Gurmeet Ram Rahim Parole : हरियाणा में एक बार फिर सियासी और सामाजिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। 3 जनवरी की शाम रोहतक की सुनारिया जेल में बंद Gurmeet Ram Rahim को 40 दिनों की पैरोल मंजूर कर दी गई। यह फैसला ऐसे समय आया है, जब वह दो साध्वियों से रेप और पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में सजा काट रहा है।
बुधवार शाम पैरोल को मंजूरी मिलने के बाद जेल प्रशासन ने उसकी रिहाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। तय शर्तों के तहत, पैरोल की अवधि में राम रहीम हरियाणा के सिरसा स्थित Dera Sacha Sauda में रहेगा और उसकी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी।

15वीं बार जेल से बाहर
यह पहला मौका नहीं है जब राम रहीम को पैरोल मिली हो। 40 दिनों की यह पैरोल उसकी 15वीं रिहाई है। इससे पहले भी उसे अलग-अलग अवधि के लिए जेल से बाहर आने की अनुमति मिल चुकी है, जिसे लेकर हर बार सवाल उठते रहे हैं।
सुनारिया जेल से रिहाई की तैयारी
रोहतक की Sunaria Jail में बंद राम रहीम की रिहाई को लेकर जेल प्रशासन ने सभी औपचारिकताएं शुरू कर दी हैं। पैरोल के दौरान उस पर निगरानी रखे जाने की बात कही गई है, ताकि किसी भी नियम का उल्लंघन न हो।
हरियाणा सरकार का फैसला
40 दिन की पैरोल को Haryana Government की मंजूरी के बाद हरी झंडी मिली है। सरकार की ओर से यह साफ किया गया है कि पैरोल के दौरान नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।

आम जनता और पीड़ितों पर असर
राम रहीम की बार-बार पैरोल से बाहर आने की खबर पीड़ितों और आम जनता के बीच सवाल खड़े करती है। एक ओर कानून के तहत पैरोल की प्रक्रिया है, तो दूसरी ओर गंभीर अपराधों में सजा काट रहे व्यक्ति की रिहाई सामाजिक संवेदनाओं को झकझोरती है।
क्या है पृष्ठभूमि
गुरमीत राम रहीम को दो साध्वियों से रेप और पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था। वह लंबे समय से सजा काट रहा है, लेकिन अलग-अलग कारणों से उसे पैरोल मिलती रही है, जिससे हर बार विवाद खड़ा होता है।
मुख्य बातें (Key Points)
- गुरमीत राम रहीम को 40 दिनों की पैरोल मंजूर
- 15वीं बार जेल से बाहर आएगा डेरा प्रमुख
- रोहतक की सुनारिया जेल से रिहाई की प्रक्रिया शुरू
- पैरोल के दौरान सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा में रहेगा
- गतिविधियों पर रखी जाएगी कड़ी निगरानी
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न








