Gold Price Prediction 2026 : रिकॉर्ड छूने के बाद सोने की कीमतों में तेज गिरावट आई है, लेकिन बड़ी ग्लोबल ब्रोकरेज फर्मों का कहना है कि लंबी अवधि में सोना फिर नई ऊंचाई बना सकता है। पिछले हफ्ते रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद सोना करीब 5% फिसलकर दो हफ्ते से ज्यादा के निचले स्तर पर आ गया। स्पॉट गोल्ड 3.2% गिरकर $4,708.19 प्रति औंस रहा, हालांकि सत्र के दौरान यह करीब 10% तक टूट गया था। 30 जनवरी को सोने में 9.8% की गिरावट आई थी, जो 1983 के बाद सबसे बड़ी एक-दिवसीय गिरावट मानी जा रही है।
29 जनवरी को $5,948.82 प्रति औंस का ऑल टाइम हाई रिकॉर्ड बनाने के बाद सोना अब तक करीब $900 से ज्यादा टूट चुका है, जिससे इस साल की ज्यादातर बढ़त मिट गई है। हालांकि 3 फरवरी को गोल्ड ने फिर से तेज रफ्तार पकड़ी और वैश्विक बाजार में 6.67% यानी कि $310 से ज्यादा का उछाल आया और कीमत $4,962 को क्रॉस कर गई है।
JP Morgan का बड़ा अनुमान: $6300 प्रति औंस तक पहुंचेगा सोना
इन उतार-चढ़ाव के बीच JP Morgan ने बड़ा अनुमान लगाया है। ब्रोकरेज के मुताबिक साल 2026 के अंत तक सोना $6,300 प्रति औंस को भी पार कर जाएगा। इसी के साथ उनका कहना है कि केंद्रीय बैंक और निवेशकों की मजबूत मांग बनी रहेगी। साल 2026 में केंद्रीय बैंक करीब 800 टन सोना खरीद सकते हैं, क्योंकि वे अपने विदेशी मुद्रा भंडार में विविधता लाने की प्रक्रिया जारी रखेंगे।
ब्रोकरेज ने कहा है कि हाल की अस्थिरता के बावजूद मिड टर्म में वे सोने को लेकर मजबूती से सकारात्मक हैं, क्योंकि असली संपत्तियां कागजी निवेश से बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। इस बीच बैंक ने भी 2026 के लिए सोने का अपना अनुमान दोहराया। बैंक का कहना है कि सोना $6,000 प्रति औंस को भी पार कर सकता है।
भारत में सोने-चांदी की मौजूदा कीमतें
अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव का सीधा असर भारतीय बाजार पर भी पड़ रहा है। 7 फरवरी 2026 को भारत में 24 कैरेट सोने की कीमत मुंबई में ₹1,59,858 प्रति 10 ग्राम रही। वहीं 22 कैरेट सोना ₹1,46,536 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। MCX पर गोल्ड अप्रैल वायदा ₹1,55,374 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।
चांदी की कीमतों में भी तेज उतार-चढ़ाव देखा गया। मुंबई में चांदी ₹2,70,891 प्रति किलोग्राम रही, जबकि दिल्ली में ₹13,000 की गिरावट के बाद यह ₹2,55,000 प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स समेत) रह गई। MCX चांदी मार्च वायदा ₹2,50,300 प्रति किलोग्राम तक बढ़ गया। इस महीने चांदी की दरों में 21% की गिरावट आई है।
1983 के बाद सबसे बड़ी एक-दिवसीय गिरावट
30 जनवरी 2026 को सोने में 9.8% की गिरावट दर्ज की गई, जो 1983 के बाद सबसे बड़ी एक-दिवसीय गिरावट मानी जा रही है। यह गिरावट तब आई जब 29 जनवरी को सोने ने $5,948.82 प्रति औंस का ऑल टाइम हाई रिकॉर्ड बनाया था। इसके बाद सोना करीब $900 से ज्यादा टूट चुका है, जिससे इस साल की ज्यादातर बढ़त खत्म हो गई।
हालांकि 3 फरवरी को सोने ने वापसी की और 6.67% यानी $310 से ज्यादा का उछाल आया। यह उछाल निवेशकों के बीच सोने को लेकर बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव के बीच सोना एक सुरक्षित निवेश विकल्प बना हुआ है।
केंद्रीय बैंकों की मजबूत मांग बनी रहेगी
JP Morgan के अनुमान के मुताबिक 2026 में केंद्रीय बैंक करीब 800 टन सोना खरीद सकते हैं। यह इसलिए क्योंकि दुनिया भर के केंद्रीय बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार में विविधता ला रहे हैं। पारंपरिक कागजी संपत्तियों से हटकर वे असली संपत्तियों जैसे सोने में निवेश बढ़ा रहे हैं।
यह ट्रेंड खासतौर पर उभरती अर्थव्यवस्थाओं में देखा जा रहा है, जहां केंद्रीय बैंक डॉलर पर निर्भरता कम करने की कोशिश कर रहे हैं। वैश्विक वित्तीय प्रणाली में बढ़ते विखंडन और मुद्रा अवमूल्यन के खिलाफ बीमा के रूप में सोने को देखा जा रहा है।
निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी
केंद्रीय बैंकों के अलावा निजी निवेशक भी सोने में दिलचस्पी बढ़ा रहे हैं। पोर्टफोलियो डायवर्सिफिकेशन और मैक्रोइकोनॉमिक तथा भू-राजनीतिक जोखिमों से बचाव के लिए निवेशक सोने की ओर रुख कर रहे हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर निजी क्षेत्र के निवेशक अपने सोने के आवंटन में बढ़ोतरी करते हैं, तो आने वाले सालों में कीमतें $8,000 से $8,500 प्रति औंस तक भी पहुंच सकती हैं।
JP Morgan का $6,300 का प्राइस टारगेट सट्टेबाजी के उत्साह के बजाय संरचनात्मक मांग में बदलाव के परिष्कृत विश्लेषण का नतीजा है। यह बदलाव वैश्विक वित्तीय प्रणाली में मौद्रिक संप्रभुता के व्यापक पुनर्मूल्यांकन को दर्शाता है।
अन्य बड़ी संस्थाओं के अनुमान
JP Morgan के अलावा अन्य बड़ी वित्तीय संस्थाएं भी 2026 में सोने को लेकर तेजी की उम्मीद कर रही हैं। UBS ने $6,200 प्रति औंस का टारगेट रखा है, जबकि Deutsche Bank और Societe Generale का मानना है कि 2026 के अंत तक सोना $6,000 तक पहुंच सकता है।
यह सभी अनुमान इस बात की ओर इशारा करते हैं कि वैश्विक स्तर पर सोने की मांग मजबूत बनी रहेगी। भू-राजनीतिक तनाव, मुद्रास्फीति की चिंताएं और आर्थिक अनिश्चितता सोने को एक आकर्षक निवेश विकल्प बनाए रखेंगी।
भारतीय निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है?
अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना $6,300 प्रति औंस तक पहुंचता है, तो भारत में इसकी कीमत ₹3.50 लाख प्रति 10 ग्राम से भी ऊपर जा सकती है। यह मौजूदा कीमतों से करीब दोगुना होगा। भारतीय निवेशकों के लिए यह एक बड़ा मौका हो सकता है, खासकर उनके लिए जो लंबी अवधि के निवेश की सोच रहे हैं।
हालांकि एक्सपर्ट्स यह भी सलाह देते हैं कि सोने में निवेश करते समय सावधानी बरतनी चाहिए। अल्पकालिक उतार-चढ़ाव से घबराए बिना लंबी अवधि के नजरिए से निवेश करना चाहिए। सोने को अपने पोर्टफोलियो के एक हिस्से के रूप में रखना समझदारी है, न कि पूरा निवेश सोने में लगाना।
चांदी में भी तेजी की उम्मीद
सोने के साथ-साथ चांदी में भी तेजी की उम्मीद है। हालांकि इस महीने चांदी में 21% की गिरावट आई है, लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि औद्योगिक मांग और निवेश मांग दोनों के चलते चांदी की कीमतें भी बढ़ सकती हैं। चांदी का उपयोग सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में बढ़ रहा है, जो इसकी कीमतों को सपोर्ट करेगा।
मुख्य बातें (Key Points)
- पिछले हफ्ते सोना 5% फिसलकर दो हफ्ते के निचले स्तर पर आया, स्पॉट गोल्ड $4,708.19 प्रति औंस रहा
- 30 जनवरी को 9.8% की गिरावट, जो 1983 के बाद सबसे बड़ी एक-दिवसीय गिरावट
- JP Morgan का अनुमान: 2026 अंत तक सोना $6,300 प्रति औंस पार करेगा
- केंद्रीय बैंक 2026 में करीब 800 टन सोना खरीद सकते हैं
- भारत में 24 कैरेट सोना ₹1,59,858 प्रति 10 ग्राम, चांदी ₹2,70,891 प्रति किलोग्राम








