IMD Weather Forecast के मुताबिक भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 27 मार्च 2026 को दोपहर 1:45 बजे एक अहम प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए देशभर के मौसम को लेकर बड़ी चेतावनी दी है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तहत काम करने वाले IMD ने बताया कि इस सप्ताह उत्तर-पश्चिमी भारत में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा और इसकी तीव्रता 29 और 30 मार्च को चरम पर पहुंचेगी। खासतौर पर कश्मीर घाटी में 30 मार्च को छिटपुट भारी वर्षा और हिमपात होने की प्रबल संभावना है। इसके साथ ही पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में गरज, बिजली और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

पिछले 24 घंटों में कैसा रहा मौसम का मिजाज
IMD Weather Forecast के अनुसार 27 मार्च 2026 की सुबह 8:30 बजे तक के पिछले 24 घंटों के दौरान देश के कई हिस्सों में मौसम ने अपना रंग दिखाया। सिक्किम के चुंगथांग (जिला मंगन) में 9 सेंटीमीटर तक भारी बारिश दर्ज की गई, जो इस क्षेत्र के लिए काफी अधिक है।
वहीं उत्तराखंड, गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तटीय महाराष्ट्र और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में कई जगहों पर ओलावृष्टि की सूचना मिली है। इसके अलावा ओडिशा, जम्मू-कश्मीर, बिहार, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, सौराष्ट्र और कच्छ, झारखंड, उत्तराखंड, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, तटीय आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु समेत कई राज्यों में 30 से 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज और तूफान आया।
अकोला में पारा पहुंचा 41.8°C, उत्तर प्रदेश में सबसे ठंडी रात
तापमान की बात करें तो IMD Weather Alert के मुताबिक महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात और ओडिशा में कई जगहों पर अधिकतम दैनिक तापमान 37°C से 40°C के बीच रहा। महाराष्ट्र के अकोला में देश का सबसे ऊंचा अधिकतम तापमान 41.8°C दर्ज किया गया, जो इस मौसम में काफी चिंताजनक है।
दूसरी तरफ, भारत के मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में 15.4°C दर्ज किया गया। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में दिन का तापमान सामान्य से 3.1°C से 5.0°C तक अधिक रहा, जो पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव को दर्शाता है।
हरियाणा, पूर्वी राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य महाराष्ट्र में रात का तापमान भी सामान्य से काफी अधिक (3.1°C से 5.0°C) दर्ज हुआ, जिससे लोगों को रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिली।
पश्चिमी विक्षोभ और मौसम प्रणालियां: क्यों बदल रहा है मौसम
IMD के मुताबिक इस बार मौसम बदलने की मुख्य वजह कई मौसम प्रणालियों का एक साथ सक्रिय होना है। मध्य क्षोभमंडलीय पछुआ हवाओं में एक गर्त के रूप में दिखाई देने वाला पश्चिमी विक्षोभ लगभग 76° पूर्व देशांतर के अनुदिश 32° उत्तर अक्षांश के उत्तर में स्थित है।
इसके अलावा पश्चिमी ईरान और आसपास के क्षेत्रों में एक नया पश्चिमी विक्षोभ ऊपरी वायुचक्रवाती परिसंचरण के रूप में देखा गया है। निचले क्षोभमंडलीय स्तरों में उत्तर-पश्चिम राजस्थान से दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश तक एक गर्त फैली हुई है। गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के ऊपर भी एक ऊपरी वायुचक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। ये सभी प्रणालियां मिलकर देशभर में बारिश, गरज और तेज हवाओं की स्थिति बना रही हैं।
उत्तर-पश्चिम भारत: 29-30 मार्च को बारिश की तीव्रता चरम पर
IMD Weather Forecast के अनुसार उत्तर-पश्चिमी भारत में अगले कुछ दिन मौसम काफी सक्रिय रहने वाला है। 27 मार्च को जम्मू-कश्मीर-लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में छिटपुट से मध्यम बारिश और बर्फबारी जारी रहने की संभावना है। उत्तराखंड में 27 मार्च को छिटपुट गरज, बिजली और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
इसके बाद 28-30 मार्च के दौरान जम्मू-कश्मीर-लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में बारिश और तेज होने वाली है। उत्तराखंड में 29-31 मार्च के दौरान व्यापक हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी के साथ गरज, बिजली और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी।
पंजाब में 28-30 मार्च के दौरान छिटपुट से मध्यम बारिश के साथ 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। 29 और 30 मार्च को हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में भी ऐसी ही स्थिति रहेगी। सबसे अहम बात यह है कि 30 मार्च को कश्मीर घाटी में छिटपुट भारी वर्षा और बर्फबारी की संभावना जताई गई है।
पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश और आंधी-तूफान का खतरा
IMD Weather Alert के मुताबिक पूर्वोत्तर भारत में मौसम की स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है। अरुणाचल प्रदेश में 27 से 29 मार्च के दौरान, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 27 से 31 मार्च के दौरान छिटपुट से व्यापक स्तर तक हल्की से मध्यम वर्षा, गरज, बिजली और 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
सबसे खतरनाक चेतावनी असम और मेघालय के लिए है, जहां 27 मार्च को छिटपुट ओलावृष्टि और गरज के साथ 60-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और 80 किमी प्रति घंटे तक के झोंके आने की संभावना है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 29 मार्च को, अरुणाचल प्रदेश में 28-29 मार्च और 1-2 अप्रैल को, तथा असम और मेघालय में 28 से 30 मार्च और 1-2 अप्रैल को छिटपुट भारी वर्षा की संभावना है।
पूर्वी भारत में ओलावृष्टि और आंधी-तूफान की चेतावनी
पूर्वी भारत भी मौसम की मार से अछूता नहीं रहने वाला है। 27 से 31 मार्च के दौरान उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में गरज, बिजली और 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है। बिहार में 28-29 मार्च, झारखंड में 28, 31 मार्च और 1 अप्रैल को, तथा ओडिशा में 30 से 2 अप्रैल को बारिश और तेज हवाओं की संभावना है।
27 और 28 मार्च को पश्चिम बंगाल, सिक्किम और बिहार में तथा 27 मार्च को झारखंड और ओडिशा में छिटपुट ओलावृष्टि और गरज के साथ 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से 70 किमी प्रति घंटे तक के झोंकों वाली आंधी आने की संभावना है। 27 और 28 मार्च को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में छिटपुट भारी बारिश भी हो सकती है।
मध्य और पश्चिमी भारत में गरज के साथ बारिश
मध्य भारत में मध्य प्रदेश में 27 मार्च और 29-31 मार्च के दौरान तथा विदर्भ और छत्तीसगढ़ में अगले 7 दिनों के दौरान छिटपुट हल्की से मध्यम वर्षा, गरज, बिजली और 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में 29 मार्च को छिटपुट ओलावृष्टि भी हो सकती है।
पश्चिमी भारत में मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 30 और 31 मार्च को छिटपुट हल्की से मध्यम बारिश, गरज, बिजली और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। 29 और 30 मार्च को गुजरात में भी बिजली गिरने की संभावना है।
दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में भी मौसम सक्रिय
दक्षिण भारत में केरल और माहे में 27 से 31 मार्च के दौरान, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 27 मार्च और 30 मार्च से 2 अप्रैल के दौरान, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 27 से 31 मार्च के दौरान, तेलंगाना में 27 मार्च से 1 अप्रैल के दौरान बिजली गिरने के साथ छिटपुट हल्की से मध्यम वर्षा, गरज और 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। तटीय महाराष्ट्र और केरल के कुछ इलाकों में 27 मार्च को तथा तटीय कर्नाटक में 27 से 29 मार्च तक गर्म और आर्द्र मौसम रहने की प्रबल संभावना है।
दिल्ली-NCR में कैसा रहेगा 27 से 30 मार्च तक मौसम
IMD Weather Forecast के अनुसार दिल्ली-NCR वालों को भी अगले कुछ दिन सावधान रहने की जरूरत है। पिछले 24 घंटों में दिल्ली में अधिकतम तापमान 34-35°C और न्यूनतम तापमान 19-21°C की सीमा में रहा।
27 मार्च: आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। दोपहर से शाम के बीच बहुत हल्की बारिश या बूंदाबांदी का एक दौर आ सकता है। अधिकतम तापमान 29°C से 31°C रहने की संभावना है।
28 मार्च: आसमान में आंशिक बादल छाए रहेंगे। अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 31°C से 33°C और 17°C से 19°C के बीच रहने की संभावना है।
29 मार्च: यह दिन दिल्लीवालों के लिए सबसे अहम है। आसमान में बादल छाए रहेंगे और सुबह तथा दोपहर से शाम के बीच गरज और बिजली कड़कने के साथ बहुत हल्की से हल्की बारिश के दो दौर आ सकते हैं। सतह पर 30-40 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चलेंगी, जिनकी गति 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 32°C से 34°C और 20°C से 22°C रहेगा।
30 मार्च: आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे और गरज व बिजली कड़कने के साथ बहुत हल्की से हल्की बारिश की संभावना है। अधिकतम तापमान 29°C से 31°C और न्यूनतम 20°C से 22°C रहेगा।
तापमान में कैसा रहेगा बदलाव
अगले 24 घंटों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान में 2-4°C की क्रमिक गिरावट की संभावना है। 29-30 मार्च के दौरान इसमें फिर 2-4°C की वृद्धि होगी और 31 मार्च से 1 अप्रैल के बीच 3-5°C की गिरावट आएगी। मध्य भारत में 30 मार्च तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद अगले 3 दिनों में 2-4°C की गिरावट आएगी। पूर्वी भारत में 29-30 मार्च के दौरान 2-4°C की गिरावट के बाद अगले 4 दिनों में 3-5°C की वृद्धि होगी।
मछुआरों के लिए IMD की गंभीर चेतावनी
IMD ने मछुआरों के लिए भी महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। बंगाल की खाड़ी में 28 मार्च को उत्तरी ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों के आसपास और उससे दूर न जाने की सलाह दी गई है। अरब सागर में 28 और 29 मार्च को ओमान के तट के आसपास और उससे दूर, ओमान की खाड़ी और उत्तर-पश्चिमी अरब सागर के कुछ हिस्सों में मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। यह चेतावनी मछुआरों की जान-माल की सुरक्षा के लिए बेहद अहम है।
कहां-कहां चली सबसे तेज हवाएं
पिछले 24 घंटों में देशभर में कई जगहों पर तेज हवाएं दर्ज की गईं। ओडिशा के कटक में सबसे तेज 80 किमी प्रति घंटे की हवा चली। गंगीय पश्चिम बंगाल में कोलकाता में 57 किमी, तमिलनाडु के डिंडीगुल में 50 किमी, हिमाचल प्रदेश के सेओबाग में 46 किमी, हरियाणा के पलवल में 41 किमी और उत्तराखंड के रानीचौरी व मुक्तेश्वर में 39 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं दर्ज हुईं। ये आंकड़े बताते हैं कि मौसम का मिजाज काफी उग्र बना हुआ है।
किसानों के लिए IMD की जरूरी सलाह
IMD ने किसानों के लिए भी विस्तृत कृषि-मौसम संबंधी परामर्श जारी किया है। असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा और झारखंड में किसानों को फलों के बगीचों और सब्जियों के पौधों को ओलावृष्टि से बचाने के लिए हेल नेट या हेल कैप का उपयोग करने की सलाह दी गई है। परिपक्व फसलों की तुरंत कटाई करके उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रखना चाहिए।
मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और विदर्भ में किसानों को परिपक्व गेहूं, ज्वार, कुसुम, चना, मक्का, अलसी, फलों और सब्जियों की कटाई करके सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है। छत्तीसगढ़ में पकी हुई सरसों, चना और गेहूं की कटाई करके कटी हुई उपज को सुरक्षित स्थानों पर रखना चाहिए। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में किसानों को उचित जल निकासी चैनल बनाए रखने और खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की सलाह दी गई है।
महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र में गर्म और आर्द्र मौसम को देखते हुए आम और काजू के पेड़ों को प्रति सप्ताह 100 लीटर पानी प्रति वृक्ष या 15 दिनों के अंतराल पर 150 से 200 लीटर पानी देने की सलाह दी गई है।
आम लोगों के लिए IMD की सुरक्षा संबंधी सलाह
IMD ने आम लोगों से अपील की है कि आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की स्थिति में सावधानी बरतें। लोगों को घर के अंदर रहने, खिड़कियां और दरवाजे बंद रखने और अगर संभव हो तो यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। पेड़ों के नीचे शरण न लें, कंक्रीट के फर्श पर न लेटें और कंक्रीट की दीवारों के सहारे न खड़े हों। बिजली और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का प्लग निकाल दें और तुरंत पानी से बाहर निकल जाएं।
भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में निचले इलाकों और नदी तटों पर जलभराव और बाढ़ का खतरा रहेगा। नगरपालिका सेवाओं (पानी, बिजली आदि) में स्थानीय व्यवधान आ सकता है और यातायात प्रवाह भी प्रभावित हो सकता है। पुरानी इमारतों और अनुरक्षित संरचनाओं पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। पशुपालकों को भारी वर्षा और ओलावृष्टि के दौरान पशुओं को शेड के अंदर रखने और उन्हें संतुलित आहार देने की सलाह दी गई है।
मुख्य बातें (Key Points)
- 29-30 मार्च को उत्तर-पश्चिमी भारत में बारिश की तीव्रता चरम पर रहेगी,कश्मीर घाटी में 30 मार्च को भारी वर्षा/हिमपात की संभावना
- असम-मेघालय में 27 मार्च को 60-80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी-तूफान और ओलावृष्टि की चेतावनी
- दिल्ली-NCR में 29 मार्च को गरज-बिजली के साथ बारिश और 50 किमी प्रति घंटे तक की तेज हवाओं की संभावना
- महाराष्ट्र के अकोला में देश का सबसे ऊंचा तापमान 41.8°C दर्ज, मछुआरों को बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में न जाने की चेतावनी








