35 घंटे कुएं में जिंदगी- मौत की जंग लड़ती रही युवती, बाहर निकाला तो..

The News Air – अलवर:महिलाओं के लिए क्राइम सिटी बन चुके अलवर में एक और दिल दहला देने वाली घटना खुलासा हुआ है। अलवर शहर कोतवाली थाना इलाके की रहने वाली एक 17 साल की युवती के साथ जो कुछ हुआ, वो हैरान कर देने वाला है। यहां एक छात्रा दो दिन पहले जीडी कॉलेज जाने के बाद लापता हो गई थी। CCTV फुटेज में बालिका अपने जीजा के साथ जाती दिखाई दी थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी जीजा को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो आरोपी की निशानदेही पर 35 घंटे बाद छात्रा को आकाशवाणी के पास एक कुएं से घायल अवस्था में बरामद किया है।
मामले में पीड़ित परिवार ने बताया था कि बालिका घर से कॉलेज जाने के निकली थी, इसके बाद अचानक लापता हो गई थी। इसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट अलवर शहर कोतवाली में दर्ज कराई गई थी। इस मामले में पुलिस ने आरोपी जीजा सुंदरलाल को हिरासत में लिया है।

2 मार्च को परिजन ने दर्ज करवाई रिपोर्ट

पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम ने बताया कि दो मार्च से लापता बालिका को ढूंढने में पुलिस लगातार लगी हुई थी। उस बालिका को कोतवाली पुलिस की स्पेशल टीम ने कुंए से सही सलामत ढूंढ कर बाहर निकाला। स्पेशल टीम ने तत्परता दिखाते हुए बालिका को कुएं से बाहर निकाल कर अस्पताल पहुंचाया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि 2 मार्च को उसके परिजन रिपोर्ट दी कि उनकी बच्ची जी डी कॉलेज गई थी , जो वापस नहीं पहुंची है । इस संबंध में तत्परता दिखाते हुए मुकदमा दर्ज किया गया। साथ ही एएसआई विजेंद्र सिंह को जांच सौंपी गई ।

गनीमत रही, युवती की सांसे चल रही थी …

सीसीटीवी कैमरा खंगालने के बाद भी यह मालूम चला कि यह लड़की को अपने जीजा के साथ जाते हुए देखा गया था। लिहाजा पूछताछ की , तो उसने बताया कि उसने गला घोंट कर युवती को कुएं में फेंका दिया है। इसके बाद एनडीआरएफ और एफएसएल टीम की सहायता से मंगल विहार स्थित नगर विकास न्यास के खाली प्लॉट में बने कुएं से लड़की को रेस्क्यू किया गया। गनीमत यह रही कि गहरे कुएं में फेंके जाने के बाद भी युवती जिंदा निकाला आई। जब युवती को बाहर निकाला, तो लड़की की सांसे चल रही है।

करीब 36 घंटे बालिका भूखी प्यासी कुएं में रही

पुलिस ने बताया कि जीजा ने जिस कुएं में बालिका को फेंका था, वो कुआ करीब 150 फुट गहरा था। बालिका को करीब 11 बजे ही कुएं में फेंकने की बात सामने आ रही है। कुएं में सांप बिच्छू व गोहरा सहित अन्य जहरीले कीड़े भी थे। जब एडीआरएफ की टीम कुएं में उतरी तो हतप्रद रह गई। बच्ची कुएं के कोने में बैठी थी। सिर से खून बह रहा था। करीब 36 घंटे बालिका भूखी प्यासी कुएं में रही। किसी भी जीव ने उसे हानि नहीं पहुंचाई। बालिका हल्का हल्का बोल रही थी। लेकिन हालात गंभीर थी।

सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से तलाशा

पुलिस का कहना है कि बालिका ने शोर भी मचाया होगा, लेकिन सुनसान जगह पर बने कुएं से उसकी आवाज किसी ने नहीं सुनी होगी। हालांकि उसे जाते हुए किसी ने देखा होगा पर किसी ने नहीं बताया। सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से ही बालिका को तलाशा गया। रात के अंधेरे में टीम के सदस्य कुएं में उतरते हुए घबरा रहे थे। लेकिन बालिका के मूवमेंट को देखते हुए टीम के सदस्यों ने रात को ही कुएं में उतरने का फैसला लिया और बालिका को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

युवती के होश में आने के बाद सामने आएगी असल वजह

पुलिस अधिकारी का पूरे घटनाक्रम को लेकर कहना है कि अभी जांच जारी है। हर ऐंगल से तलाश की जा रही है। जब तक स्थिति साफ नहीं होती, इस संबंध में भी कुछ नहीं कह सकता, अभी युवती को इलाज के लिए जयपुर रेफर किया गया , वहां उसका इलाज जारी है। ।बच्ची होश में आने के बाद जो बयान देगी, वह सही होगा। बालिका 4 बहिन है , सबसे बड़ी यही बालिका है। वहीं जिस जीजा को हिरासत में लिया गया है ,वह मौसी का दामाद है।

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