लखीमपुर में कैसी जुटी भीड़ और कौन है इस हिंसा के पीछे? जानें क्या बोलीं लखनऊ रेंज की IG लक्ष्मी सिंह

लखनऊ, 6 अक्टूबर (The News Air)
लखीमपुर खीरी में हिंसा मामले में लखनऊ रेंज की आईजी लक्ष्मी सिंह ने पत्रकारों द्वारा जब पूछा गया कि इस मामले में खालिस्तान की भी कोई भूमिका है तो उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच चल रही है. कि आख़िरकार वहाँ भीड़ कैसे जुटी और इसमें क्या किसी व्हाट्सएप ग्रुप का भी सहारा लिया गया था? उन्होंने कहा है कि केंद्रीय गृह राज मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा से पुलिस पूछताछ करेगी और पुलिस दफ़्तर बुलाकर पूछताछ होगी.

आईजी ने कहा है कि लखीमपुर खीरी में धारा 144 लागू है और हम किसी भी नेता को यहां आने की इजाज़त नहीं देंगे. पूरे मामले में जो एफआईआर दर्ज़ है उस पर हमारी सुपरविजन कमेटी जांच कर रही है और जो भी दोषी होंगे उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई होगी. उन्होंने कहा कि लखीमपुर खीरी के सभी सीमाओं को सील कर दिया गया है, चेकिंग की जा रही है किसी को आने नहीं देंगे.

लक्ष्मी सिंह ने कहा कि क़ानून व्यवस्था को बनाए रखना हमारी पहली प्राथमिकता है, लेकिन हम पूरी घटना की जांच कर रहे हैं न्यायिक जांच कमेटी भी अपनी जांच शुरू करने वाली है और हमारी कमेटी भी जांच कर रही है. वहीं इस हिंसा में जान गंवानेे वाले बहराइच के किसान गुरविंदर सिंह का बुधवार सुबह अंतिम संस्कार कर दिया गया. इससे पहले परिजन की मांग पर शव का दूसरी बार पोस्टमार्टम किया गया.

जान गंवान वाले चौथे किसान का बुधवार को हुआ अंतिम संस्कार- पुलिस अधीक्षक सुजाता सिंह ने बताया कि लखीमपुर खीरी हिंसा में जान गंवाने वाले किसान गुरविंदर सिंह का उनके परिजनों की मांग पर मंगलवार-बुधवार की रात दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया. पोस्टमार्टम की निगरानी के लिए चिकित्सकों का एक विशेषज्ञ पैनल लखनऊ से आया था. इस पैनल के निर्देशन में ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट जारी की जाएगी.
गौरतलब है कि रविवार को लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा में जान गंवाने वालों में दो किसान बहराइच के भी थे. इनमें से गुरविंदर सिंह ‘ज्ञानी जी’ (22) के परिजनों और किसान संगठनों ने मंगलवार को आरोप लगाया था कि गुरविंदर की मौत कनपटी पर गोली लगने से हुई है लेकिन लखीमपुर से आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली लगने का ज़िक्र नहीं है. परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया था और दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने की मांग की थी. मंगलवार शाम किसान नेता राकेश टिकैत भी अपने लाव लश्कर सहित बहराइच के मोहरनिया गांव पहुंचे थे. सरकार ने दोबारा पोस्टमार्टम की अनुमति देते हुए लखनऊ से पांच विशेषज्ञ चिकित्सकों का पैनल हेलीकॉप्टर से बहराइच भेजकर पोस्टमार्टम कराया. बुधवार तड़के क़रीब चार बजे पोस्टमार्टम सम्पन्न होने के बाद सुबह ही गांव में अंतिम संस्कार करा दिया गया.

हालांकि दोबारा हुए पोस्टमार्टम में किसान को गोली लगने की पुष्टि हुई या नहीं, अभी यह बात सामने नहीं आई है. ज़िलाधिकारी दिनेश चन्द्र सिंह ने कहा कि लखीमपुर की घटना में मारे गए बहराइच निवासी गुरविंदर सिंह के परिवार ने पोस्टमार्टम पर संदेह जताते हुए शव के दोबारा पोस्टमार्टम का अनुरोध किया था. किसान संगठन भी दोबारा पोस्टमार्टम की बात कह रहे थे. राज्य सरकार की अनुमति के बाद दोबारा पोस्टमार्टम किया गया और निष्पक्षता तथा पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी कराई गई है.

अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अशोक कुमार ने बताया कि मृतक किसान के शव का अंतिम संस्कार बुधवार सुबह उनके गांव मोहरनिया में कराया गया है. दाह संस्कार के समय किसान नेता राकेश टिकैत और उनके सहयोगी किसान संगठन के नेता, गोरखपुर ज़ोन के अपर पुलिस महानिदेशक अखिल कुमार, ज़िलाधिकारी दिनेश चन्द्र सिंह, पुलिस अधीक्षक सुजाता सिंह समेत पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे.

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