Gold Silver Price Today: आज देश भर में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट लौट आई है। सप्ताह के पहले दिन दोनों ही कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है। मजबूत अमेरिकी डॉलर और बढ़ती बॉन्ड यील्ड के दबाव के बीच जियोपॉलिटिकल टेंशन बढ़ने से कच्चे तेल यानी क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी आई है और महंगाई के अनुमान पर भी काफी गहरा असर पड़ा है।
दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,52,980 प्रति 10 ग्राम है। मुंबई और कोलकाता में 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,52,830 प्रति 10 ग्राम है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में Comex Gold Futures 1.1% गिरकर $2,473.4 प्रति औंस पर आ गया है। चांदी भी गिरावट के साथ ₹2,59,900 प्रति किलोग्राम पर आ गई है।
दिल्ली, मुंबई समेत प्रमुख शहरों में सोने के भाव
सप्ताह के पहले दिन देश में सोने की कीमत में गिरावट देखने को मिली है। दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,52,980 प्रति 10 ग्राम है। मुंबई और कोलकाता में 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,52,830 प्रति 10 ग्राम है।
चेन्नई में 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,54,100 प्रति 10 ग्राम है। जबकि पुणे और बेंगलुरु इन दोनों ही शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत ₹1,52,830 प्रति 10 ग्राम है।
एक सप्ताह में 24 कैरेट गोल्ड ₹1,910 महंगा हुआ है। वहीं 22 कैरेट गोल्ड का भाव ₹1,750 बढ़ा है। हालांकि आज की ट्रेडिंग में गिरावट देखने को मिल रही है।
मजबूत डॉलर और बॉन्ड यील्ड का दबाव
अंतरराष्ट्रीय बाजार में Comex Gold Futures 1.1% गिरकर $2,473.4 प्रति औंस पर आ गया है। इसका मुख्य कारण मजबूत होता अमेरिकी डॉलर और बढ़ती बॉन्ड यील्ड है। जब US Dollar मजबूत होता है तो सोने जैसी कीमती धातुओं पर दबाव बनता है।
बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी का मतलब है कि निवेशक सुरक्षित निवेश की ओर रुख कर रहे हैं। ऐसे में सोने की मांग कम हो जाती है और कीमतें गिरने लगती हैं। फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति भी सोने की कीमतों को प्रभावित कर रही है।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अगर फेड ब्याज दरों में कटौती में देरी करता है तो सोने पर और दबाव बन सकता है। फिलहाल बाजार में अनिश्चितता का माहौल है।
कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल
पश्चिम एशिया में बढ़ते जियोपॉलिटिकल टेंशन ने कच्चे तेल की कीमतों को फिर से बढ़ा दिया है। जिससे महंगाई बढ़ने का जोखिम फिर से पैदा हो गया है। कच्चा तेल फिर से $100 प्रति बैरल के पार निकल चुका है।
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नाकाबंदी की संभावना और मिडिल-ईस्ट में अस्थिरता से तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। यह सीधे तौर पर महंगाई को प्रभावित करता है।
जब कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं तो महंगाई भी बढ़ती है। इससे केंद्रीय बैंकों को ब्याज दरें ऊंची रखनी पड़ती हैं। ऊंची ब्याज दरों का सीधा असर सोने की मांग पर पड़ता है और कीमतें गिरती हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि जब तक मिडिल-ईस्ट में स्थिति सामान्य नहीं होती, तेल की कीमतें ऊंची बनी रह सकती हैं। इससे सोने पर मिश्रित प्रभाव पड़ेगा।
चांदी की कीमतों में भी गिरावट
दूसरी कीमती धातु चांदी की अगर हम बात करें तो चांदी की कीमत में भी आज गिरावट लौटती नजर आई है। आज भाव गिरकर ₹2,59,900 प्रति किलोग्राम पर आ गया है। बीते एक हफ्ते में चांदी ₹100 महंगी हुई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में Silver Futures 2.63% की गिरावट के साथ $31.47 प्रति औंस पर आ गया है। इस साल जनवरी महीने में देश में चांदी की कीमत ₹4 लाख के आंकड़ों को क्रॉस कर गई थी।
चांदी औद्योगिक उपयोग में भी आती है इसलिए इसकी कीमतें आर्थिक गतिविधियों से भी प्रभावित होती हैं। वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी की आशंका से चांदी की मांग कम हो रही है।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर पैनल उद्योग में चांदी का व्यापक उपयोग होता है। इन क्षेत्रों में मांग घटने से चांदी पर दबाव बनता है। हालांकि निवेश की दृष्टि से चांदी अभी भी आकर्षक मानी जा रही है।
घरेलू और वैश्विक कारक
देश के अंदर सोने और चांदी की कीमतें डोमेस्टिक फैक्टर्स के साथ-साथ ग्लोबल फैक्टर्स से भी बहुत हद तक प्रभावित होती हैं। घरेलू स्तर पर जीएसटी, इंपोर्ट ड्यूटी, रुपये की कीमत और मांग-आपूर्ति का संतुलन कीमतों को तय करता है।
वैश्विक स्तर पर अमेरिकी डॉलर की मजबूती, फेडरल रिजर्व की नीतियां, भू-राजनीतिक तनाव, महंगाई और आर्थिक आंकड़े महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। चीन और भारत जैसे बड़े उपभोक्ता देशों की मांग भी कीमतों को प्रभावित करती है।
भारत में शादी-विवाह का सीजन, त्योहार और अक्षय तृतीया जैसे शुभ अवसरों पर सोने की मांग बढ़ जाती है। इससे कीमतों में उछाल आता है। फिलहाल शादी का सीजन खत्म हो रहा है तो मांग में कमी आ रही है।
निवेशकों के लिए क्या है सलाह?
बुलियन में यह गिरावट ऐसे समय पर देखने को मिल रही है जब निवेशक कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के बाद ब्याज दरों की दिशा का फिर से विश्लेषण कर रहे हैं। वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती नजर आ रही हैं।
इससे लगातार बने रहने वाली महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं और वैश्विक केंद्रीय बैंक लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरें बनाए रख सकते हैं। ऐसे में एक्सपर्ट्स भी यही सुझाव दे रहे हैं कि फिलहाल बाजार में बहुत ज्यादा वोलैटिलिटी यानी उतार-चढ़ाव है।
इसलिए निवेश करने से पहले हर पहलू को समझना और जानना बेहद जरूरी हो जाता है। गोल्ड ईटीएफ, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड और डिजिटल गोल्ड जैसे विकल्प भी उपलब्ध हैं जिनपर विचार किया जा सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि लंबी अवधि के निवेश के लिए सोना अभी भी अच्छा विकल्प है। लेकिन शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। SIP के जरिए सोने में निवेश करना बेहतर रणनीति हो सकती है।
आने वाले दिनों में क्या होगा?
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोने की कीमतें कई कारकों पर निर्भर करेंगी। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की अगली बैठक, महंगाई के आंकड़े, रोजगार डेटा और भू-राजनीतिक स्थिति महत्वपूर्ण होंगे।
अगर फेड ब्याज दरों में कटौती का संकेत देता है तो सोने में तेजी आ सकती है। वहीं अगर दरें ऊंची बनी रहीं तो दबाव जारी रह सकता है। डॉलर इंडेक्स की दिशा भी अहम होगी।
तकनीकी विश्लेषकों का कहना है कि $2,450-2,500 का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट है। इसके टूटने पर और गिरावट आ सकती है। ऊपर की ओर $2,550 का प्रतिरोध है। इसके पार होने पर नई तेजी शुरू हो सकती है।
घरेलू बाजार में ₹75,000-76,000 प्रति 10 ग्राम (24 कैरेट) का स्तर महत्वपूर्ण है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने जोखिम क्षमता के अनुसार निवेश करें।
त्योहारी सीजन का असर
आने वाले महीनों में अक्षय तृतीया और अन्य शुभ अवसर हैं जब परंपरागत रूप से सोना खरीदा जाता है। इससे मांग बढ़ने की उम्मीद है। ज्वेलर्स भी इस मौके पर विशेष ऑफर देते हैं।
हालांकि ऊंची कीमतों से आम खरीदारों पर दबाव है। कई लोग छोटे निवेश की योजना बना रहे हैं। डिजिटल गोल्ड की ओर भी लोगों का रुझान बढ़ रहा है क्योंकि इसमें कम राशि से निवेश शुरू किया जा सकता है।
सरकार भी सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की नई सीरीज लाती रहती है जो सुरक्षित निवेश का विकल्प है। इसमें ब्याज भी मिलता है और कैपिटल गेन टैक्स में छूट भी है।
मुख्य बातें (Key Points):
• दिल्ली में 24 कैरेट सोना ₹1,52,980 प्रति 10 ग्राम, मुंबई-कोलकाता में ₹1,52,830
• चांदी ₹2,59,900 प्रति किलोग्राम पर, अंतरराष्ट्रीय बाजार में 2.63% गिरावट
• मजबूत डॉलर और बढ़ती बॉन्ड यील्ड से दबाव, कच्चा तेल $100 के पार
• एक्सपर्ट्स की सलाह – वोलैटिलिटी के बीच सोच-समझकर करें निवेश













