मंगलवार, 10 मार्च 2026
The News Air
No Result
View All Result
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result

पंजाब और पंजाबियों के हितों के लिए चट्टान की तरह खड़ा हूं, प्रदेश के हक़ नहीं छीनने दूंगा – मुख्यमंत्री

पंजाब के संसाधनों, राजधानी और नदी जल में अनावश्यक हिस्सेदारी मांगने के लिए हरियाणा, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश की कड़ी आलोचना

The News Air Team by The News Air Team
मंगलवार, 18 नवम्बर 2025
A A
0
CM Mann
117
SHARES
783
VIEWS
ShareShareShareShareShare
Google News
WhatsApp
Telegram

नई दिल्ली, 18 नवंबर (राज कुमार) पंजाब और पंजाबियों के हितों की सुरक्षा के लिए प्रदेश सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि मैं पंजाब और पंजाबियों के हितों के लिए चट्टान की तरह खड़ा हूं और किसी को भी पंजाब के हक़ छीनने की इजाज़त नहीं दूंगा।

आज यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कल उत्तरी ज़ोनल काउंसिल की 32वीं बैठक के दौरान सभी सदस्य राज्यों ने अपने-अपने मुद्दों पर अपनी राय रखी थी। उन्होंने कहा कि यह बहुत दुख की बात है कि हरियाणा, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश सहित अधिकांश राज्य पंजाब के हक़ों पर डाका डालने के लिए पूरी तरह तुले हुए थे। भगवंत सिंह मान ने कहा कि दुर्भाग्य से हरियाणा, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश हमारे हक़ छीनने के लिए अनुचित दबाव बना रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन राज्यों की गैर-जिम्मेदाराना नेतृत्व ने प्रदेश के संसाधनों और यहां तक कि नदी जल में हिस्सा मांगकर उत्तरी ज़ोनल काउंसिल जैसे प्रतिष्ठित मंच का मखौल उड़ाया है। उन्होंने कहा कि इस बैठक में सभी सदस्य राज्यों ने अपने विचार रखे और प्रदेश के मुखिया होने के नाते उन्होंने भी पंजाब का पक्ष रखा। भगवंत सिंह मान ने कहा कि कुल 28 एजेंडा आइटम में से 11 पंजाब से संबंधित थे और पहली बार प्रदेश सरकार के सख्त प्रयासों के कारण इन सभी को स्थगित कर दिया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये मुद्दे वास्तव में अकाली, भाजपा और कांग्रेस की पिछली सरकारों द्वारा पंजाब और इसके लोगों के लिए बोए गए कांटे हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि उनकी सरकार इन मुद्दों को हल करने के लिए कड़े प्रयास कर रही है। भगवंत सिंह मान ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पंजाब सरकार प्रदेश के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग नदी जल को लेकर हंगामा कर रहे हैं, उन्हें एक बात समझ लेनी चाहिए कि नदी जल की वास्तविक उपलब्धता का वास्तविक समय मूल्यांकन किया जाना चाहिए, जिसके लिए पानी की मौजूदगी की समीक्षा की जानी चाहिए। नदी जल, राजधानी, पंजाब यूनिवर्सिटी और हेडवर्क्स के बारे में बोलते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह दुखद है कि हर दूसरा राज्य पंजाब के अधिकारों में हिस्सा मांग रहा है, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रदेश सरकार पंजाब के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि हरियाणा ने बहुत अजीब मांग की है कि पंजाब को भाखड़ा मेन लाइन (बी.एम.एल.) पर मिनी हाइडल प्रोजेक्ट बनाने से रोका जाए क्योंकि इससे पानी के प्रवाह में रुकावट आएगी। उन्होंने कहा कि यह आश्चर्यजनक है कि हरियाणा का भोला नेतृत्व ऐसे निराधार और तथ्यों से दूर मुद्दे खड़े कर रहा है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि सतलुज-यमुना लिंक (एस.वाई.एल.) का मुद्दा केवल यमुना-सतलुज लिंक (वाय.एस.एल.) के माध्यम से ही हल किया जा सकता है, जो यमुना के पानी का समझदारी से उपयोग सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा कि पंजाब के पास एस.वाई.एल. के जरिए कोई अतिरिक्त पानी नहीं है और पानी की उपलब्धता का वैज्ञानिक आधार पर हिसाब नहीं लगाया गया है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पंजाब के पास किसी अन्य राज्य को देने के लिए एक बूंद भी अतिरिक्त पानी नहीं है और इस बारे में सवाल ही पैदा नहीं होता। पानी से संबंधित मुद्दे का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इंडस वाटर ट्रीटी रद्द होने के परिप्रेक्ष्य में संबंधित राज्यों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी को देखते हुए यह पानी से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए एक अच्छा अवसर है। उन्होंने कहा कि चेनाब नदी को रावी और ब्यास नदियों से जोड़ने की संभावना है, जिसके लिए हमारे पास पहले से ही पानी के प्रवाह को नियंत्रित करने वाले डैम मौजूद हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि चेनाब को रावी-ब्यास से जोड़ने पर अतिरिक्त पानी को निचले राज्यों द्वारा बिजली उत्पादन और सिंचाई दोनों उद्देश्यों के लिए लाभकारी ढंग से इस्तेमाल किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान से बी.बी.एम.बी. में स्थायी सदस्य की नियुक्ति के मुद्दे पर पंजाब ने अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि बी.बी.एम.बी. पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 के तहत गठित संस्था है जो केवल उत्तराधिकारी राज्यों पंजाब और हरियाणा से संबंधित है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब ने पहले ही सदस्यों की नियुक्ति के लिए एक पैनल प्रस्तुत किया है और भारत सरकार को पंजाब और हरियाणा से एक-एक सदस्य की मूल व्यवस्था को जारी रखना चाहिए क्योंकि पूर्णकालिक अतिरिक्त पद से न केवल खर्च बढ़ेगा जिसे बिना किसी उद्देश्य के पंजाब को वहन करना पड़ेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने चंडीगढ़ को पंजाब को सौंपने की जोरदार अपील की थी और कहा था कि प्रदेश के पुनर्गठन के बाद 1970 के इंदिरा गांधी समझौते में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि “चंडीगढ़ का राजधानी प्रोजेक्ट क्षेत्र पूरी तरह पंजाब को जाएगा”, जो केंद्र सरकार की स्पष्ट प्रतिबद्धता थी। उन्होंने कहा कि 24 जुलाई 1985 को तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी और संत हरचंद सिंह लोंगोवाल के बीच हुए राजीव-लोंगोवाल समझौते ने स्पष्ट रूप से पुष्टि की थी कि चंडीगढ़ पंजाब को सौंप दिया जाएगा। भगवंत सिंह मान ने अफसोस जताते हुए कहा कि सभी वादों के बावजूद चंडीगढ़ पंजाब को नहीं सौंपा गया जिससे हर पंजाबी के मन को ठेस पहुंची है।

चंडीगढ़ यूटी के कामकाज में पंजाब और हरियाणा के सेवा कर्मचारियों की भर्ती के 60:40 अनुपात को बनाए रखने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यह गंभीर चिंता का विषय है कि आईएएस और पीसीएस अधिकारियों को चंडीगढ़ प्रशासन में प्रमुख पदों से बाहर रखा जा रहा है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि आबकारी, शिक्षा, वित्त और स्वास्थ्य जैसे विभागों में पदों को स्टेट यूटी कैडर (डीएएनआईसीएस) जैसे कैडरों के लिए खोला जा रहा है, जिससे यूटी प्रशासन के प्रभावी कामकाज में पंजाब राज्य की भूमिका पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक अन्य संबंधित मुद्दा पंजाब कैडर के अधिकारियों को जनरल मैनेजर एफ.सी.आई. (पंजाब) के पद पर तैनात करना है। उन्होंने कहा कि केंद्र पूल में पंजाब राज्य के लगातार बड़े योगदान को देखते हुए भारत सरकार को पंजाब कैडर के आई.ए.एस. अधिकारी को एफ.सी.आई. के क्षेत्रीय कार्यालय में तैनात करने की स्थापित परंपरा को नहीं तोड़ना चाहिए। भगवंत सिंह मान ने कहा कि एम.डी. सिटको का पद पहले से पंजाब कैडर के आई.ए.एस. अधिकारी के पास रहा है, जबकि अब यू.टी. स्टेट सर्विस अधिकारियों को इस पद पर तैनात किया जा रहा है, जो चंडीगढ़ यूटी प्रशासन में पंजाब और हरियाणा से कर्मचारियों की भर्ती के निर्धारित 60:40 अनुपात के खिलाफ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब को लगभग 13,500 करोड़ रुपए का भारी नुकसान हुआ है फिर भी हम राष्ट्रीय खाद्य पूल में 150 लाख मीट्रिक टन (एल.एम.टी.) चावल का योगदान दे रहे हैं। भगवंत सिंह मान ने रोपड़, हरिके और फिरोजपुर हेडवर्क्स का नियंत्रण बीबीएमबी को हस्तांतरित करने के प्रस्ताव का भी विरोध किया क्योंकि ये हेडवर्क्स पूरी तरह पंजाब के अंदर स्थित हैं और हमेशा राज्य द्वारा संचालित एवं रखरखाव किए जाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत में कहीं भी किसी राज्य के हेडवर्क्स को किसी बाहरी एजेंसी द्वारा नहीं चलाया जा रहा और यदि हेडवर्क्स का नियंत्रण भी पंजाब से छीन लिया जाता है तो प्रदेश को बाढ़ से निपटने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।

यह भी पढे़ं 👇

Acute Tonsillitis Symptoms Treatment Hindi

Acute Tonsillitis और Weight Loss Walking: सेहत के 3 बड़े खुलासे एक साथ

मंगलवार, 10 मार्च 2026
Everest Masala Lab Report

Everest Masala Lab Report: चार मसाले क्वालिटी टेस्ट में फेल, बड़ा खुलासा

मंगलवार, 10 मार्च 2026
Aaj Ka Rashifal 10 March 2026

Aaj Ka Rashifal 10 March 2026: इन राशियों को मिलेगा बंपर फायदा

मंगलवार, 10 मार्च 2026
US India Relations China Mistake

US India Relations: अमेरिका ने माना “China Mistake”, अब भारत को लेकर बड़ा खुलासा

सोमवार, 9 मार्च 2026

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने बीएसएफ और सेना की सीमा चौकियों (बीओपी) पर बाढ़ सुरक्षा कार्यों को पूरा करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने का मुद्दा भी उठाया है। उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव को अभी तक केंद्र सरकार ने मंजूरी नहीं दी है और आगे कहा कि भारत सरकार को बिना किसी शर्त के पूरे फंड जारी करने चाहिए क्योंकि यह राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में है।

इस दौरान भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी का पंजाब के लोगों से गहरा नाता है, जिसे विभाजन के बाद लाहौर से पंजाब के होशियारपुर और फिर इसकी राजधानी चंडीगढ़ में स्थापित किया गया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा और हिमाचल प्रदेश ने क्रमशः 1973 और 1975 में अपनी मर्जी से पंजाब यूनिवर्सिटी से अपने कॉलेज वापस ले लिए और अपनी अलग यूनिवर्सिटी स्थापित कर लीं तथा पंजाब यूनिवर्सिटी को फंड देना बंद कर दिया। उन्होंने कहा कि पिछले 50 सालों से केवल पंजाब ही इस यूनिवर्सिटी का समर्थन और प्रबंधन कर रहा है, लेकिन अब इस स्तर पर उन्हें समझ नहीं आ रहा कि हरियाणा अपने कॉलेजों को पंजाब यूनिवर्सिटी से फिर क्यों जोड़ना चाहता है, जबकि वे पिछले 50 साल से कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी (जो ए+ एनएएएसी मान्यता प्राप्त है) से संबद्ध हैं। भगवंत सिंह मान ने पंजाब सरकार के रुख को दोहराया कि पंजाब यूनिवर्सिटी के दर्जे में किसी भी तरह का बदलाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी हमारी यूनिवर्सिटी है और हम भविष्य में भी इसका समर्थन और फंडिंग जारी रखेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों के दबाव में झुकते हुए केंद्र सरकार ने अपना नोटिफिकेशन वापस ले लिया है लेकिन इस मुद्दे पर कोई स्पष्टता नहीं है। उन्होंने सीनेट और सिंडिकेट में पीछे के दरवाजे से घुसने की कोशिश के लिए हरियाणा की भी निंदा की और कहा कि यह किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भगवंत सिंह मान ने कहा कि हरियाणा को ऐसी घटिया कोशिशों से अपने नापाक मंसूबों में कामयाब नहीं होने दिया जाएगा।

Previous Post

Pensioners के लिए बड़ी राहत, घर बैठे Mobile से बनवाएं Digital Jeevan Praman Patra

Next Post

Chandigarh Assets पर Himachal का Big Claim, 7.19% हिस्सेदारी की मांग

The News Air Team

The News Air Team

द न्यूज़ एयर टीम (The News Air Team) अनुभवी पत्रकारों, विषय विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं का एक समर्पित समूह है, जो पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और त्वरित समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी टीम राजनीति, सरकारी योजनाओं, तकनीक और जन-सरोकार से जुड़े मुद्दों पर गहराई से विश्लेषण कर तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग करती है। 'द न्यूज़ एयर' का मुख्य उद्देश्य डिजिटल पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखना और समाज के हर वर्ग को जागरूक करना है। हम हर खबर को पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ आप तक पहुँचाते हैं, ताकि आपको मिले केवल भरोसेमंद जानकारी।

Related Posts

Acute Tonsillitis Symptoms Treatment Hindi

Acute Tonsillitis और Weight Loss Walking: सेहत के 3 बड़े खुलासे एक साथ

मंगलवार, 10 मार्च 2026
Everest Masala Lab Report

Everest Masala Lab Report: चार मसाले क्वालिटी टेस्ट में फेल, बड़ा खुलासा

मंगलवार, 10 मार्च 2026
Aaj Ka Rashifal 10 March 2026

Aaj Ka Rashifal 10 March 2026: इन राशियों को मिलेगा बंपर फायदा

मंगलवार, 10 मार्च 2026
US India Relations China Mistake

US India Relations: अमेरिका ने माना “China Mistake”, अब भारत को लेकर बड़ा खुलासा

सोमवार, 9 मार्च 2026
Bhagwant Mann Gurdaspur

Bhagwant Mann Gurdaspur: ₹1.50 लाख करोड़ निवेश, Kahnuwan Sub-Division

सोमवार, 9 मार्च 2026
Iran Israel War

Iran Israel War पर संसद में बवाल, बिहार CM पद पर BJP-JDU भिड़े

सोमवार, 9 मार्च 2026
Next Post
Sukhu

Chandigarh Assets पर Himachal का Big Claim, 7.19% हिस्सेदारी की मांग

X Social Media Platform Down

करोड़ों Users परेशान, अचानक Down हुआ Social Media Platform X

0 0 votes
Rating
Subscribe
Notify of
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments
The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

GN Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।