Gautam Gambhir Coaching Record जुलाई 2024 में हेड कोच बनने के बाद से टीम इंडिया का घरेलू प्रदर्शन लगातार सवालों के घेरे में है। जनवरी 2026 से पहले ही भारत ने घर में एक और सीरीज गंवा दी, जहां न्यूजीलैंड ने भारत की धरती पर पहली बार वनडे सीरीज जीत ली।
टीम इंडिया, जो कभी घरेलू मैदान पर दुनिया की सबसे मजबूत टीम मानी जाती थी, अब उसी मैदान पर संघर्ष करती दिख रही है। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जैसे हालात नहीं, बल्कि क्रिकेट के मैदान पर भी भारत के लिए यह दौर कठिन साबित हो रहा है। Gautam Gambhir की कोचिंग में घरेलू सीरीज में हार का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा।
घर में ढहता भारत का किला
गंभीर के कोच बनने से पहले, भारत ने एमएस धोनी, विराट कोहली और रोहित शर्मा की कप्तानी में घरेलू मैदान को लगभग अभेद्य किला बना लिया था। बड़ी-बड़ी टीमें आईं, लेकिन भारत को घर में हराना आसान नहीं था। अब हालात बदल चुके हैं और वही किला गंभीर की कोचिंग में ढहता नजर आ रहा है।

न्यूजीलैंड से ऐतिहासिक हार
भारत ने पहले टेस्ट सीरीज में न्यूजीलैंड से 3-0 की करारी हार झेली और अब वनडे सीरीज भी 2-1 से गंवा दी। यह पहली बार है जब New Zealand cricket team ने भारत में वनडे सीरीज जीती है। इससे पहले भी न्यूजीलैंड ने भारत को घरेलू टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप किया था।
लगातार आंकड़े जो बढ़ा रहे चिंता
गंभीर की कोचिंग में भारत ने कई नकारात्मक रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं। 12 साल बाद घरेलू टेस्ट सीरीज में हार, 25 साल बाद क्लीन स्वीप, घरेलू टेस्ट में सबसे कम स्कोर 46 रन और रनों के लिहाज से सबसे बड़ी हार—ये सभी आंकड़े टीम की गिरती फॉर्म की ओर इशारा करते हैं।
विदेश में ठीक, घर में कमजोर
हालांकि विदेशों में भारत का प्रदर्शन उतना निराशाजनक नहीं रहा। इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज 2-2 से ड्रॉ रही, लेकिन घरेलू मैदान पर हार कहीं ज्यादा चुभती है। फैंस और क्रिकेट विशेषज्ञ मानते हैं कि घर में हार से टीम की मानसिक मजबूती पर सवाल खड़े होते हैं।
बड़े खिलाड़ियों का बाहर होना
गंभीर के कार्यकाल में विराट कोहली, रोहित शर्मा और रविचंद्रन अश्विन जैसे दिग्गज खिलाड़ियों का टीम से हटना या रिटायर होना भी चर्चा का विषय रहा। नए खिलाड़ियों के साथ टीम को संतुलन बनाने में समय लग रहा है, जिसका असर नतीजों पर साफ दिख रहा है।
सोशल मीडिया और क्रिकेट जगत की प्रतिक्रिया
लगातार हार के बाद सोशल मीडिया पर गंभीर की कोचिंग पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। समर्थक कहते हैं कि कोच मैदान में बैटिंग या बॉलिंग नहीं करता, लेकिन आलोचकों का तर्क है कि टीम का माहौल और रणनीति बनाना कोच की ही जिम्मेदारी होती है।
विश्लेषण
गंभीर की कोचिंग में मिली कुछ बड़ी सफलताएं भी हैं। 2025 में भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी और एशिया कप जीता। लेकिन घरेलू मैदान पर लगातार हार इन उपलब्धियों को फीका कर रही है। अब सवाल यह है कि क्या टीम मैनेजमेंट और Board of Control for Cricket in India गंभीर के साथ धैर्य बनाए रखेगा या बदलाव की ओर कदम बढ़ाएगा।

जानें पूरा मामला
जुलाई 2024 में गंभीर के हेड कोच बनने के बाद से भारत ने घर में टेस्ट और वनडे दोनों फॉर्मेट में कई सीरीज गंवाई हैं। न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका जैसी टीमों ने भारत को उसकी ही धरती पर हराकर पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- गंभीर की कोचिंग में भारत की घरेलू हार का सिलसिला
- न्यूजीलैंड ने भारत में पहली बार वनडे सीरीज जीती
- घरेलू टेस्ट में क्लीन स्वीप और कम स्कोर जैसे नकारात्मक रिकॉर्ड
- विदेश में प्रदर्शन ठीक, लेकिन घर में भारी गिरावट
- BCCI के सामने कोचिंग को लेकर बड़ा फैसला








