Gold Silver Price में वैलेंटाइन वीक के आखिरी दिन जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। शुक्रवार 13 फरवरी 2026 को सोने और चांदी दोनों ने निवेशकों को चौंकाते हुए तेजी से रिकवरी की। एक दिन पहले जहां दामों में भारी गिरावट आई थी, वहीं शुक्रवार को चांदी ने एमसीएक्स पर 8 हजार रुपए से ज्यादा की छलांग लगाई और सोने की कीमत में भी 3 हजार से ज्यादा का इजाफा हुआ। इस तेजी ने उन लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं जो गिरावट का इंतजार कर रहे थे।
बता दें कि गुरुवार को दिल्ली के सराफा बाजार में सोने की कीमत करीब 2400 रुपए गिरकर 1,58,500 रुपए प्रति 10 ग्राम पर आ गई थी। वहीं चांदी की कीमत 1500 रुपए टूटकर 2.55 लाख रुपए प्रति किलोग्राम पर आ गई थी। लेकिन शुक्रवार आते-आते पूरा समीकरण बदल गया।
दिल्ली और मुंबई में क्या हैं ताजा भाव?
शुक्रवार को हुई इस तेजी के बाद राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव बढ़कर लगभग 1,57,900 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया। वहीं मुंबई के सराफा बाजार में सोने की कीमत करीब 1,57,500 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई। एमसीएक्स पर चांदी की कीमत में सबसे ज्यादा उछाल देखा गया। यह करीब 8,110 रुपए उछलकर 2,44,545 रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई। सोने में भी एमसीएक्स पर 3,266 रुपए की तेजी दर्ज की गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी तेजी, ये रही वजह
इस तेजी की असली वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में देखने को मिली। वैश्विक बाजार में भी कीमती धातुओं में मजबूती रही। हाजिर सोना करीब 4,968 रुपए प्रति औंस (अंतरराष्ट्रीय भाव के अनुसार) के आसपास ट्रेड कर रहा है। कॉमक्स पर सोना लगभग 2,546 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ, जिसमें करीब 2% की इंट्राडे तेजी दर्ज की गई। इसी तरह चांदी की कीमत भी 3% से अधिक उछलकर लगभग 77.96 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।
जानकारों के मुताबिक, अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के अनुमान से कम रहने से डॉलर पर दबाव बना और निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के रूप में सोना-चांदी में खरीदारी बढ़ा दी। जनवरी 2026 में अमेरिकी महंगाई दर 2.40% रही, जो बाजार के 2.50% के अनुमान से कम थी। हालांकि यह दिसंबर 2025 की तुलना में 0.30% अधिक है।
आगे क्या हैं संकेत? एक्सपर्ट्स की राय
सोने-चांदी की कीमतों को लेकर विश्लेषकों का मानना है कि हालिया गिरावट के बावजूद कीमती धातुओं में लंबी अवधि का तेजी वाला बाजार (बुल रन) जारी है। ब्रोकरेज फर्म एमके वेल्थ के अनुसार, अनुकूल वैश्विक मैक्रो-इकोनॉमिक स्थितियां, संरचनात्मक मांग और निवेशकों की बदलती प्राथमिकताएं सोना-चांदी को अगले 3 से 5 वर्षों तक समर्थन दे सकती हैं।
वहीं वैश्विक निवेश बैंक जेपी मॉर्गन का अनुमान है कि 2026 के अंत तक सोने की कीमत 6,300 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है। विशेषज्ञों ने निवेशकों को सलाह दी है कि पोर्टफोलियो में विविधता बनाए रखने के लिए सोना-चांदी को होल्ड करें और गिरावट के दौरान चरणबद्ध तरीके से निवेश करें। उनका कहना है कि मौजूदा उतार-चढ़ाव को दीर्घकालिक तेजी के बीच सुधार (करेक्शन) के रूप में देखा जा रहा है।
‘जानें पूरा मामला’
सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से लगातार उतार-चढ़ाव जारी है। कभी दाम आसमान छू रहे हैं तो कभी अचानक गिर रहे हैं। पिछले दिनों चांदी 4 लाख रुपए के पार पहुंच गई थी, जिसके बाद कीमतों में गिरावट आई। लेकिन 13 फरवरी 2026 को एक बार फिर चांदी ने तेजी से उछाल मारी है। इसकी मुख्य वजह अमेरिकी महंगाई के आंकड़े हैं, जो अनुमान से कम आए, जिससे डॉलर कमजोर हुआ और निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने-चांदी की खरीदारी बढ़ा दी। एक्सपर्ट्स का मानना है कि लंबी अवधि में कीमती धातुओं में तेजी जारी रहेगी।
मुख्य बातें (Key Points)
वैलेंटाइन डे के मौके पर शुक्रवार 13 फरवरी को सोने-चांदी के भावों में जबरदस्त तेजी।
एमसीएक्स पर चांदी 8,110 रुपए उछलकर 2,44,545 रुपए प्रति किलो, सोने में 3,266 रुपए की तेजी।
दिल्ली में 24 कैरेट सोना 1,57,900 रुपए प्रति 10 ग्राम, मुंबई में 1,57,500 रुपए पर पहुंचा।
अमेरिकी महंगाई दर अनुमान से कम आने से डॉलर पर दबाव, निवेशकों का रुझान सोने-चांदी की ओर बढ़ा।
एक्सपर्ट्स का अनुमान- लंबी अवधि में कीमती धातुओं की तेजी जारी रहेगी, गिरावट में करें निवेश।








