हरभजन सिंह ने सरकारी नौकरी छोड़ राजनीति चुनी: 2017 में हार के बाद..

The News Air- अमृतसर- पंजाब के अमृतसर जिले के जंडियाला विधानसभा के विधायक हरभजन सिंह ETO आम आदमी पार्टी (AAP) के उन नेताओं में से एक हैं, जिन्होंने सरकारी नौकरी छोड़ राजनीति को चुना है। विधायक हरभजन को पहली बार में ही सफलता नहीं मिली, लेकिन उनकी हिम्मत व सब्र ने उन्हें 2022 के चुनावों में जीत दिलाई। उनके इसी स्वभाव ने आज उन्हें मंत्री पद पर बैठा दिया है।

हरभजन सिंह पहले अध्यापक थे। जंडियाला स्थित सरकारी स्कूल में संबोधन करते हुए विधायक ने बताया था कि पढ़ाई पूरी करने के बाद वह अध्यापक बने, लेकिन उनमें आगे बढ़ने की लालसा थी। 2012 में उन्होंने PCS की परीक्षा दी और सफल हुए। उन्होंने एक्साइज एंड टैक्सेशन विभाग मिला। पांच साल इस विभाग में सेवा की। 2017 में आम आदमी पार्टी से प्रभावित हुए और रिटायरमेंट ले ली। 2017 में भी जंडियाला से मैदान में उतरे, लेकिन कांग्रेस के डैनी बंडाला से हार का मुंह देखना पड़ा।

हार कर भी नहीं रूके

हरभजन सिंह ने 2017 की हार के बाद भी हिम्मत नहीं हारी। इस दौरान उन्होंने लॉ की डिग्री करनी शुरू कर दी। 2018-21 में उन्होंने लॉ की डिग्री भी प्राप्त कर ली, लेकिन राजनीति नहीं छोड़ी। उन्होंने अपना लक्ष्य 2022 बना रखा था। पांच साल में वह लोगों से मिलते रहे और अपना संपर्क बढ़ाते रहे। इसका ही फायदा 2022 में हुआ और उन्होंने डैनी बंडाला को 25 हजार से अधिक वोटों से हराकर जीत हासिल कर ली।

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