Haryana bank fraud AAP Punjab: पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने पड़ोसी राज्य हरियाणा में हुए 550 करोड़ रुपये से ज्यादा के बैंक घोटाले को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार ने 2022 में सत्ता संभालते ही एनआईसी (NIC) की सहायता से आधुनिक ई-डिपॉजिट मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया, जिससे बैंकिंग सेक्टर में किसी भी तरह के फ्रॉड की गुंजाइश ही खत्म हो गई है।
वित्त मंत्री चीमा ने कहा कि भाजपा नई टेक्नोलॉजी अपनाने में पूरी तरह फेल है, जिसकी वजह से हरियाणा में लोगों के पैसे की लूट हो रही है। उन्होंने कहा, “जहां भाजपा की सरकार है, वहां लगातार फ्रॉड हो रहे हैं और लोगों का पैसा बैंकिंग सेक्टर के जरिए लूटा जा रहा है।”
पंजाब का ई-डिपॉजिट सिस्टम कैसे करता है काम?
वित्त मंत्री चीमा ने बताया कि 2022 में पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद बैंकिंग सेक्टर को और मजबूत करने के लिए एनआईसी (NIC) की मदद से ई-डिपॉजिट मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया गया। उन्होंने बताया कि इस सिस्टम के तहत पंजाब के सभी सरकारी विभाग, कॉर्पोरेशन, बोर्ड, संस्थान और अंडरटेकिंग्स जब भी अपना पैसा बैंक में डिपॉजिट करना चाहते हैं, तो उन्हें ओपन बिड की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।
उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार ने 21 बैंकों को पैनल पर लिया हुआ है। जब इन 21 बैंकों में बिड होती है तो जो बैंक सबसे ज्यादा ब्याज दर देता है, उस बैंक के पास संबंधित बोर्ड, कॉर्पोरेशन या संस्थान अपना पैसा डिपॉजिट करवाता है। इससे सरकारी खजाने को ज्यादा से ज्यादा ब्याज की कमाई होती है। उन्होंने बताया कि ये डिपॉजिट 15 दिन, एक महीने, छह महीने या नौ महीने के होते हैं।
हरियाणा में क्यों हुआ इतना बड़ा घोटाला?
हरियाणा में हुए 550 करोड़ के बैंक घोटाले पर निशाना साधते हुए चीमा ने कहा कि पड़ोसी राज्य में ऐसा कोई भी तंत्र (मैकेनिज्म) नहीं बनाया गया, जिसकी वजह से भारतीय जनता पार्टी की सरकार के दौरान इतना बड़ा फ्रॉड हुआ। उन्होंने कहा कि भाजपा नई टेक्नोलॉजी को देशभर में अपनाने में असफल रही है, जबकि आम आदमी पार्टी की सरकार हमेशा ही लेटेस्ट तकनीकें अपनाती रही है।
चीमा ने तीखे शब्दों में कहा, “भाजपा के लोगों ने बैंकिंग सेक्टर में भी चोर-मोरियां रखी हुई हैं। जबकि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार आने के बाद पुरानी सरकारों के समय जहां भी कहीं चोरी होती थी, वे सारी खामियां (लूपहोल) बंद की गई हैं।”
पंजाब में फ्रॉड की गुंजाइश खत्म
वित्त मंत्री ने गर्व से कहा कि ई-डिपॉजिट मैनेजमेंट सिस्टम एक बहुत बेहतरीन व्यवस्था है, जो आम आदमी पार्टी की सरकार ने 2022 में लागू की थी और इसकी वजह से पंजाब में किसी भी तरह का कोई भी बैंकिंग फ्रॉड नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि इस सिस्टम की देखरेख के लिए एक बैंक का सीनियर अधिकारी और एक पंजाब सरकार का सीनियर अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, ताकि किसी भी तरह का और किसी भी स्तर का फ्रॉड न हो सके।
उन्होंने बताया कि 2022 से लेकर अब तक लगातार हर महीने लगभग 100 से 150 बिड्स पंजाब के अलग-अलग संस्थानों, कॉर्पोरेशनों, बोर्डों और विभागों की ओर से की जाती हैं। यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और इसमें किसी भी तरह की धोखाधड़ी की कोई संभावना नहीं है।
‘जानें पूरा मामला’
हरियाणा में हाल ही में 550 करोड़ रुपये से अधिक के बैंक घोटाले का मामला सामने आया है। इस घोटाले में सरकारी फंड के गबन के आरोप हैं। इसी बीच पंजाब के वित्त मंत्री ने अपने राज्य की पारदर्शी बैंकिंग प्रणाली को उजागर करते हुए भाजपा शासित हरियाणा पर निशाना साधा है। पंजाब सरकार द्वारा 2022 में लागू किया गया ई-डिपॉजिट मैनेजमेंट सिस्टम न सिर्फ सरकारी फंड की सुरक्षा सुनिश्चित करता है, बल्कि सबसे ज्यादा ब्याज दर वाले बैंक का चयन कर राजस्व में भी वृद्धि करता है। यह प्रणाली पारदर्शिता और जवाबदेही की मिसाल पेश करती है।
मुख्य बातें (Key Points)
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने हरियाणा में भाजपा सरकार के दौरान हुए 550 करोड़ के बैंक घोटाले की निंदा की।
पंजाब में 2022 से ई-डिपॉजिट मैनेजमेंट सिस्टम लागू है, जिससे फ्रॉड की गुंजाइश खत्म हो गई है।
इस सिस्टम में 21 बैंकों के पैनल से ओपन बिड के जरिए सबसे ज्यादा ब्याज देने वाले बैंक में सरकारी फंड जमा होता है।
चीमा ने आरोप लगाया कि भाजपा नई टेक्नोलॉजी अपनाने में फेल है, जिससे हरियाणा में लोगों के पैसे की लूट हो रही है।
पंजाब सरकार ने इस सिस्टम की निगरानी के लिए बैंक और सरकार के वरिष्ठ अधिकारी नियुक्त किए हैं।








