IMD Weather Alert के तहत भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 24 मार्च 2026 को जारी अपनी प्रेस विज्ञप्ति में पूरे देश के लिए एक विस्तृत मौसम चेतावनी जारी की है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले IMD ने बताया कि इस सप्ताह लगातार दो पश्चिमी विक्षोभों (Western Disturbances) के प्रभाव से उत्तर-पश्चिम भारत में छिटपुट से लेकर व्यापक वर्षा के साथ गरज, बिजली और तेज हवाएं चलने की संभावना है। पहला विक्षोभ 26 मार्च की रात से और दूसरा 28 मार्च की रात से प्रभावी होगा। इसके साथ ही उत्तर-पूर्व और पूर्वी भारत में भी भारी बारिश, गरज और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में ओलावृष्टि के साथ 70 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से तूफानी हवाओं की चेतावनी दी गई है।

IMD Weather Alert: पिछले 24 घंटों में क्या रहा मौसम का हाल?
IMD Weather Alert के मुताबिक 24 मार्च 2026 को सुबह 8:30 बजे (IST) तक पिछले 24 घंटों का मौसमी आंकड़ा काफी चिंताजनक रहा। सिक्किम के मंगन और सिंघिक (जिला मंगन) में छिटपुट स्थानों पर भारी वर्षा (7-11 सेमी) दर्ज की गई। कर्नाटक, गुजरात, मराठवाड़ा, मध्य महाराष्ट्र, तटीय महाराष्ट्र, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु और अरुणाचल प्रदेश में छिटपुट स्थानों पर 30-55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज-चमक वाला तूफान आया। तटीय महाराष्ट्र के छिटपुट इलाकों में गर्म और आर्द्र मौसम रहा।
कर्नाटक के गडग में सबसे तेज हवा 56 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दर्ज की गई, जबकि अरुणाचल प्रदेश के लोअरटाटो में 50, तमिलनाडु के नाथम (डिंडीगुल) में 44, हिमाचल प्रदेश के सेओबाग में 43 और जम्मू-कश्मीर के रामबन में 41 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चलीं। मध्य प्रदेश के आगर में 41, सीहोर में 39, इंदौर में 33, जबलपुर में 33 और उत्तराखंड के कपकोटे में 33 किमी प्रति घंटे की हवाएं दर्ज हुईं। तटीय महाराष्ट्र में मुंबई के सांताक्रूज में 30 किमी प्रति घंटे की हवा चली।
तापमान का हाल: अकोला में 39.4°C, कई राज्यों में 35-40°C के बीच पारा
IMD Weather Alert में तापमान की स्थिति भी विस्तार से बताई गई है। गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, तेलंगाना, रायलसीमा, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल तथा केरल में अधिकतम दैनिक तापमान 35°C से 40°C के बीच रहा। देश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 39.4°C महाराष्ट्र के अकोला में दर्ज किया गया।
सौराष्ट्र और कच्छ, तटीय महाराष्ट्र और गोवा में अधिकतम तापमान सामान्य से काफी अधिक (3.1°C से 5.0°C ऊपर) रहा। दिल्ली, बिहार, गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल, असम-मेघालय और त्रिपुरा में तापमान सामान्य से काफी कम (-5.0°C से -3.1°C) दर्ज हुआ। भारत के मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान 14.0°C उत्तर प्रदेश के नजीबाबाद और पंजाब के गुरदासपुर में दर्ज किया गया।
IMD Weather Alert: उत्तर-पश्चिम भारत में दो पश्चिमी विक्षोभ से बदलेगा मौसम
IMD Weather Alert में सबसे अहम बात यह है कि इस सप्ताह लगातार दो पश्चिमी विक्षोभ एक के बाद एक आने वाले हैं, जिनसे उत्तर-पश्चिम भारत सबसे ज्यादा प्रभावित होगा। पहला विक्षोभ 26 मार्च 2026 की रात से और दूसरा 28 मार्च 2026 की रात से शुरू होगा। मध्य प्रदेश के मध्य भागों के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बना हुआ है और इस चक्रवाती परिसंचरण से उत्तरी मध्य महाराष्ट्र तक निचले क्षोभमंडलीय स्तरों में एक गर्त (Trough) फैला हुआ है।
26 मार्च को जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद और हिमाचल प्रदेश में तथा 27 मार्च को उत्तराखंड में छिटपुट हल्की बारिश/बर्फबारी के साथ गरज, बिजली और 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। 26 मार्च को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में तथा 27 मार्च को उत्तर प्रदेश में छिटपुट हल्की बारिश के साथ गरज, बिजली और 30-40 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चलेंगी।
28-30 मार्च के दौरान जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश/बर्फबारी के साथ गरज, बिजली और 30-50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं की संभावना है। 29 और 30 मार्च को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में तथा 28-30 मार्च के दौरान राजस्थान में भी छिटपुट से लेकर मध्यम दर्जे की बारिश के साथ गरज और तेज हवाएं चलने की संभावना है।
पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश की चेतावनी: असम, मेघालय, अरुणाचल और नागालैंड अलर्ट पर
IMD Weather Alert में पूर्वोत्तर भारत के लिए भी गंभीर चेतावनी जारी की गई है। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 24, 25, 27 और 28 मार्च को तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 24, 25 और 28 मार्च को छिटपुट से लेकर काफी व्यापक स्तर पर हल्की से मध्यम बारिश, गरज, बिजली और 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
सबसे अहम बात यह है कि असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में 24, 27 और 28 मार्च को तथा नागालैंड में 28 मार्च 2026 को अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा (64.5-115.5 मिमी) होने की संभावना है। यह चेतावनी पूर्वोत्तर के किसानों और आम नागरिकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारी बारिश से फसलों को नुकसान, निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में ओलावृष्टि और तूफान का खतरा
IMD Weather Alert की सबसे गंभीर चेतावनियों में से एक उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के लिए है। 24 और 27 मार्च को इस क्षेत्र में ओलावृष्टि (Hailstorm) के साथ भयंकर आंधी आने की संभावना है। हवा की गति 50-60 किमी प्रति घंटे और झोंकों के रूप में 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। यह बेहद खतरनाक स्थिति है जिसमें पेड़ों की शाखाएं टूट सकती हैं, सड़क किनारे लगे बड़े पेड़ उखड़ सकते हैं, बिजली और संचार लाइनों को गंभीर नुकसान हो सकता है, खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंच सकता है और कमजोर ढांचों व कच्चे मकानों को भी आंशिक क्षति हो सकती है।
इसी तरह 24 और 27 मार्च को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा की भी संभावना जताई गई है। 24 मार्च को आंतरिक कर्नाटक में भी छिटपुट ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है।
पूर्वी और मध्य भारत: बिहार, ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी बारिश
IMD Weather Alert के मुताबिक 24 से 29 मार्च के दौरान उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में, बिहार और ओडिशा में 27 और 28 मार्च को, गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में 24 और 27 से 29 मार्च के दौरान तथा झारखंड में 24, 27 और 28 मार्च को छिटपुट से लेकर व्यापक वर्षा, गरज, बिजली और 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
मध्य भारत में विदर्भ और छत्तीसगढ़ में 26 और 27 मार्च को तथा पूर्वी मध्य प्रदेश में 27 और 28 मार्च को गरज, बिजली और 30-50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ छिटपुट हल्की बारिश होने की संभावना है। पश्चिमी भारत में मध्य महाराष्ट्र में 24 से 26 मार्च और मराठवाड़ा में 24 और 25 मार्च को हल्की बारिश के साथ गरज-बिजली की संभावना है।
दक्षिण भारत और केरल-महाराष्ट्र में गर्म और आर्द्र मौसम की चेतावनी
IMD Weather Alert में दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के लिए भी पूर्वानुमान जारी किया गया है। अगले 5 दिनों के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा, तेलंगाना और कर्नाटक में छिटपुट हल्की बारिश, गरज, बिजली और 30-40 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं की संभावना है। 27 और 28 मार्च को केरल और माहे में बिजली गिरने की संभावना है।
गर्म और आर्द्र मौसम (Hot and Humid Weather) की चेतावनी के तहत केरल में 24 से 26 मार्च और तटीय महाराष्ट्र में 24 और 25 मार्च को कुछ इलाकों में उमस भरा गर्म मौसम रहने की प्रबल संभावना है। यह स्थिति आम लोगों के लिए असुविधाजनक होगी और लू जैसी समस्याएं पैदा कर सकती है।
दिल्ली-NCR का मौसम: 24 से 27 मार्च तक क्या रहेगा हाल?
IMD Weather Alert में दिल्ली-NCR के लिए अलग से विस्तृत पूर्वानुमान जारी किया गया है। पिछले 24 घंटों में दिल्ली में न्यूनतम तापमान में 1°C की गिरावट आई। अधिकतम तापमान 28-30°C और न्यूनतम तापमान 16-17°C की सीमा में रहा। पिछले 24 घंटों में आसमान बादलों से घिरा रहा और दिल्ली भर में कई जगहों पर बहुत हल्की बारिश या बूंदाबांदी देखी गई।
आने वाले दिनों का पूर्वानुमान इस प्रकार है: 24 मार्च को आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा और अधिकतम तापमान 31°C से 33°C के बीच रहेगा। 25 मार्च को आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहेगा, अधिकतम तापमान 32°C से 34°C और न्यूनतम 16°C से 18°C रहने की संभावना है। 26 मार्च को आसमान बादलों से घिरा रहेगा और दोपहर से शाम के बीच गरज/बिजली कड़कने के साथ बहुत हल्की बारिश/बूंदाबांदी और हवा की गति झोंकों में 40 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। अधिकतम तापमान 33°C से 35°C रहेगा। 27 मार्च को भी गरज/बिजली के साथ बहुत हल्की बारिश/बूंदाबांदी की संभावना है और अधिकतम तापमान 31°C से 33°C रहने का अनुमान है।
अधिकतम तापमान का पूर्वानुमान: कहां बढ़ेगी और कहां गिरेगी गर्मी?
IMD Weather Alert में आने वाले दिनों के लिए तापमान पूर्वानुमान भी जारी किया गया है। अगले 4 दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान में 2-4°C की क्रमिक वृद्धि होगी। मध्य भारत में अगले 3 दिनों में 2-3°C बढ़ेगा। पूर्वी भारत में अगले 4 दिनों में 3-5°C की वृद्धि होगी, लेकिन उसके बाद 2-4°C की क्रमिक गिरावट आएगी। पश्चिमी भारत में अगले 2 दिनों में 2-3°C बढ़ेगा। देश के शेष भागों में अधिकतम तापमान में कोई महत्वपूर्ण परिवर्तन नहीं होगा।
किसानों के लिए IMD की कृषि-मौसम सलाह: फसलों को बचाने के उपाय
IMD Weather Alert के साथ किसानों के लिए बेहद जरूरी कृषि-मौसम परामर्श (Agro-Meteorological Advisory) भी जारी किया गया है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, उत्तर आंतरिक कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में फलों के बगीचों और सब्जियों के पौधों को ओलावृष्टि से बचाने के लिए हेल नेट या हेल कैप का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
अरुणाचल प्रदेश में पत्ता गोभी, मटर, सरसों और देर से पकने वाली धान की किस्मों की कटाई करने तथा आलू की खुदाई करने और कटी हुई उपज को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है। असम में खड़ी फसलों के खेतों से अतिरिक्त वर्षा जल निकालने, मेघालय में सब्जियों की फसलों में उचित जल निकासी सुनिश्चित करने और बागवानी फसलों को सहारा देने की सलाह है। महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र में आम और काजू के पेड़ों को प्रति सप्ताह 100 लीटर या 15 दिनों के अंतराल पर 150-200 लीटर पानी देने और मिट्टी की नमी बचाने के लिए पुआल की मल्चिंग करने की सलाह दी गई है। भारी वर्षा/ओलावृष्टि के दौरान पशुओं को शेड के अंदर रखने और चारा-पशु आहार को सुरक्षित स्थान पर रखने का भी परामर्श दिया गया है।
आम लोगों के लिए IMD की जरूरी सलाह: ऐसे रहें सुरक्षित
IMD Weather Alert में आम नागरिकों के लिए भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखें और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहें। घर के अंदर रहें, खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें और संभव हो तो यात्रा करने से बचें। सुरक्षित आश्रय लें और पेड़ों के नीचे शरण बिल्कुल न लें। बिजली/इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का प्लग निकाल दें। बिजली का संचालन करने वाली सभी वस्तुओं से दूर रहें। कंक्रीट के फर्श पर न लेटें और न ही कंक्रीट की दीवारों से टेक लगाकर खड़े हों। तुरंत पानी से बाहर निकल जाएं।
भारी वर्षा की स्थिति में निचले इलाकों और नदी तटों पर जलभराव/बाढ़ की संभावना है। नगरपालिका सेवाओं (पानी, बिजली आदि) में स्थानीय और अल्पकालिक व्यवधान हो सकता है। यातायात प्रवाह में गंभीर बाधा आ सकती है और प्रमुख सड़कें/स्थानीय ट्रेनें प्रभावित हो सकती हैं। बहुत पुरानी इमारतों और अनुरक्षित न की गई संरचनाओं के लिए खतरा हो सकता है और पेड़ गिरने की संभावना रहेगी। प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को अपनी आवाजाही सीमित रखनी चाहिए।
यह IMD Weather Alert इसलिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि मार्च के आखिरी सप्ताह में दो पश्चिमी विक्षोभों का एक साथ आना सामान्य बात नहीं है। पूर्वोत्तर भारत में प्री-मानसून बारिश का दौर शुरू हो चुका है और पश्चिमी विक्षोभों का असर उत्तर भारत के मैदानी इलाकों तक पहुंच रहा है। किसानों, पशुपालकों और आम नागरिकों के लिए सबसे जरूरी है कि वे IMD की चेतावनियों को गंभीरता से लें और अपनी फसलों, पशुओं और परिवार की सुरक्षा के लिए पहले से तैयारी रखें। जिलेवार विस्तृत चेतावनियां IMD की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- दो पश्चिमी विक्षोभ: 26 मार्च और 28 मार्च की रात से दो पश्चिमी विक्षोभ एक के बाद एक उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेंगे, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, पंजाब, दिल्ली और राजस्थान में बारिश, गरज और तेज हवाओं की संभावना।
- पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में भारी बारिश: असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश में 24, 27 और 28 मार्च को तथा नागालैंड में 28 मार्च को भारी वर्षा की चेतावनी; सिक्किम में पहले ही 7-11 सेमी बारिश दर्ज।
- ओलावृष्टि का खतरा: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 24 और 27 मार्च को ओलावृष्टि के साथ 70 किमी प्रति घंटे तक के झोंकों वाली तूफानी हवाओं की चेतावनी; आंतरिक कर्नाटक में भी 24 मार्च को ओलावृष्टि की संभावना।
- तापमान और दिल्ली: अकोला (महाराष्ट्र) में 39.4°C सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान; दिल्ली में 26 मार्च को गरज-बिजली के साथ हल्की बारिश, अधिकतम तापमान 35°C तक पहुंचने की संभावना।








