Gender Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 में महिलाओं के लिए ऐतिहासिक ऐलान करते हुए जेंडर बजट में 5.08 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया है। यह पिछले साल के 4.49 लाख करोड़ के मुकाबले एक बड़ी बढ़ोतरी है। इस बजट में महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता, उद्यमिता और सामाजिक सुरक्षा को केंद्र में रखा गया है।
जेंडर बजट क्या है और इसकी शुरुआत कैसे हुई?
जेंडर बजट की अवधारणा भारत में 2005-06 में शुरू की गई थी। इसका मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी योजनाओं में महिलाओं की भागीदारी बराबरी से हो।
इस बजट को तीन हिस्सों में बांटा गया है। पार्ट-A में वे योजनाएं आती हैं जो 100% महिलाओं के लिए समर्पित हैं। पार्ट-B में वे योजनाएं शामिल हैं जिनका 30% हिस्सा महिलाओं को मिलता है। और पार्ट-C में 30% से कम वाली योजनाएं रखी जाती हैं।
महिलाओं को सीधे फायदा पहुंचाने वाली प्रमुख योजनाएं
इस बार के बजट में कई ऐसी योजनाओं पर जोर दिया गया है जो महिलाओं के जीवन को सीधे प्रभावित करती हैं।
मनरेगा को रिप्लेस करने वाली VB राम जी योजना के लिए 4,456 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। जल जीवन मिशन के लिए 33,322 करोड़ रुपये दिए गए हैं, जिससे महिलाओं को पानी की समस्या से राहत मिलेगी।
पीएम किसान योजना के लिए 15,240 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। खेती-किसानी में महिलाओं की बड़ी भागीदारी को देखते हुए यह कदम महत्वपूर्ण है।
हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल का ऐलान
बजट में एक बड़ा ऐलान “One Girls Hostel in Every District” का किया गया है। इसका मतलब है कि देश के हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाया जाएगा।
यह कदम उन लड़कियों के लिए वरदान साबित होगा जो शिक्षा या नौकरी के लिए अपने घर से दूर जाती हैं। सुरक्षित आवास की सुविधा मिलने से महिला शिक्षा और रोजगार में बढ़ोतरी होगी।
SHE Initiative: महिला उद्यमियों को मिलेगा बड़ा बूस्ट
“Self Help Entrepreneurship” यानी SHE Initiative इस बजट की एक खास पहल है। इसके तहत क्लस्टर बेस्ड रिटेल स्टोर खोले जाएंगे जिनमें विशेष रूप से महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
सरकार इन स्टोर्स के लिए बेहतर फंडिंग की व्यवस्था करेगी। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकेंगी।
लखपति दीदी योजना: 5 करोड़ महिलाओं का लक्ष्य
लखपति दीदी योजना को लेकर बड़ा टारगेट सेट किया गया है। पिछले साल 3 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाया गया था, यानी उनकी सालाना आय 1 लाख रुपये से ऊपर पहुंची।
इस बार का लक्ष्य 5 करोड़ महिलाओं को लखपति बनाना है। यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।
U-WIN पोर्टल: गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष व्यवस्था
बजट में U-WIN पोर्टल का भी जिक्र किया गया है। यह पोर्टल गर्भवती महिलाओं और उनके पोषण से जुड़े आंकड़ों को ट्रैक करता है।
इससे मातृ स्वास्थ्य और शिशु मृत्यु दर में सुधार लाने में मदद मिलेगी। यह डिजिटल इंडिया की दिशा में महिला स्वास्थ्य के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है।
आम महिलाओं पर क्या पड़ेगा असर?
इस बजट का सीधा असर देश की करोड़ों महिलाओं पर पड़ेगा। ग्रामीण महिलाओं को रोजगार मिलेगा, उद्यमी महिलाओं को आसान कर्ज की सुविधा होगी, और पढ़ने वाली लड़कियों को सुरक्षित हॉस्टल मिलेंगे।
यह बजट महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है।
मुख्य बातें (Key Points)
- जेंडर बजट में 5.08 लाख करोड़ रुपये का आवंटन, पिछले साल से 59,000 करोड़ अधिक
- लखपति दीदी योजना का लक्ष्य 3 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ महिलाएं
- हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाने की घोषणा
- SHE Initiative के तहत महिलाओं के लिए क्लस्टर बेस्ड रिटेल स्टोर खुलेंगे
- पीएम किसान योजना के लिए 15,240 करोड़ का प्रावधान








