Home Loan Budget 2026: केंद्र सरकार के बजट 2026 के ऐलान के बाद से रियल एस्टेट सेक्टर में चर्चाओं का बाजार गर्म है। हर आम आदमी जो घर खरीदने का सपना देख रहा है, यह जानना चाहता है कि क्या अब प्रॉपर्टी के दाम सस्ते होंगे? बजट में रियल स्टेट को क्या मिला? इस पर बिल्डर्स इंडिया के एमडी दीपक राय का मानना है कि यह बजट लॉन्ग टर्म प्लानिंग के लिहाज से काफी अच्छा है, लेकिन घर सस्ता करने के लिए जमीन की कीमतों पर कुछ नहीं किया गया है।
घर खरीदने वालों के लिए Home Loan छूट बढ़ी
बजट 2026 में उन लोगों के लिए सबसे बड़ी राहत की बात है जो होम लोन लेकर अपना घर बना रहे हैं। सरकार ने होम लोन पर मिलने वाली टैक्स छूट की सीमा को 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 3.5 लाख रुपये कर दिया है।
इसका सीधा फायदा नौकरीपेशा लोगों को होगा जो होम लोन लेकर उसकी EMI चुका रहे हैं। अब उन्हें इनकम टैक्स रिटर्न में ज्यादा छूट मिलेगी, जिससे उनकी जेब पर सीधा असर पड़ेगा।
क्या अब प्रॉपर्टी के दाम सस्ते होंगे?
यह सवाल हर घर खरीदार के दिमाग में है। दीपक राय के मुताबिक, प्रॉपर्टी की कीमतें जमीन की कीमतों से जुड़ी होती हैं। कंस्ट्रक्शन कॉस्ट एक लिमिटेड होती है, लेकिन अगर जमीन की कॉस्ट कंट्रोल नहीं होगी, तो अफोर्डेबल यानी सस्ते घरों का सपना मुश्किल है।
इस बजट में सरकार ने जमीन की कीमतों पर कोई सीधा ऐलान नहीं किया है। इसलिए अभी के लिए प्रॉपर्टी के दाम घटने की कोई उम्मीद नहीं है।
NRI को टीडीएस में राहत, टियर-2 और 3 शहरों को मिलेगा बूस्ट
रियल स्टेट सेक्टर के लिए एक अहम ऐलान एनआरआई (NRI) के लिए किया गया है। सरकार ने उनके लिए टीडीएस (TDS) प्रोसेस को आसान कर दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे टियर-2 और टियर-3 शहरों में रियल स्टेट को काफी बढ़ावा मिलेगा। एनआरआई अब आसानी से भारत में प्रॉपर्टी में इन्वेस्ट कर पाएंगे, जिससे इन शहरों में प्रॉपर्टी की मांग बढ़ेगी।
REITs से लोकल इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा पैसा
बजट में रिट्स (REITs) को लेकर भी एक बदलाव किया गया है। सरकार का उद्देश्य फाइनेंसिंग को आसान बनाना है। अब लोकल लेवल पर डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट्स प्रोजेक्ट्स लाएंगे और लोकल ही फंड जनरेट करेंगे।
यह फंड फिर से लोकल इंफ्रास्ट्रक्चर में लगेगा, जो एक अच्छा कदम माना जा रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर विकास को गति मिलेगी।
मैन्युफैक्चरिंग को बूस्ट, रियल एस्टेट को फायदा
यह बजट मैन्युफैक्चरिंग को बूस्ट करने वाला है। रियल एस्टेट सेक्टर में करीब 200 आइटम खपत होते हैं। जितना हम स्थानीय स्तर पर मैन्युफैक्चर करेंगे, उतनी हमारी कॉस्ट कम आएगी।
अभी ज्यादातर लक्जरी सेगमेंट के आइटम्स को हम इंपोर्ट करते हैं। अगर हम उन्हें यहां बनाएंगे, तो इसका सीधा असर रियल एस्टेट की लागत पर पड़ेगा और इस सेक्टर को ओवरऑल एडवांटेज मिलेगा।
कंस्ट्रक्शन वर्कर्स के लिए कोई खास ऐलान नहीं
रियल स्टेट सेक्टर में कंस्ट्रक्शन वर्कर्स की बड़ी आबादी है। लेकिन इस बजट में उनके लिए कोई खास ऐलान नहीं किया गया है। दीपक राय का कहना है कि सरकार को ऐसे फैसले नहीं करने चाहिए जिससे प्रदूषण की वजह से कंस्ट्रक्शन रोक दिया जाए।
इससे निचले स्तर के लोगों की आय पर बुरा असर पड़ता है। उनका मानना है कि कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री 24 घंटे चलनी चाहिए क्योंकि देश को अभी तेजी से डेवलप करना है।
आम आदमी पर क्या पड़ेगा असर?
इस बजट का सबसे सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो होम लोन लेने वाले हैं या ले चुके हैं। उन्हें अब टैक्स में 1.5 लाख रुपये की अतिरिक्त छूट मिलेगी, जिससे उनकी बचत बढ़ेगी।
लेकिन जो लोग सस्ता घर खरीदने का सपना देख रहे थे, उन्हें थोड़ी निराशा हाथ लग सकती है, क्योंकि प्रॉपर्टी की कीमतों में तत्काल कोई गिरावट दिखने वाली नहीं है।
रोजगार का दूसरा सबसे बड़ा सेक्टर
खेती के बाद अगर कोई सेक्टर सबसे ज्यादा रोजगार देता है, तो वह है रियल स्टेट। इस सेक्टर में लाखों लोगों को रोजगार मिलता है, खासकर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स। इस बार के बजट में सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और एनआरआई निवेश पर फोकस किया है, ताकि इस सेक्टर को लॉन्ग टर्म में मजबूती मिल सके।
मुख्य बातें (Key Points)
- होम लोन पर टैक्स छूट की सीमा बढ़कर 3.5 लाख रुपये हो गई
- एनआरआई के लिए टीडीएस प्रोसेस आसान किया गया
- जमीन की कीमतों पर कोई नियंत्रण नहीं, प्रॉपर्टी सस्ती नहीं होगी
- मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने से रियल एस्टेट सेक्टर को अप्रत्यक्ष फायदा होगा








