Gold Silver Price Today : लगातार बढ़ती कीमतों से परेशान लोगों को आज बड़ी राहत मिली है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने और चांदी की कीमतें शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में 4 फीसदी तक गिर गईं। यह गिरावट तब आई है जब पिछले सत्र में दोनों ही कीमती धातुएं रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गई थीं। वैश्विक स्तर पर मजबूत अमेरिकी डॉलर के दबाव के चलते यह गिरावट दर्ज की गई।
MCX पर सोने की कीमत में 1.88% की गिरावट
अप्रैल वायदा के लिए MCX सोने का भाव पिछले बंद भाव 1,83,962 रुपए प्रति 10 ग्राम के मुकाबले 1.88 फीसदी गिरकर 1,80,499 रुपए प्रति 10 ग्राम पर खुला। यह गिरावट आम निवेशकों और खरीदारों के लिए राहत भरी खबर है।
पिछले सत्र में सोने के भाव ने 1,93,096 रुपए प्रति 10 ग्राम का रिकॉर्ड हाई बनाया था। महज एक दिन में करीब 12,600 रुपए प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज की गई।
विश्लेषकों का कहना है कि यह गिरावट अस्थायी हो सकती है, लेकिन फिलहाल जो लोग सोना खरीदने की योजना बना रहे थे, उन्हें इस मौके का फायदा उठाना चाहिए।
चांदी में 4% की भारी गिरावट
MCX बाजार में चांदी का भाव पिछले बंद भाव 3,99,893 रुपए प्रति किलोग्राम के मुकाबले 4 फीसदी गिरकर 3,83,898 रुपए प्रति किलोग्राम पर खुला। यह गिरावट सोने की तुलना में ज्यादा तीखी रही।
पिछले सत्र में MCX चांदी का भाव 4,20,048 रुपए प्रति किलोग्राम के उच्च स्तर पर रिकॉर्ड किया गया था। एक ही दिन में चांदी के दाम में करीब 36,000 रुपए प्रति किलोग्राम की गिरावट आई है।
चांदी की कीमतों में यह गिरावट उन लोगों के लिए सुनहरा मौका है जो आभूषण या निवेश के लिए चांदी खरीदना चाहते हैं।
मजबूत डॉलर का पड़ा दबाव
वैश्विक स्तर पर मजबूत अमेरिकी डॉलर के दबाव के चलते सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। जब डॉलर मजबूत होता है तो सोना और अन्य कमोडिटी आमतौर पर कमजोर हो जाती हैं।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों और डॉलर की मजबूती का सीधा असर भारतीय बाजार में सोने-चांदी की कीमतों पर पड़ता है। विश्लेषकों का मानना है कि अगर डॉलर की मजबूती बनी रहती है तो कीमतों में और भी गिरावट आ सकती है।
वैश्विक बाजार में भी गिरावट
हाजिर सोने की कीमत में 0.9 फीसदी की गिरावट आई और यह 2,346.42 डॉलर प्रति ओंस पर पहुंच गई। जबकि एक दिन पहले यह रिकॉर्ड 2,394.82 डॉलर प्रति ओंस पर पहुंच गई थी।
फरवरी डिलीवरी के लिए अमेरिका में सोने के वायदा भाव में 1.3 फीसदी की गिरावट हुई और यह 2,390.80 डॉलर प्रति ओंस पर पहुंच गई।
हाजिर चांदी की कीमत में 0.2 फीसदी की गिरावट आई और यह 31.83 डॉलर प्रति ओंस पर पहुंच गई। जबकि गुरुवार को यह रिकॉर्ड 33.64 डॉलर प्रति ओंस पर पहुंच गई थी।
जनवरी में सोने में 24% का उछाल
गिरावट के बावजूद वैश्विक भू-राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच धातु की बढ़ती सुरक्षित निवेश मांग के चलते सोने की कीमतों में 1980 के बाद से सबसे बड़ी मासिक वृद्धि दर्ज की गई है।
जनवरी 2026 में अब तक सोने की कीमतों में 24 फीसदी से ज्यादा का उछाल देखा गया। लगातार छठे महीने इसमें बढ़ोतरी दर्ज की गई है और यह जनवरी 1980 के बाद से सबसे बड़ी एक महीने में होने वाली बढ़ोतरी है।
यह आंकड़ा बताता है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश के रूप में देख रहे हैं। युद्ध, महामारी, आर्थिक मंदी जैसी स्थितियों में सोना हमेशा से सुरक्षित ठिकाना माना जाता रहा है।
चांदी में 62% की रिकॉर्ड तेजी
चांदी की कीमतों में इस महीने अब तक 62 फीसदी की तेजी आई है, जो अब तक के अपने सर्वश्रेष्ठ मासिक प्रदर्शन की ओर बढ़ रहा है। यह उछाल सोने से भी कहीं ज्यादा शानदार रहा है।
चांदी का उपयोग आभूषणों के अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और औद्योगिक क्षेत्र में भी होता है। इसकी बढ़ती औद्योगिक मांग और निवेश मांग दोनों ने मिलकर कीमतों को आसमान पर पहुंचा दिया था।
आम आदमी की पहुंच से दूर होते दाम
इन आंकड़ों से साफ तौर पर जाहिर होता है कि सोने और चांदी की कीमतें अब आम आदमी की पहुंच से बहुत दूर जाती जा रही हैं। पिछले कुछ महीनों में लगातार बढ़ती कीमतों ने शादी-ब्याह और त्योहारों के लिए सोना खरीदने वालों की जेब पर भारी बोझ डाला है।
खासकर भारत में जहां सोना सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व रखता है, वहां इसकी बढ़ती कीमतें मध्यम वर्ग के लिए चिंता का विषय बन गई थीं। अब जो गिरावट आई है, वह इन लोगों के लिए राहत भरी खबर है।
क्या यह गिरावट जारी रहेगी?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट अस्थायी हो सकती है। अगर वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव बने रहते हैं और आर्थिक अनिश्चितता जारी रहती है तो सोने-चांदी की कीमतें फिर से बढ़ सकती हैं।
हालांकि, अगर अमेरिकी डॉलर की मजबूती जारी रहती है और फेडरल रिजर्व की नीतियां सख्त बनी रहती हैं तो कीमतों में और गिरावट भी संभव है।
निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे बाजार की चाल को ध्यान से देखें और अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श करके ही निवेश का फैसला लें।
निवेशकों के लिए क्या है सलाह
वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि सोना और चांदी दीर्घकालिक निवेश के लिए हमेशा अच्छा विकल्प रहे हैं। हालांकि, अल्पकालिक उतार-चढ़ाव से घबराना नहीं चाहिए।
जो निवेशक लंबी अवधि के लिए निवेश कर रहे हैं, उनके लिए यह गिरावट खरीदारी का अच्छा मौका हो सकती है। SIP (सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) के जरिए सोने में निवेश करना भी एक बेहतर विकल्प है।
भौतिक सोने के अलावा सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड, गोल्ड ETF और डिजिटल गोल्ड में भी निवेश किया जा सकता है। ये विकल्प सुरक्षित और लिक्विड होते हैं।
जानें सोने-चांदी की कीमतों को कौन से कारक प्रभावित करते हैं
सोने और चांदी की कीमतें कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारकों से प्रभावित होती हैं:
अमेरिकी डॉलर की मजबूती: डॉलर मजबूत होने पर सोना कमजोर होता है और इसके विपरीत भी।
ब्याज दरें: जब ब्याज दरें कम होती हैं तो सोने में निवेश आकर्षक हो जाता है।
भू-राजनीतिक तनाव: युद्ध, संघर्ष या राजनीतिक अस्थिरता के समय सोने की मांग बढ़ती है।
मुद्रास्फीति: महंगाई बढ़ने पर लोग सोने को हेज के रूप में खरीदते हैं।
आयात शुल्क: भारत में सोने पर लगने वाले आयात शुल्क में बदलाव भी कीमतों को प्रभावित करता है।
मुख्य बातें (Key Points)
- MCX पर शुक्रवार को सोने में 1.88% और चांदी में 4% की गिरावट
- सोना 1,80,499 रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी 3,83,898 रुपए प्रति किलो पर खुली
- मजबूत अमेरिकी डॉलर के दबाव के चलते गिरावट
- जनवरी में सोने में 24% और चांदी में 62% का उछाल
- 1980 के बाद यह सोने की सबसे बड़ी मासिक वृद्धि








