अगर शुगर लेवल करना है काबू में तो रखें इन 4 बातों का खास ख्याल


डायबिटीज दो तरह की होती है टाइप- 1 और टाइप- 2, इनमें टाइप-1 डायबिटीज वह है जो हमें आनुवांशिक तौर पर होती है। यानि अगर आपकी फैमिली में किसी को शुगर की बीमारी रही हो तो ऐसे व्यक्ति में इस बीमारी की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। जबकि टाइप-2 डायबिटीज, हमारी गलत लाइफस्टाइल और खान-पान के चलते पैदा हो जाती है। तो कोविड से बचने के लिए डायबिटीज पेशेंट्स को क्या करना चाहिए, आइए जानते हैं इस बारे में…

ब्लड टेस्ट जरूर कराएं-  कोविड पीरियड के दौरान अगर डायबिटीज पेशेंट्स को खुद को सेफ रखना है, तो उन्हें अपना ब्लड टेस्ट कराना चाहिए, इससे पिछले तीन महीनों में ब्लड शुगर लेवल पता चलता है। ब्लड शुगर कंट्रोल में रखने से दूसरी बीमारियों के होने का और वायरस का खतरा कम हो जाता है। इसके लिए मधुमेह के मरीजों को सही दिनचर्या का पालन और वर्कआउट करना चाहिए। इसके अलावा आपको अपना खानपान भी सही रखना है।

रोजाना करें योग-  योग के कई फायदे हैं लेकिन उनमें से सबसे बड़ा फायदा है कि इससे ब्लड में शुगर के लेवल को कंट्रोल रखने में मदद मिलती है। जिन लोगों को टाइप 2 डायबिटीज होती है, उनके खून में ग्लूकोज का लेवल बहुत ज्यादा होता है। इसलिए डायबिटीज के रोगियों को योग करना जरूरी है। कपालभाति, मंडूक आसन और धनुरासन को रोजाना 5 से 10 मिनट के लिए किया जा सकता है।

विटामिन डी की कमी को दूर करें- धूप से मिलने वाला विटामिन डी सेहत के लिए बहुत अच्छा है। इससे शुगर दूर होती है और अगर आप ऐसी जगह पर हैं जहां प्रदूषण ज्यादा है तो आप विटामिन डी के लिए सप्लीमेंट्स भी ले सकते हैं। इसके अलावा आप अपनी डाइट में भी विटामिन डी को जरूर जगह दें।

ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रखें- 180/120 से ऊपर के दबाव को खतरनाक माना जाता है। जबकि 140/90 से ऊपर के रक्तचाप को हाइपरटेंशन कहा जाता है। खासकर 30 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को ब्लड प्रेशर का खतरा ज्यादा होता है। इससे हृदयरोग, स्ट्रोक और किडनी से जुड़ी बीमारियां होने के चांसेज बढ़ जाते हैं। इसलिए मधुमेह के मरीजों का ब्लड प्रेशर भी कंट्रोल में रखना चाहिए।


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