्थानों पर 7 से 11 सेमी तक भारी वर्षा दर्ज हुई। जीती (जिला जलपाईगुड़ी) में 8 सेमी और दमथांग (जिला नामची) में 7 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं तेलंगाना और आंतरिक कर्नाटक में छिटपुट स्थानों पर ओलावृष्टि की सूचना मिली।
इसके अलावा जम्मू-कश्मीर, मध्य महाराष्ट्र, विदर्भ, तटीय महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, सौराष्ट्र और कच्छ, उत्तराखंड, मणिपुर, त्रिपुरा, छत्तीसगढ़, मराठवाड़ा, तमिलनाडु, बिहार, अरुणाचल प्रदेश और असम में छिटपुट स्थानों पर 30 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज-चमक वाला तूफान आया।
तापमान की स्थिति: अमरावती और वर्धा में 40°C, बठिंडा में सबसे ठंडी रात
IMD Weather Forecast में तापमान की स्थिति को लेकर भी विस्तृत जानकारी दी गई है। गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान, छत्तीसगढ़, ओडिशा, गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल, आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना, रायलसीमा, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल, केरल और माहे में अधिकतम दैनिक तापमान 35°C से 40°C के बीच रहा। अमरावती और वर्धा (महाराष्ट्र) में अधिकतम तापमान 40.0°C दर्ज किया गया, जो इस मौसम का अब तक का सबसे चिंताजनक आंकड़ा है।
जम्मू-कश्मीर में अधिकतम तापमान सामान्य से काफी अधिक (3.1°C से 5.0°C) रहा। वहीं मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में तापमान सामान्य से काफी कम (-5.0°C से -3.1°C) दर्ज किया गया। भारत के मैदानी क्षेत्रों में सबसे कम न्यूनतम तापमान 12.0°C बठिंडा (पंजाब) में दर्ज किया गया। पश्चिम राजस्थान और गुजरात क्षेत्र में रात का तापमान सामान्य से काफी अधिक (3.1°C से 5.0°C) रहा, जबकि दिल्ली, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, मिजोरम में तापमान सामान्य से नीचे (-3.0°C से -1.6°C) रहा।
मौसम प्रणालियां: दो पश्चिमी विक्षोभ और कई गर्त सक्रिय
IMD Weather Forecast में बताया गया कि इस समय कई मौसम प्रणालियां एक साथ सक्रिय हैं जो देश भर में मौसम को प्रभावित कर रही हैं। उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे अफगानिस्तान के निचले और मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों पर एक नया पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में मौजूद है। इसके अलावा उत्तरपूर्वी असम, मराठवाड़ा से दक्षिणी तटीय कर्नाटक तक, और गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल से दक्षिणी छत्तीसगढ़ तक गर्त फैले हुए हैं। 28 मार्च 2026 की रात से उत्तर-पश्चिमी भारत को प्रभावित करने वाला एक और पश्चिमी विक्षोभ संभावित है, जो दूसरे दौर की बारिश लेकर आएगा।
उत्तर-पश्चिम भारत: जम्मू-कश्मीर से दिल्ली तक बारिश, बर्फबारी और आंधी का अलर्ट
IMD Weather Forecast के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में आने वाले दिनों में मौसम काफी सक्रिय रहने वाला है। 26 मार्च को जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद और हिमाचल प्रदेश में, तथा 27 मार्च को उत्तराखंड में छिटपुट से मध्यम हल्की से मध्यम वर्षा और बर्फबारी के साथ गरज, बिजली और 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाएं चलने की संभावना है।
26 और 27 मार्च को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में, 26 मार्च को पश्चिमी राजस्थान में और 27 मार्च को उत्तर प्रदेश में छिटपुट से मध्यम वर्षा के साथ गरज, बिजली और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाएं चल सकती हैं।
दूसरे दौर में 28 से 30 मार्च के दौरान जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में फिर से हल्की से मध्यम वर्षा/बर्फबारी के साथ 30-50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चलेंगी। सबसे गंभीर चेतावनी 29 और 30 मार्च को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के लिए जारी की गई है, जहां छिटपुट स्थानों पर गरज के साथ आंधी (50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार और 70 किमी प्रति घंटे तक के झोंके) आने की संभावना है।
पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय, अरुणाचल में भारी बारिश, नागालैंड में भी अलर्ट
पूर्वोत्तर भारत में भी IMD Weather Forecast ने गंभीर चेतावनी जारी की है। 25 से 29 मार्च के दौरान अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में छिटपुट से व्यापक स्तर तक हल्की से मध्यम वर्षा, गरज के साथ बिजली गिरने और 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
27 से 29 मार्च के दौरान असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में तथा 28 मार्च को नागालैंड में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना है। इन इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं, इसलिए प्रशासन और आम लोगों दोनों को सतर्क रहने की जरूरत है।
पूर्वी भारत: बिहार और बंगाल में ओलावृष्टि के साथ 70 किमी की आंधी
पूर्वी भारत के लिए भी IMD Weather Forecast में बड़ी चेतावनी दी गई है। पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 25 से 29 मार्च, बिहार में 28 मार्च, झारखंड और ओडिशा में 27 और 28 मार्च को हल्की से मध्यम वर्षा, गरज, बिजली और 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
सबसे खतरनाक चेतावनी 27 मार्च के लिए है, जब बिहार और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में ओलावृष्टि के साथ आंधी (50-60 किमी प्रति घंटे की हवाएं और 70 किमी प्रति घंटे तक के झोंके) आने की संभावना है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 26 और 27 मार्च को भारी वर्षा की भी संभावना है। ऐसे में पेड़ उखड़ सकते हैं, बिजली-संचार लाइनें टूट सकती हैं और खड़ी फसलों को भारी नुकसान हो सकता है।
मध्य भारत और पश्चिमी भारत: छत्तीसगढ़ से महाराष्ट्र तक बारिश-गरज का अलर्ट
मध्य भारत में छत्तीसगढ़ में 25 से 29 मार्च, विदर्भ में 26 से 29 मार्च, पूर्वी मध्य प्रदेश में 28 और 29 मार्च, और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 29 से 31 मार्च के दौरान छिटपुट हल्की बारिश, गरज, बिजली और 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
पश्चिमी भारत में 25 और 26 मार्च को तटीय महाराष्ट्र, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में छिटपुट हल्की बारिश के साथ गरज और बिजली गिरने की संभावना है। 25 मार्च को आंतरिक कर्नाटक में छिटपुट ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है।
दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: 5 दिन बारिश-गरज, केरल-महाराष्ट्र में गर्म-आर्द्र मौसम
दक्षिण भारत में अगले 5 दिनों के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा, तेलंगाना और कर्नाटक में छिटपुट हल्की बारिश, गरज, बिजली और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। 27 से 29 मार्च के दौरान केरल और माहे में बिजली गिरने की संभावना है।
25 से 27 मार्च के दौरान तटीय महाराष्ट्र और केरल के कुछ अलग-अलग इलाकों में गर्म और आर्द्र मौसम रहने की बहुत अधिक संभावना है। इन क्षेत्रों के लोगों को लू और उमस से बचने के लिए विशेष सावधानी बरतनी होगी।
दिल्ली-NCR Weather Forecast: 25 से 28 मार्च तक कैसा रहेगा मौसम
IMD Weather Forecast में दिल्ली-NCR के लिए 25 से 28 मार्च तक का विस्तृत पूर्वानुमान दिया गया है। पिछले 24 घंटों में दिल्ली में अधिकतम तापमान में 2-3°C की बढ़ोतरी हुई, जबकि न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ। अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 30-32°C और 16-17°C की सीमा में रहे।
25 मार्च: आसमान आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। अधिकतम तापमान 32°C से 34°C के बीच रहेगा। सतह पर मुख्य रूप से हवा उत्तर-पश्चिम दिशा से चलेगी, दोपहर में गति 20 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
26 मार्च: आसमान आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। दोपहर/शाम के दौरान गरज/बिजली चमकने और तेज हवाओं (20-30 किमी प्रति घंटे, जो 40 किमी प्रति घंटे तक के झोंकों के साथ चल सकती हैं) के साथ बहुत हल्की बारिश/बूंदाबांदी की संभावना है। अधिकतम तापमान 33°C से 35°C और न्यूनतम 17°C से 19°C रहेगा।
27 मार्च: सुबह/दोपहर के समय गरज/बिजली चमकने के साथ बहुत हल्की बारिश की संभावना है। अधिकतम तापमान 31°C से 33°C और न्यूनतम 17°C से 19°C रहने की संभावना है।
28 मार्च: आसमान आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। अधिकतम तापमान 32°C से 34°C और न्यूनतम 17°C से 19°C रहेगा।
अधिकतम तापमान पूर्वानुमान: कहां बढ़ेगी गर्मी, कहां मिलेगी राहत
IMD Weather Forecast में अगले सात दिनों के तापमान पूर्वानुमान में बताया गया है कि अगले दो दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य भारत और पूर्वी भारत में अधिकतम तापमान में 2-3°C की क्रमिक वृद्धि होगी, यानी गर्मी और बढ़ेगी। उत्तर-पश्चिम भारत में इसके बाद दो दिन तापमान स्थिर रहेगा और फिर तीन दिनों में 2-4°C की गिरावट आएगी। पूर्वी भारत में भी दो दिन बाद 2-3°C की गिरावट आएगी। गुजरात में अगले दो दिन तापमान में कोई बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद पांच दिनों में 2-3°C की गिरावट आएगी।
तेज हवाओं का रिकॉर्ड: असम में 57 किमी, अरुणाचल में 54 किमी प्रति घंटे
पिछले 24 घंटों में देश भर में कई स्थानों पर तेज हवाएं दर्ज की गईं। असम में वीसीबीसी_रानी में 57 किमी प्रति घंटे, अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर में 54 किमी प्रति घंटे, बिहार के अरारी में 48 किमी प्रति घंटे, तमिलनाडु के नाथम (डिंडीगुल) में 48 किमी प्रति घंटे, पूर्वी मध्य प्रदेश के कटनी में 46 किमी प्रति घंटे, मराठवाड़ा के तुलगा (धाराशिव) में 46 किमी प्रति घंटे और उत्तराखंड के जौलीग्रांट में 35 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं।
किसानों के लिए जरूरी कृषि-मौसम परामर्श
IMD Weather Forecast में किसानों के लिए भी विस्तृत सलाह दी गई है जो बेहद काम की है। ओलावृष्टि से बचाव के लिए आंतरिक कर्नाटक, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और बिहार में फलों के बगीचों और सब्जियों के पौधों को हेल नेट या हेल कैप से ढकें। परिपक्व फसलों की तुरंत कटाई करके सुरक्षित स्थानों पर रखें।
भारी वर्षा से बचाव के लिए अरुणाचल प्रदेश में पत्ता गोभी, मटर, सरसों की कटाई करें और आलू की खुदाई करें। असम में खड़ी फसलों के खेतों से अतिरिक्त वर्षा जल निकालें। मेघालय में बागवानी फसलों को सहारा (स्टेकिंग और प्रॉपिंग) दें। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में कद्दूवर्गीय पौधों और डल्ले खोरसानी की नर्सरी को पॉलीथीन शीट या एग्रो-नेट से ढक दें।
तूफान से बचाव के लिए कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर ले जाएं या खेतों में ही तिरपाल से ढक दें। बागवानी फसलों, सब्जियों और नए पौधों को सहारा प्रदान करें। महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र में आम और काजू के पेड़ों को प्रति सप्ताह 100 लीटर पानी दें।
पशुपालकों को सलाह दी गई है कि भारी वर्षा और ओलावृष्टि के दौरान पशुओं को शेड के अंदर रखें, उन्हें संतुलित आहार दें और चारे को खराब होने से बचाने के लिए सुरक्षित स्थान पर रखें।
आम लोगों के लिए IMD की जरूरी सलाह: ऐसे रहें सुरक्षित
IMD Weather Forecast में आम लोगों के लिए भी विस्तृत सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। आंधी-तूफान और बिजली कड़कने के दौरान घर के अंदर रहें, खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें। संभव हो तो यात्रा करने से बचें। पेड़ों के नीचे शरण न लें। कंक्रीट के फर्श पर न लेटें और कंक्रीट की दीवारों से टेक लगाकर खड़े न हों। बिजली/इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का प्लग निकाल दें। तुरंत पानी वाली जगहों से बाहर निकल आएं और बिजली का संचालन करने वाली सभी वस्तुओं से दूर रहें।
भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में निचले इलाकों और नदी तटों पर जलभराव और बाढ़ की संभावना है। नगरपालिका सेवाओं (पानी, बिजली) में स्थानीय और अल्पकालिक व्यवधान आ सकता है। यातायात प्रवाह में भी बड़ा व्यवधान पड़ सकता है। पुरानी और अनुरक्षित इमारतों के लिए खतरा बना हुआ है। लोगों को सलाह दी जाती है कि वे प्रभावित क्षेत्रों में अपनी आवाजाही सीमित करें।
31 मार्च तक बदला रहेगा मौसम का मिजाज
IMD Weather Forecast के आधार पर यह साफ है कि 31 मार्च तक देश के बड़े हिस्से में मौसम काफी सक्रिय और अस्थिर रहने वाला है। दो पश्चिमी विक्षोभों का लगातार प्रभाव, गर्त प्रणालियों की सक्रियता और ऊपरी चक्रवाती परिसंचरण के कारण उत्तर से लेकर दक्षिण तक कई राज्यों में बारिश, आंधी-तूफान, ओलावृष्टि और बिजली गिरने जैसी घटनाएं होती रहेंगी। ऐसे में सरकारी एजेंसियों, आपदा प्रबंधन विभागों और आम नागरिकों सभी को सतर्क रहने की जरूरत है। जिला स्तर पर विस्तृत मौसम चेतावनी IMD की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
मुख्य बातें (Key Points)
- दो पश्चिमी विक्षोभों के कारण पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में 27 मार्च तक और 28-31 मार्च के दौरान बारिश, बर्फबारी, गरज और तेज हवाओं की संभावना है।
- 29-30 मार्च को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 70 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार वाली आंधी का अलर्ट जारी है।
- 27 मार्च को बिहार और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम में ओलावृष्टि के साथ 50-70 किमी प्रति घंटे की आंधी की संभावना है।
- महाराष्ट्र के अमरावती और वर्धा में अधिकतम तापमान 40°C दर्ज किया गया, जबकि बठिंडा (पंजाब) में सबसे कम न्यूनतम तापमान 12°C रिकॉर्ड हुआ।








