Haryana Health Infrastructure Investment : हरियाणा सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। चंडीगढ़ में हुई बैठक में स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों के लिए लगभग ₹160 करोड़ के मेडिकल उपकरण और जीवन रक्षक दवाओं की खरीद को मंजूरी दी गई है।
यह फैसला स्पेशल हाई-पावर्ड परचेज कमेटी की बैठक के बाद लिया गया, जिसकी अध्यक्षता खुद स्वास्थ्य मंत्री ने की।
इस निर्णय का सीधा असर जिला और सिविल अस्पतालों की सुविधाओं पर पड़ेगा, जहां मरीजों को बेहतर जांच, इलाज और आपातकालीन सेवाएं मिल सकेंगी।

किस-किस उपकरण पर कितनी राशि मंजूर
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि कमेटी ने अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई अहम उपकरणों की खरीद को हरी झंडी दी है।
इनमें 6 ऑटोमेटेड हाई थ्रूपुट NAAT मशीनों के लिए ₹4 करोड़, टीबी मरीजों की जांच के लिए 40 ट्रूनेट मशीनों हेतु ₹6 करोड़ और सिविल अस्पतालों की लैब के लिए 36 ऑटोमैटिक हेमेटोलॉजी एनालाइजर के लिए ₹9.79 करोड़ शामिल हैं।
इसके अलावा ICU सेवाओं को मजबूत करने के लिए 1156 सिरिंज इन्फ्यूजन पंप की खरीद पर ₹5.22 करोड़ खर्च होंगे।
ट्रॉमा और इमरजेंसी सेवाओं पर खास फोकस
NCR क्षेत्र और अन्य जिलों में ट्रॉमा सेवाओं को अपग्रेड करने के लिए कई अहम फैसले लिए गए।
इनमें 26 ऑर्थोपेडिक बैटरी ऑपरेटेड कॉर्डलेस ड्रिल सिस्टम के लिए ₹4.64 करोड़, 24 फ्लैट पैनल C-आर्म सिस्टम के लिए ₹5.80 करोड़ और 22 डिजिटल रेडियोग्राफी सिस्टम के लिए ₹24.95 करोड़ की मंजूरी दी गई।
इसके साथ ही 134 रेट्रोफिट डिजिटल रेडियोग्राफी सिस्टम पर ₹14.76 करोड़ और 70 एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस के लिए ₹33.78 करोड़ का रेट कॉन्ट्रैक्ट फाइनल किया गया है।
दवाओं की उपलब्धता पर भी बड़ा फैसला
सिर्फ उपकरण ही नहीं, बल्कि लगभग ₹30 करोड़ की जरूरी दवाओं के रेट कॉन्ट्रैक्ट भी अंतिम रूप दिए गए हैं।
इनमें कुत्ते के काटने के मामलों में इस्तेमाल होने वाला एंटी-रेबीज इम्यूनोग्लोबुलिन, संक्रमण के इलाज की एंटीबायोटिक्स, दर्द निवारक दवाएं और रोजमर्रा की मेडिकल कंज्यूमेबल्स शामिल हैं।

आम मरीजों को क्या फायदा होगा (Human Impact)
इन फैसलों से सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए मरीजों को निजी अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
बेहतर जांच मशीनें, ICU उपकरण और एंबुलेंस सेवाएं सीधे तौर पर गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों के इलाज को समय पर और प्रभावी बनाएंगी।
जानें पूरा मामला
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि यह खरीद इस उद्देश्य से की गई है ताकि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में जरूरी दवाओं और उपकरणों की निरंतर उपलब्धता बनी रहे। इससे मरीजों को समय पर और अच्छी गुणवत्ता का इलाज मिल सकेगा। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल, FDA हरियाणा के कमिश्नर डॉ. मनोज कुमार और स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक डॉ. मनीष बंसल भी मौजूद रहे।
विश्लेषण (Analysis)
हरियाणा सरकार का यह कदम बताता है कि राज्य अब इलाज के साथ-साथ हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को दीर्घकालिक रूप से मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रहा है।
डायग्नोस्टिक मशीनों से लेकर एडवांस्ड एंबुलेंस तक, यह निवेश भविष्य में महामारी या बड़े स्वास्थ्य संकट से निपटने की क्षमता भी बढ़ाएगा।
मुख्य बातें (Key Points)
- हरियाणा में ₹160 करोड़ के मेडिकल उपकरणों की मंजूरी
- ICU, लैब और ट्रॉमा सेवाओं को मिलेगा बड़ा अपग्रेड
- ₹30 करोड़ की जरूरी दवाओं के रेट कॉन्ट्रैक्ट फाइनल
- सरकारी अस्पतालों में इलाज की गुणवत्ता बेहतर होगी








