पंजाब में IAS और सरकार आमने-सामने: अफसर पर मशीनों की खरीद-फरोख्त में..

चंडीगढ़ (The News Air) पंजाब में रिश्वतखोरी के खिलाफ जारी मुहिम के तहत अब सीनियर IAS अजॉय शर्मा जांच के दायरे में हैं। CM पंजाब भगवंत मान ने अजॉय शर्मा के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग में मशीनों की खरीद-फरोख्त के मामले में जांच के आदेश जारी किए हैं।

सूत्रों से मिली इस जानकारी के अनुसार यह भी पता लगा है कि पंजाब के चीफ सेक्रेटरी इस संबंध में अजॉय शर्मा से पूछताछ भी कर चुके हैं।

स्वास्थ्य विभाग में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों और लैब टेक्निशियन को नियुक्ति पत्र देने पहुंचे CM भगवंत मान का स्वागत करते IAS अजॉय शर्मा की फाइल फोटो।

पंजाब के चीफ सेक्रेटरी की पूछताछ में IAS अजॉय शर्मा मशीनों की खरीद-फरोख्त में किसी प्रकार की धांधली से इनकार कर चुके हैं। उन्होंने इस संबंध में जांच से भी गुरेज नहीं किया है। CM पंजाब ने इसके बाद ही मामले की जांच के आदेश जारी किए।

सूत्रों के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग में जिन मशीनों की खरीद-फरोख्त में किसी प्रकार का हेरफेर होने का अंदेशा है, उनके टेंडर के लिए आगे आए लोग अजॉय शर्मा के जानकार थे। हालांकि फिलहाल यह प्रमाणित नहीं हुआ है।

2 दिन पहले मुख्य सेक्रेटरी की जिम्मेदारी से हटाया

पंजाब सरकार ने 2 दिन पहले ही IAS अजॉय शर्मा को स्वास्थ्य विभाग के मुख्य सेक्रेटरी के पद से हटाया था। बताया जाता है कि अजॉय शर्मा के खिलाफ किन्हीं शिकायतों के बाद ही राज्य सरकार द्वारा यह कार्रवाई की गई है। हालांकि इस मामले के सामने आने से करीब 6 दिन पहले पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य विभाग में भर्ती 271 स्पेशलिस्ट डॉक्टर और 90 लैब टेक्नीशियन को नियुक्ति पत्र दिए थे। इस प्रोग्राम में IAS अजॉय शर्मा बतौर मुख्य सेक्रेटरी मौजूद थे। इसके बाद ही यह मामला उजागर हुआ है।

आम आदमी क्लिनिक के प्रचार में 30 करोड़ पर आपत्ति

गौरतलब है कि IAS अजॉय शर्मा ने बीते दिनों आम आदमी क्लिनिक के प्रचार के लिए 30 करोड़ रुपए खर्च करने पर आपत्ति जताई थी। सरकार इन क्लिनिक के प्रचार में अब तक 10 करोड़ रुपए खर्च कर चुकी है।

अजॉय शर्मा की AAP सरकार के गठन के बाद तीन महीने के अंदर पहले 100 से अधिक आम आदमी क्लिनिक शुरू कराने में भूमिका थी। क्योंकि उस दौरान उन पर तत्कालीन वित्त आयुक्त एवं कराधान का अतिरिक्त जिम्मेदारी थी, लेकिन बताया जाता है कि शर्मा ने इस बार 400 से अधिक आम आदमी क्लिनिकों के प्रचार-प्रसार के लिए 30 करोड़ रुपए के बजट को प्रशासनिक स्वीकृति देने से इनकार कर दिया।

Leave a Comment