Gold Silver Price – सर्राफा बाजार में 4 फरवरी को सोने-चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव ₹6,629 बढ़कर ₹1,58,158 पर पहुंच गया है, जबकि चांदी ₹9,573 की छलांग लगाकर ₹2,73,538 प्रति किलो पर कारोबार कर रही है। यह लगातार दूसरे दिन की तेजी है, जो मुनाफावसूली के बाद निवेशकों की वापसी का संकेत दे रही है।
सोमवार को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹1,51,529 पर था, लेकिन मंगलवार को यह ₹6,629 की तेज बढ़त के साथ ₹1,58,158 पर पहुंच गया। इसका मतलब है कि सोना पिछले दो दिनों में कुल ₹9,412 महंगा हो चुका है। यह उछाल उन निवेशकों के लिए राहत भरा है जो पिछले तीन दिनों की गिरावट से परेशान थे।
चांदी में भी जबरदस्त तेजी
चांदी की कीमतों में भी शानदार उछाल देखा गया। मंगलवार को चांदी ₹9,573 बढ़कर ₹2,73,538 प्रति किलो पर पहुंच गई, जबकि सोमवार को यह ₹2,63,965 पर थी। पिछले दो दिनों में चांदी कुल ₹14,038 महंगी हो चुकी है। हालांकि यह अभी भी 29 जनवरी के ऑल-टाइम हाई ₹3,85,933 से काफी नीचे है।
सर्राफा बाजार में 29 जनवरी को सोने ने ₹1,76,121 और चांदी ने ₹3,85,933 का रिकॉर्ड हाई बनाया था। उसके बाद तीन दिनों तक लगातार गिरावट देखी गई, लेकिन अब बाजार में फिर से तेजी का रुख दिख रहा है।
मुनाफावसूली के बाद वापसी
30 जनवरी, 1 फरवरी और 2 फरवरी को सोने-चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट देखने को मिली थी। यह गिरावट मुख्य रूप से मुनाफावसूली के कारण आई थी। जब कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गईं, तो कई निवेशकों ने अपना मुनाफा बुक कर लिया, जिससे बाजार में बिकवाली का दबाव बना।
लेकिन अब जैसे ही कीमतें स्थिर हुईं और गिरावट रुकी, निवेशकों ने फिर से खरीदारी शुरू कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह एक स्वाभाविक बाजार चक्र है, जहां गिरावट के बाद निवेशक सस्ते दामों पर खरीदारी करते हैं।
15% तक गिर गया था सोना
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले तीन कारोबारी सत्रों में सोना और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट आई थी। सोना अपने हाई से करीब 15% तक नीचे आ गया था, जबकि चांदी में भी भारी गिरावट देखी गई थी। यह गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन गई थी।
लेकिन जैसे ही कीमतें स्थिर हुईं और बाजार में संतुलन बना, निवेशकों ने इसे एक सुनहरा मौका माना। कम दामों पर खरीदारी की होड़ लग गई, जिसके परिणामस्वरूप पिछले दो दिनों में कीमतों में तेजी देखने को मिली है।
आम आदमी पर असर
सोने-चांदी की कीमतों में यह उतार-चढ़ाव आम आदमी के लिए भी महत्वपूर्ण है। शादी-ब्याह के सीजन में सोने की खरीदारी करने वाले परिवारों के लिए यह कीमतें चिंता का विषय बन सकती हैं। 10 ग्राम सोने में ₹6,629 की बढ़त का मतलब है कि एक तोला (लगभग 11.66 ग्राम) सोना करीब ₹77,000 महंगा हो गया है।
वहीं निवेशकों के लिए यह समय सावधानी से काम लेने का है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि एकमुश्त निवेश करने की बजाय धीरे-धीरे और चरणबद्ध तरीके से निवेश करना बेहतर रहेगा।
विशेषज्ञों की सलाह: एकमुश्त निवेश से बचें
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि हालांकि पिछले दो दिनों में कीमतों में तेजी आई है, लेकिन अभी भी बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। ऐसे में निवेशकों को एकमुश्त बड़ा निवेश करने से बचना चाहिए। इसके बजाय, SIP (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) की तरह धीरे-धीरे और नियमित अंतराल पर निवेश करना बेहतर रहेगा।
यह रणनीति बाजार की अस्थिरता से बचाव करती है और औसत कीमत पर निवेश करने का मौका देती है। अगर कीमतें फिर से गिरती हैं, तो आप कम दामों पर खरीदारी कर सकते हैं, और अगर बढ़ती हैं, तो आपका पहले का निवेश फायदे में रहेगा।
सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
अगर आप ज्वेलर्स से सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो दो महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना जरूरी है:
1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। यह नंबर अल्फान्यूमेरिक होता है, जैसे AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है और उसकी शुद्धता क्या है। बिना हॉलमार्क के सोना खरीदना जोखिम भरा हो सकता है।
2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज से क्रॉस चेक करें। आप इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट या अन्य विश्वसनीय स्रोतों से दैनिक भाव की जांच कर सकते हैं। याद रखें कि सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है।
वैश्विक बाजार का असर
भारतीय सर्राफा बाजार अंतरराष्ट्रीय बाजार से सीधे जुड़ा हुआ है। वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव, डॉलर की मजबूती या कमजोरी, और भू-राजनीतिक तनाव जैसे कारक भारतीय बाजार को भी प्रभावित करते हैं। हाल के दिनों में वैश्विक बाजार में भी अस्थिरता देखी गई है, जो भारतीय कीमतों में झलक रही है।
केंद्रीय बैंकों की नीतियां, महंगाई दर, और निवेशकों की भावना भी सोने-चांदी की कीमतों को प्रभावित करती हैं। सोने को पारंपरिक रूप से सुरक्षित निवेश माना जाता है, खासकर आर्थिक अनिश्चितता के समय में।
मुख्य बातें (Key Points)
- 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹6,629 बढ़कर ₹1,58,158 पर पहुंचा, दो दिनों में कुल ₹9,412 की बढ़त
- चांदी ₹9,573 बढ़कर ₹2,73,538 प्रति किलो पर, दो दिनों में ₹14,038 महंगी हुई
- 30 जनवरी से 2 फरवरी तक मुनाफावसूली के कारण गिरावट, अब निवेशक सस्ते दामों पर खरीदारी कर रहे हैं
- विशेषज्ञों की सलाह: एकमुश्त निवेश से बचें, धीरे-धीरे और चरणबद्ध तरीके से निवेश करें
- सोना खरीदते समय BIS हॉलमार्क की जांच करें और कीमत क्रॉस चेक करें








