SSF Vehicle Purchase Probe : पंजाब सरकार की महत्त्वाकांक्षी ‘सड़क सुरक्षा फोर्स’ (SSF) के लिए खरीदी गईं 144 टोयोटा हिलक्स गाड़ियां अब जांच के घेरे में आ गई हैं। पंजाब के गवर्नर गुलाब चंद कटारिया के आदेश के बाद राज्य सरकार के गृह विभाग ने इसकी जांच पुलिस महानिदेशक (DGP) को सौंप दी है।
कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा ने इस खरीद में लगभग 14.50 करोड़ रुपये के गबन का आरोप लगाया था। जांच के आदेश 31 अक्टूबर 2025 को जारी किए गए थे और 15 दिनों के भीतर (यानी 15 नवंबर तक) रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।
खैहरा ने लगाए थे ₹14.50 करोड़ के गबन के आरोप
सुखपाल खैहरा ने तीन महीने पहले यह मुद्दा उठाया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि 2024 में सड़क सुरक्षा फोर्स के लिए 144 टोयोटा हिलक्स वाहन खरीदते समय सरकार ने कंपनी से मिलने वाली छूट का लाभ नहीं उठाया। खैहरा के मुताबिक, आम ग्राहकों को उसी वाहन पर 10 लाख रुपये तक की छूट दी जा रही थी।
खैहरा का दावा है कि अगर सरकार ने इस छूट का लाभ उठाया होता, तो 144 वाहनों की खरीद पर सरकारी खजाने को करीब 14.50 करोड़ रुपये की बचत होती। उन्होंने आशंका जताई थी कि यह छूट की राशि किसी ने नकद में तो नहीं ले ली।

CM और DGP की चुप्पी पर उठाए थे सवाल
खैहरा ने DGP के पास शिकायत दर्ज कराई थी और इस ‘संदिग्ध’ सौदे की जांच की मांग की थी। उन्होंने सीएम भगवंत मान और डीजीपी की चुप्पी पर भी सवाल उठाए थे, जिससे संदेह और गहरा गया था।
जनवरी 2024 में शुरू हुई थी SSF
पंजाब में ‘सड़क सुरक्षा फोर्स’ योजना जनवरी 2024 में शुरू की गई थी। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 144 हाईटेक टोयोटा हिलक्स गाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इस फोर्स का उद्देश्य सड़क हादसों में घायलों को तुरंत मदद पहुंचाना है। सरकार का दावा है कि अब तक इससे करीब 40 हजार लोगों को सहायता मिली है।
मुख्य बातें (Key Points):
- पंजाब गवर्नर ने SSF के लिए खरीदी गईं 144 गाड़ियों की जांच के आदेश दिए हैं।
- कांग्रेस विधायक सुखपाल खैहरा ने खरीद में ₹14.50 करोड़ के गबन का आरोप लगाया था।
- खैहरा का दावा है कि सरकार ने कंपनी से मिलने वाली 10 लाख रुपये प्रति वाहन की छूट नहीं ली।
- पंजाब के DGP को 15 नवंबर 2025 तक जांच रिपोर्ट सौंपनी है।








