Haryana British Columbia Cooperation : चंडीगढ़ में 17 जनवरी को हरियाणा और कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के बीच सहयोग को नई दिशा मिली। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के प्रीमियर डेविड एबी के नेतृत्व में आए उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की।
इस बैठक में आर्थिक, औद्योगिक और तकनीकी क्षेत्रों में साझेदारी को मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा हुई।
मुलाकात का उद्देश्य दोनों प्रांतों के बीच निवेश, व्यापार और रोजगार के नए अवसरों को आगे बढ़ाना रहा, ताकि साझा विकास की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें।
क्लीन एनर्जी और टेक्नोलॉजी पर फोकस
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य–प्रांत स्तर का सहयोग भारत–कनाडा संबंधों को मजबूती देता है। उन्होंने बताया कि ब्रिटिश कोलंबिया क्लीन टेक्नोलॉजी, पर्यावरण-अनुकूल नीतियों और नवाचार में अग्रणी है, जबकि हरियाणा भारत के प्रमुख औद्योगिक राज्यों में शामिल है।
दोनों की क्षमताएं एक-दूसरे के लिए पूरक हैं, जिससे दीर्घकालिक आर्थिक लाभ संभव है।
उन्होंने रिन्यूएबल एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन, एनर्जी स्टोरेज और ऊर्जा-कुशल औद्योगिक प्रक्रियाओं में संयुक्त रूप से काम करने का आह्वान किया।
ट्रेड और निवेश को लेकर क्या कहा गया
मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा–कनाडा के बीच व्यापार वर्तमान में लगभग 280 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच चुका है।
इंजीनियरिंग गुड्स, ऑटो कंपोनेंट्स, आईटी सर्विसेज और प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट्स जैसे क्षेत्रों में यह व्यापार लगातार बढ़ रहा है। ब्रिटिश कोलंबिया के माध्यम से हरियाणा के निर्यात को कनाडा के अन्य हिस्सों तक विस्तार दिया जा सकता है।
डिजिटल, एग्री-फूड और स्किल डेवलपमेंट में सहयोग
बैठक में डिजिटल और आईटी सेक्टर में एआई आधारित समाधान, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और तकनीकी नवाचारों पर संयुक्त परियोजनाओं की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
एग्री-फूड सेक्टर में वैल्यू-एडेड एग्रीकल्चर, कोल्ड-चेन, फूड सेफ्टी और निर्यात से जुड़े अनुभव साझा करने पर सहमति बनी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्किल डेवलपमेंट और शिक्षा हरियाणा की प्राथमिकताओं में हैं। उद्योग आधारित कौशल प्रशिक्षण, छात्र और फैकल्टी एक्सचेंज कार्यक्रमों से दोनों प्रांतों को लाभ होगा।
हरियाणा में कनाडाई कंपनियों की मौजूदगी
मुख्यमंत्री ने बताया कि कई प्रमुख कनाडाई कंपनियां पहले से हरियाणा में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा चुकी हैं।
गुरुग्राम में सन लाइफ ग्लोबल सॉल्यूशंस और ब्रुकफील्ड इंडिया रीट जैसी कंपनियों के चलते हरियाणा कनाडाई व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बनता जा रहा है।
आम लोगों पर असर (Human Impact)
इस सहयोग से हरियाणा में निवेश बढ़ने, नए उद्योग आने और रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
तकनीकी नवाचार और स्किल डेवलपमेंट के जरिए युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर की दक्षता हासिल करने का मौका मिलेगा।
जानें पूरा मामला
बैठक के दौरान यह उम्मीद जताई गई कि प्राथमिक क्षेत्रों की पहचान कर हरियाणा और ब्रिटिश कोलंबिया के बीच जल्द ही एमओयू या लेटर ऑफ इंटेंट जैसे औपचारिक समझौते किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि हरियाणा सरकार इस साझेदारी को दीर्घकालिक और परिणामोन्मुख बनाना चाहती है, ताकि आर्थिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण और साझा समृद्धि सुनिश्चित हो सके।
विश्लेषण (Analysis)
हरियाणा और ब्रिटिश कोलंबिया के बीच यह संवाद केवल औपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि रणनीतिक साझेदारी की शुरुआत है।
क्लीन एनर्जी, टेक्नोलॉजी और स्किल डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में सहयोग भविष्य में हरियाणा को वैश्विक निवेश मानचित्र पर और मजबूत स्थिति दिला सकता है। यह बैठक संकेत देती है कि राज्य सरकार अंतरराष्ट्रीय सहयोग को संस्थागत रूप देने की दिशा में गंभीरता से आगे बढ़ रही है।
मुख्य बातें (Key Points)
- हरियाणा और ब्रिटिश कोलंबिया के बीच सहयोग को नई गति
- क्लीन एनर्जी, टेक्नोलॉजी और लॉजिस्टिक्स पर सहमति
- हरियाणा–कनाडा व्यापार लगभग 280 मिलियन डॉलर
- निवेश, रोजगार और स्किल डेवलपमेंट पर जोर








