Hospitals में ग़ैर-ज़रूरी ऑपरेशन बंद करके COVID-19 मरीज़ों के लिए 75 % बैड आरक्षित किये जाएं

न्यूज ब्यूरो

चंडीगढ़, 21 अप्रैल:

राज्य में covid-19 के मरीज़ों को मानक स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए पंजाब की मुख्य सचिव श्रीमती विनी महाजन ने सभी अस्पतालों में ग़ैर-ज़रूरी ऑपरेशन तुरंत बंद करने के हुक्म जारी किये हैं। इसके साथ ही उन्होंने कोविड के दूसरी लहर से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए प्राईवेट अस्पतालों में कोविड मरीज़ों के लिए 75 प्रतिशत बैड आरक्षित करने के लिए निर्देश जारी किये हैं।

प्रशासकीय सचिवों, डिप्टी कमीश्नरों, पुलिस कमीश्नरों और एस.एस.पीज़ के साथ राज्य में covid-19 की स्थिति बारे एक जायज़ा मीटिंग के दौरान मुख्य सचिव ने लोगों को कोविड वैक्सीन लगवाने के लिए आगे आने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है और महामारी को हराने के लिए एकमात्र रास्ता है।

श्रीमती महाजन ने बताया कि कल गुरूवार को कोवीशील्ड वैक्सीन की 4 लाख से अधिक ख़ुराक पंजाब पहुँच जाएंगी। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को टीकाकरण मुहिम में और तेज़ी लाने के निर्देश भी दिए। 

उन्होंने कोविड के कारण पॉजिटिव आए मरीज़ों को एकांतवास के दौरान ‘कोरोना फतह किट’ और ‘फूड किट’ उसी दिन ही मुहैया करवाने के लिए कहा।

कोविन पोर्टल को रोज़ाना के आधार पर अपडेट करने को यकीनी बनाने के लिए डिप्टी कमीश्नरों को निर्देश देते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि नियमत तौर पर कोविड पोर्टल को अपडेट करने से वैक्सीन की उपलब्धता की मौजूदा स्थिति को जानने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि वैक्सीन की बर्बादी घटाई जाये और कोवैक्सीन वैक्सीनेशन सैंटर में स्थापित किये जाएँ। उन्होंने कहा कि वैक्सीनेशन सेंटर लोगों के और ज्यादा टीकाकरण के लिए उचित हैं और प्रति सैशन कम-से-कम 100 लाभपात्रीयों को इसके अंतर्गत लाना चाहिए।

उन्होंने सम्बन्धित विभागों को यह यकीनी बनाने के लिए कहा कि अगर वैक्सीन का प्रयोग अलग-अलग स्थानों पर नहीं होता तो यह जि़ला, सब-डिविजऩ और कम्युनिटी हैल्थ सैंटरों को जारी की जायें। सभी पेरीफेरियल सैंटर इन सैंटरों से सप्लाई प्राप्त करने और इस्तेमाल नहीं की गई वैक्सीन इन स्टोरों को ही वापिस की जायें।

कोविड के विरुद्ध जंग में धार्मिक और सामाजिक नेताओं की भागीदारी को यकीनी बनाने की हिदायतें जारी करते हुए श्रीमती महाजन ने बताया कि एस.जी.पी.सी. की प्रधान बीबी जगीर कौर ने इस बीमारी से लडऩे के लिए अपना पूरा समर्थन देने का भरोसा दिया है।

स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव श्री हुसन लाल ने मुख्य सचिव को बताया कि इस समय रोज़ाना 54,000 टैस्ट किये जा रहे हैं और इनमें और वृद्धि की जाएगी।

स्वास्थ्य और अगली कतार के वर्करों की अपनी ड्यूटी अति-संजीदगी और समर्पण की भावना निभाने के लिए पीठ थपथपाते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि ओपीडी मरीज़ों को टेस्टिंग और वैक्सीनेशन के लिए उत्साहित किया जाये। अपने घरों में एकांतवास में रह रहे अति-जोखिम वाले मरीज़ों के घरों में स्वास्थ्य टीमों द्वारा हर दो दिन बाद दौरा किया जाये। इसके साथ ही उन्होंने सैंपलिंग टीमों को मज़बूत बनाने और पाजि़टिव दर 5 प्रतिशत से नीचे लाने के लिए भी कहा।

ऑक्सीजन की कमी की अफ़वाहों के सम्बन्ध में उन्होंने कहा कि राज्य के पास उचित मात्रा में मैडीकल ऑक्सीजन मौजूद है और किसी भी व्यक्ति को ग़ैर कानूनी ढंग से ऑक्सीजन की जमाख़ोरी करने की आज्ञा नहीं दी जायेगी। उन्होंने कहा कि ग़ैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध सख़्त कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने जि़ला प्रशासकों को रोज़मर्रा के आधार पर ऑक्सीजन की माँग और सप्लाई बारे जानकारी मुहैया करवाने के लिए कहा।

मुख्य सचिव ने वैक्सीनेशन के लिए योग्य व्यक्तियों की लामबंदी के लिए ग्रामीण इलाकों में बीएलओ तैनात करने के लिए कहा। डिप्टी कमीश्नरों को कोविड के प्रबंधन के लिए अन्य विभागों से मानव संसाधन का प्रयोग करने के लिए अधिकृत किया है और सभी आरएओज़ और फार्मासिस्ट केवल सिविल सर्जनों के डिस्पोज़ल पर होंगे।

पंजाब पुलिस के डायरैक्टर श्री दिनकर गुप्ता ने मीटिंग दौरान बताया कि राज्य पुलिस राज्य सरकार द्वारा हाल ही में घोषित की गई पाबंदियों को सख़्त ढंग से लागू करने को यकीनी बना रही है। रात के कफ्र्य़ू और सभी तरह के जमावड़ों की सीमा के सम्बन्ध में पाबंदियों को उचित ढंग से लागू किया जा रहा है। 

उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान राज्यभर में कोविड-19 के नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध 130 मामले दर्ज किये गए हैं। इसके अलावा पुलिस ने 18 अपैल से मैरिज पैलसों, मॉल्स, होटलों, रैस्टोरैंटों आदि के 189 मालिकों के विरुद्ध कफ्र्य़ू समय और जलसे की सीमा का उल्लंघन करने के लिए मामले दर्ज किये हैं।

मीटिंग में स्वास्थ्य विभाग के सलाहकार डॉ. के.के तलवार, बाबा फऱीद यूनिवर्सिटी ऑफ हैल्थ साईंसिस के वाइस चांसलर डॉ. राज बहादुर और प्रो. राजेश कुमार, प्रमुख सचिव (उद्योग) श्री आलोक शेखर, प्रमुख सचिव (डॉक्टरी शिक्षा और खोज) श्री डीके तिवारी, एम.डी (एनएचएम) पंजाब श्री कुमार राहुल, एम.डी (पीएचएससी) तनु कश्यप, विशेष सचिव (स्वास्थ्य) श्री अमित कुमार, डायरैक्टर (स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. जी.बी सिंह, नोडल अफ़सर (कोविड-19) डॉ. राजेश भास्कर और अन्य सीनियर अधिकारी भी उपस्थित थे।

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