बुधवार, 4 मार्च 2026
The News Air
No Result
View All Result
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result
Home Breaking News

खुशखबरी: पाकिस्तान बॉर्डर पर बेरोकटोक खेती करेंगे किसान, गृह मंत्री शाह के साथ बैठक में बनी सहमति

बॉर्डर पर बेरोकटोक खेती: CM मान की बड़ी जीत, कंटीली तार शिफ्ट करने पर केंद्र सहमत!

The News Air Team by The News Air Team
शनिवार, 17 जनवरी 2026
A A
0
Punjab Border Farming Victory 2026
105
SHARES
697
VIEWS
ShareShareShareShareShare
Google News
WhatsApp
Telegram

Punjab Border Farming Victory : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और पंजाब से संबंधित विभिन्न लंबित मुद्दों के जल्द और समयबद्ध समाधान के लिए विचार-विमर्श किया, जिनमें सीमावर्ती सुरक्षा प्रबंध, कृषि संकट, अंतरराज्यीय पानी संबंधी विवाद और केंद्र द्वारा ग्रामीण विकास फंड के बकाए की अदायगी में देरी शामिल है। इसके साथ ही सीमावर्ती सुरक्षा दीवार जीरो लाइन से काफी दूर होने के कारण किसानों को पेश मुश्किलों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय सीमा और कंटीली तार के बीच पड़ने वाली कृषि योग्य भूमि के बड़े हिस्से पर चिंता व्यक्त की, जिसके कारण किसानों को अपने खेतों तक पहुंचने के लिए रोजाना इसे पार करना पड़ता है।

पंजाब के मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित बीज बिल 2025, अनसुलझे सतलुज यमुना लिंक (एस.वाई.एल) विवाद, एफ.सी.आई. द्वारा अनाज की धीमी ढुलाई, आढ़तिया कमीशन रोकने, ग्रामीण विकास फंड (आर.डी.एफ.) और मार्केट फीसों का भुगतान न करने और चंडीगढ़ प्रशासन में पंजाब की भूमिका को घटाने संबंधी पंजाब के एतराज उठाते हुए इन मुद्दों के तुरंत और समयबद्ध समाधान की मांग की।

प्रस्तावित बीज बिल 2025 पर गंभीर एतराज उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब एक कृषि प्रधान राज्य है और देश के अन्न भंडार में महत्वपूर्ण योगदान देता है, फिर भी बीज बिल का खाका संबंधित धारा तहत शेड्यूल अनुसार राज्य की प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित नहीं बनाता। बिल में पेश किया गया जोन आधारित सिस्टम मौजूदा प्रणाली के विपरीत, केंद्रीय बीज समिति में पंजाब की प्रतिनिधित्व की गारंटी नहीं देता, जिससे बीज क्षेत्र को सीधे प्रभावित करने वाले फैसलों में राज्य की आवाज दबाई गई है।”

पंजाब के मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “प्रस्तावित बीज बिल में राज्य की मौजूदा शक्ति को घटा दिया गया है क्योंकि बीज रजिस्ट्रेशन में राज्य बीज समिति की कोई भूमिका नहीं है और खाके में उन किसानों के लिए एक मजबूत मुआवजा ढांचा सुनिश्चित बनाने के बारे में भी कोई बात नहीं की गई, जिन्हें रजिस्टर्ड बीज संबंधी दर्शाए नतीजे न मिलने के कारण नुकसान होता है।”

मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि विदेशों में टेस्ट की गईं और छोड़ी गईं बीज किस्मों को पंजाब और अन्य राज्यों में आयात व बिक्री के लिए राज्य के कृषि-जलवायु हालात तहत अनिवार्य स्थानीय टेस्टिंग के बिना अनुमति दी गई है, जिससे किसानों के लिए गंभीर जोखिम पैदा हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कृषि पंजाब की रीढ़ की हड्डी है, जहां किसान फसलें उगाते हैं, उपज का कुछ हिस्सा बेचते हैं और अगले सीजन के लिए बीज संभालकर रखते हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को बीजों के लिए पूरी तरह कंपनियों पर निर्भर करने के लिए मजबूर करना न तो उचित है और न ही किसानों के हित में है। उन्होंने अपील की कि बिल को मौजूदा रूप में संसद के सामने नहीं लाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री ने समस्याओं की जांच का भरोसा दिया है।

नदियों के पानी के बारे में पंजाब के स्पष्ट स्टैंड को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब के पास किसी अन्य राज्य के साथ साझा करने के लिए कोई अतिरिक्त पानी नहीं है। सतलुज, रावी और ब्यास के पानी की उपलब्धता में काफी कमी आई है और इसलिए सतलज यमुना लिंक नहर का निर्माण व्यावहारिक नहीं है।”

उन्होंने कहा कि इन नदियों के 34.34 एम.ए.एफ. पानी में से पंजाब को सिर्फ 14.22 एम.ए.एफ. आवंटित किया गया था, जो लगभग 40 प्रतिशत है और बाकी 60 प्रतिशत हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान को आवंटित किया गया था। हालांकि इनमें से कोई भी नदी वास्तव में इन राज्यों से नहीं बहती। उन्होंने कहा कि यह पंजाब के साथ घोर अन्याय है और इस नहर को बनाने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता क्योंकि यह राज्य और इसके लोगों के हितों के पूरी तरह विरुद्ध है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आगे पंजाब का स्टैंड स्पष्ट है कि किसी अन्य राज्य को देने के लिए अतिरिक्त पानी नहीं है।

यह भी पढे़ं 👇

Cockroaches in Coffee

Cockroaches in Coffee: क्या सच में कॉफी में होते हैं कॉकरोच?

बुधवार, 4 मार्च 2026
Mojtaba Khamenei Iran New Supreme Leader

Mojtaba Khamenei Iran New Supreme Leader : अरबों के मालिक हैं ईरान के नए सुप्रीम लीडर

बुधवार, 4 मार्च 2026
Bihar Board 12th Result 2026

Bihar Board 12th Result 2026: मार्च के अंत तक आ सकता है रिजल्ट!

बुधवार, 4 मार्च 2026
Trump

US Iran War: ईरान के बाद Trump का Ecuador में नया ऑपरेशन शुरू!

बुधवार, 4 मार्च 2026

अनाज की ढुलाई और भंडारण की समस्या को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “एफ.सी.आई. द्वारा पिछले पांच महीनों में राज्य से सिर्फ 4 से 5 लाख मीट्रिक टन गेहूं और 5 से 6 लाख मीट्रिक टन चावलों की ही ढुलाई की जा रही है। खरीफ मंडीकरण सीजन 2025-26 के 95 लाख मीट्रिक टन चावलों की डिलीवरी की जानी है लेकिन इस समय सिर्फ 20 लाख मीट्रिक टन जगह उपलब्ध है।”

उन्होंने कहा कि खरीफ खरीद सीजन 2025-26 के कस्टम मिल्ड चावलों की समय पर डिलीवरी और 01.04.2026 से शुरू होने वाले रबी मंडीकरण सीजन (आर.एम.एस.) 2026-27 के दौरान गेहूं के भंडारण के लिए जगह की उचित उपलब्धता सुनिश्चित बनाने के लिए राज्य से कम से कम 20 लाख मीट्रिक टन अनाज (गेहूं और चावल के लिए 10-10 एल.एम.टी.) की मासिक ढुलाई करना जरूरी है। उन्होंने स्टॉक की ढुलाई के लिए विशेष रेल गाड़ियां चलाने की अपील करते हुए कहा कि पंजाब राष्ट्रीय पूल में लगभग 125 एल.एम.टी. गेहूं का योगदान देता है और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के लिए उचित स्टोरेज जरूरी है।

आढ़तिया कमीशन के मुद्दे पर बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आढ़तिया कमीशन को 2019-20 के खरीद सीजन से पंजाब कृषि उत्पाद और मार्केटिंग एक्ट 1961 के उपबंधों के विपरीत फ्रीज किया गया है और इस समय गेहूं के लिए कमीशन 46 रुपए प्रति क्विंटल और धान के लिए 45.88 रुपए प्रति क्विंटल तक सीमित किया गया है।”

उन्होंने बताया कि साइलोज पर अनाज की खरीद के लिए आढ़तिया कमीशन घटाकर रेगुलर मंडियों के मुकाबले आधा कर दिया गया है और जनवरी 2024 में आढ़तिया कमीशन की संशोधन के लिए गठित कमेटी ने अभी तक कोई फैसला नहीं लिया है। उन्होंने कहा, “आढ़तिए एजेंट नहीं हैं, वे जरूरी सेवाएं प्रदान करते हैं और उन्हें बनता हक मिलना चाहिए। कमीशन में संशोधन में हो रही देरी के कारण राज्य की निर्विघ्न खरीद प्रक्रिया में अड़ंगा पैदा हो सकता है और दरों को जल्द अंतिम रूप दिया जाना चाहिए।”

ग्रामीण विकास फंड की अदायगी न होने का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “संबंधित पंजाब एक्टों के तहत स्पष्ट कानूनी उपबंधों के बावजूद राज्य सरकार को आर.डी.एफ. की अदायगी नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि भले ही राज्य सरकार ने भारत सरकार की हिदायतों के तहत पंजाब ग्रामीण विकास एक्ट में संशोधन किया है लेकिन दुख की बात है कि खरीफ खरीद सीजन 2021-22 से आर.डी.एफ. की इजाजत नहीं दी गई है।”

उन्होंने बताया कि आर.डी.एफ. के 9030.91 करोड़ रुपए और मार्केट फीस के 2267.83 करोड़ रुपए लंबित हैं। उन्होंने कहा कि बनता हिस्सा न मिलने के कारण ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विकास पर बुरा प्रभाव पड़ा है। उन्होंने कहा कि “आर.डी.एफ. कोई चैरिटी नहीं है। यह पंजाब का हक है और हम अपना हक मांग रहे हैं।” उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री ने उन्हें भरोसा दिया कि पहली किस्त जारी करने पर विचार के लिए जल्द मीटिंग बुलाई जाएगी।

प्रशासकीय चिंताओं पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा कि केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में पंजाब और हरियाणा के अधिकारियों के लंबे समय से चल रहे 60:40 अनुपात को बनाए रखना समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पंजाब के आई.ए.एस. और पी.सी.एस. अधिकारियों को चंडीगढ़ प्रशासन में मुख्य पदों से बाहर रखा गया है और आबकारी, शिक्षा, वित्त और स्वास्थ्य जैसे विभागों में पदों को स्टेट यू.टी. कैडर के लिए खोला जा रहा है, जिससे यू.टी. प्रशासन के प्रभावशाली कामकाज में पंजाब की भूमिका पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री ने उन्हें भरोसा दिया कि मौजूदा अनुपात को बरकरार रखा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने पंजाब कैडर के अधिकारी को एफ.सी.आई. पंजाब के जनरल मैनेजर के रूप में नियुक्त करने का मुद्दा भी उठाया और कहा कि पंजाब कैडर के अधिकारियों को अनाज की खरीद, मंडियां, भंडारण और ढोई-ढुआई बारे जरूरी जानकारी है। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक आंकड़े दर्शाते हैं कि इस पद पर रेगुलर नियुक्तियां पंजाब कैडर से होती रही हैं, जबकि अन्य कैडर के अधिकारियों को सिर्फ अस्थायी चार्ज होता है। उन्होंने कुशलता और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के हित में इस नियम की पालना करने की अपील की।

सीमावर्ती इलाकों बारे मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अंतरराष्ट्रीय नियमों अनुसार, दीवार जीरो लाइन से 150 मीटर से दूर होनी चाहिए लेकिन पंजाब के कई इलाकों में सीमावर्ती कंटीली तार दो से तीन किलोमीटर अंदर स्थित है।” उन्होंने कहा कि हजारों एकड़ कृषि योग्य भूमि इस तार से परे है, जिसके कारण किसानों को रोजाना पहचान पत्र दिखाना और बी.एस.एफ. की सुरक्षा के तहत अपने खेतों में खेती करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। उन्होंने कहा, “यदि तार को अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक दोबारा बनाया जाता है तो भारतीय भूमि का बड़ा हिस्सा दीवार के इस पार आ जाएगा, जिससे किसान बिना किसी डर और रोजाना की पाबंदियों के खेती कर सकेंगे और इससे राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता भी नहीं करना पड़ेगा।” उन्होंने आगे कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री ने उन्हें बताया कि यह मुद्दा विचाराधीन है और पठानकोट में भी इसी तरह की व्यवस्था संबंधी कोशिश की जा चुकी है।

Previous Post

शहादत को नमन: 66 नामधारी सिंहों की याद में गूंजा मालेरकोटला, मंत्री मुंडियां ने टेका मत्था!

Next Post

बड़ी खबर: पंजाब में गैंगस्टर का खेल खत्म, बलाचौरिया मर्डर का मुख्य शूटर एनकाउंटर में ढेर!

The News Air Team

The News Air Team

द न्यूज़ एयर टीम (The News Air Team) अनुभवी पत्रकारों, विषय विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं का एक समर्पित समूह है, जो पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और त्वरित समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी टीम राजनीति, सरकारी योजनाओं, तकनीक और जन-सरोकार से जुड़े मुद्दों पर गहराई से विश्लेषण कर तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग करती है। 'द न्यूज़ एयर' का मुख्य उद्देश्य डिजिटल पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखना और समाज के हर वर्ग को जागरूक करना है। हम हर खबर को पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ आप तक पहुँचाते हैं, ताकि आपको मिले केवल भरोसेमंद जानकारी।

Related Posts

Cockroaches in Coffee

Cockroaches in Coffee: क्या सच में कॉफी में होते हैं कॉकरोच?

बुधवार, 4 मार्च 2026
Mojtaba Khamenei Iran New Supreme Leader

Mojtaba Khamenei Iran New Supreme Leader : अरबों के मालिक हैं ईरान के नए सुप्रीम लीडर

बुधवार, 4 मार्च 2026
Bihar Board 12th Result 2026

Bihar Board 12th Result 2026: मार्च के अंत तक आ सकता है रिजल्ट!

बुधवार, 4 मार्च 2026
Trump

US Iran War: ईरान के बाद Trump का Ecuador में नया ऑपरेशन शुरू!

बुधवार, 4 मार्च 2026
Petrol Diesel Price

Petrol Diesel Price: Iran Israel War के बीच केंद्र सरकार ने दिया बड़ा जवाब!

बुधवार, 4 मार्च 2026
PM Kisan

PM Kisan Nidhi Yojana 22nd Installment: 13 मार्च को आ सकती है 22वीं किस्त!

बुधवार, 4 मार्च 2026
Next Post
MNREGA Policy Crisis:

बड़ी खबर: पंजाब में गैंगस्टर का खेल खत्म, बलाचौरिया मर्डर का मुख्य शूटर एनकाउंटर में ढेर!

Drug Free Punjab Mission

नशे के खिलाफ 'कयामत': 322 दिन में 45000 तस्कर ढेर, 90000 को भेजा सुधार केंद्र!

0 0 votes
Rating
Subscribe
Notify of
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments
The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

GN Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।