चक्रवात ‘तौकते’ ‘‘बहुत ही गंभीर चक्रवाती तूफान” में बदला, गुजरात तट की ओर जा रहा है बढ़ता

नई दिल्ली, 16 मई

चक्रवात ‘तौकते’ ‘‘बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान” में बदल गया है और वह गुजरात तट की ओर बढ़ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने रविवार को बताया, “ इसके उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ने और 17 (मई) की शाम तक गुजरात तट पर पहुंचने की बहुत संभावना है और यह 18 मई को तड़के पोरबंदर और (भावनगर जिले में) महुवा के बीच से राज्य के तट को पार करेगा।” आईएमडी ने कहा कि उसने गुजरात तथा दमन एवं दीव के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। आईएमडी के चक्रवात चेतावनी प्रभाग के मुताबिक, 18 मई तक हवा की गति 150-160 किलोमीटर प्रति घंटे तक बढ़ने के आसार हैं जबकि कुछ वक्त के लिए हवा की गति 175 किलोमीटर प्रति घंटे तक भी पहुंच सकती हैं।

आईएमडी ने बताया कि दक्षिण महाराष्ट्र-गोवा तथा इससे सटे हुए कर्नाटक के तटों पर हवा की गति 70-80 से लेकर 90 किलोमीटर प्रतिघंटे तक हो सकती है और 16 मई को उत्तर महाराष्ट्र के तटों के पास हवा की गति 40-50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है। उसने बताया कि वायु की गति महाराष्ट्र के तट पर 17 मई से 18 मई की सुबह तक 65-75 किलोमीटर से लेकर 85 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है।  उत्तर पूर्वी अरब सागर और गुजरात तट पर (पोरबंदर, जूनागढ़, गिर सोमनाथ, अमरेली) तथा अपतटीय इलाकों पर हवा की रफ्तार 150-160 से 175 किलोमीटर प्रति घंटे हो सकती है तथा 18 मई को तड़के देवभूमि, द्वारका, जामनगर और भावनगर जिलों में हवा की रफ्तार 120-150 से लेकर 165 किलोमीटर प्रतिघंटे हो सकती है। आईएमडी ने कहा कि जूनागढ़ में समुद्र में करीब तीन मीटर ऊंची लहरें उठ सकती हैं जबकि तूफान के तट के टकराने के दौरान दीव, गिर सोमनाथ, अमरेली, भरूच, भावनगर, अहमदाबाद, आणंद और सूरत में एक-2.5 मीटर ऊंची लहरें उठ सकती हैं तथा इलाकों में पानी भर सकता है।

बेंगलुरू : चक्रवात तौकते कर्नाटक के तटीय और मलनाड जिले के आसपास कहर बरपा रहा है। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि राज्य में अभी तक इस चक्रवात के कारण 4 लोगों की मौत हुई है। दक्षिण कन्नड़, उडुपी, उत्तर कन्नड़, कोडागु, शिवमोगा, चिकमंगलुरू और हासन जिलों के 73 गांव और 17 तालुका चक्रवात से अभी तक प्रभावित हुए हैं। 73 प्रभावित गांवों में 28 गांव उडुपी जिले के हैं। रिपोर्ट के मुताबिक अभी तक 318 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है और 11 राहत शिविरों में 298 लोगों को रखा गया है। इसमें बताया गया कि 112 घर, 139 खंभे, 22 ट्रांसफॉर्मर, चार हेक्टेयर बागान को क्षति हुई है।

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