Ration Card eKYC Deadline उत्तराखंड में सस्ते गल्ले की दुकान से राशन लेने वाले उपभोक्ताओं के लिए बड़ा अलर्ट जारी किया गया है। 31 जनवरी तक ई-केवाईसी नहीं कराने वाले लाभार्थियों का राशन बंद किया जा सकता है। यह फैसला देहरादून स्थित Food Civil Supplies and Consumer Affairs Department Uttarakhand के निर्देशों के बाद जिला पूर्ति विभाग ने लिया है।

अगर आप सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाला राशन लेते हैं और अब तक ई-केवाईसी नहीं कराई है, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि तय समय सीमा के बाद कोई ढील नहीं दी जाएगी।
31 जनवरी तक ई-केवाईसी क्यों जरूरी
आयुक्त, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, उत्तराखंड की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार सभी राशन कार्ड धारकों के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी गई है। जिला पूर्ति विभाग ने स्पष्ट किया है कि 31 जनवरी तक प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर राशन वितरण रोका जा सकता है।
राशन कार्ड भी हो सकता है निरस्त
जिला पूर्ति अधिकारी Priyanka Bhatt ने बताया कि अगर कोई लाभार्थी ई-केवाईसी नहीं कराता है, तो उसका राशन कार्ड निरस्त भी किया जा सकता है। ऐसे लाभार्थियों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत मिलने वाले खाद्यान्न का लाभ नहीं मिलेगा।
जिले में कितने लाभार्थी ले रहे राशन
आंकड़ों के अनुसार, जिले में
- अंत्योदय अन्न योजना के तहत 2185 यूनिट,
- राज्य खाद्य योजना के तहत 96,277 यूनिट,
- प्राइमरी हाउसहोल्ड के तहत 1,44,794 यूनिट
को राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। लेकिन अब तक केवल 59.90 प्रतिशत यूनिट्स का ही ई-केवाईसी पूरा हो पाया है।
दिल्ली में क्यों रद्द हुए लाखों राशन कार्ड
इसी बीच दिल्ली सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। जनवरी 2015 से दिसंबर 2025 के बीच अलग-अलग कारणों से 4,20,000 राशन कार्ड रद्द किए गए हैं। यह जानकारी दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र में दी गई।

गड़बड़ियों पर सख्त कार्रवाई
खाद्य आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग ने स्पष्ट किया कि कई मामलों में लाभार्थी नियमों का गलत फायदा उठा रहे थे। इसके अलावा लाभार्थियों की मृत्यु या स्थान परिवर्तन जैसे कारणों से भी राशन कार्ड रद्द किए गए।
आधार से हो रहा पूरा वेरिफिकेशन
सरकार के अनुसार, सभी लाभार्थियों का सत्यापन आधार डेटाबेस के जरिए किया जाता है। इससे फर्जी राशन कार्ड जारी होने की संभावना लगभग खत्म हो जाती है। साथ ही, नए राशन कार्ड आवेदनों पर “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर कार्रवाई की जाती है।
आम लोगों पर असर
इस फैसले का सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा, जिन्होंने अब तक ई-केवाईसी को गंभीरता से नहीं लिया। समय पर प्रक्रिया पूरी करने वाले लाभार्थियों को जहां राहत मिलेगी, वहीं लापरवाही करने वालों का राशन रुक सकता है।
विश्लेषण
सरकार का यह कदम साफ संकेत देता है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और सही लाभार्थियों तक राशन पहुंचाना प्राथमिकता है। ई-केवाईसी के जरिए फर्जी और डुप्लीकेट राशन कार्ड पर लगाम लगेगी, लेकिन जागरूकता की कमी के कारण असली जरूरतमंद अगर प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए, तो वे भी सिस्टम से बाहर हो सकते हैं। ऐसे में प्रशासन और लाभार्थी—दोनों की जिम्मेदारी बराबर बनती है।
जानें पूरा मामला
उत्तराखंड में जिला पूर्ति विभाग ने 31 जनवरी तक ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी है। तय समय सीमा के बाद बिना ई-केवाईसी वाले राशन कार्ड पर खाद्यान्न वितरण रोका जा सकता है और कार्ड निरस्त होने की कार्रवाई भी संभव है।
मुख्य बातें (Key Points)
- 31 जनवरी तक ई-केवाईसी नहीं कराई तो राशन बंद हो सकता है
- ई-केवाईसी न कराने पर राशन कार्ड निरस्त होने का खतरा
- जिले में अब तक सिर्फ 59.90% यूनिट्स की ई-केवाईसी
- दिल्ली में 10 साल में 4.20 लाख राशन कार्ड रद्द








