Gangsteron Te Vaar मुहिम के 67वें दिन पंजाब पुलिस ने शनिवार 28 मार्च को पूरे राज्य में गैंगस्टरों के सहयोगियों के पहचाने गए और मैप किए गए 526 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी करके 214 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर शुरू की गई इस निर्णायक मुहिम में अब तक कुल 17,482 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। इसके साथ ही ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान के 392वें दिन 90 नशा तस्करों को भी पकड़ा गया और उनके कब्जे से हेरोइन, नशीली गोलियां और ड्रग मनी बरामद की गई।
67वें दिन 526 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी, 2 भगोड़े अपराधी भी पकड़े
Gangsteron Te Vaar अभियान के तहत पंजाब पुलिस ने 28 मार्च को पूरे राज्य में बड़े पैमाने पर कार्रवाई की। एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) के समन्वय से सभी जिलों की पुलिस टीमों ने गैंगस्टरों के सहयोगियों के 526 पहचाने गए ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई में 214 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।
इसके अलावा 64 व्यक्तियों के खिलाफ एहतियाती कार्रवाई की गई, जबकि 103 व्यक्तियों को जांच और पूछताछ के बाद रिहा कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान पुलिस टीमों ने 2 भगोड़े अपराधियों को भी गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की, जो लंबे समय से फरार थे।
यह आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि पंजाब पुलिस ने गैंगस्टरों और उनके नेटवर्क के खिलाफ कोई कसर नहीं छोड़ी है। रोजाना सैकड़ों ठिकानों पर छापेमारी और सैकड़ों गिरफ्तारियां यह साबित करती हैं कि यह अभियान सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन पर भी पूरी ताकत से चल रहा है।
67 दिनों में 17,482 गिरफ्तारियां: पंजाब को गैंगस्टर मुक्त बनाने का मिशन
Gangsteron Te Vaar मुहिम की शुरुआत 20 जनवरी 2026 को पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने की थी। इस अभियान का लक्ष्य पंजाब को पूरी तरह गैंगस्टर मुक्त राज्य बनाना है। महज 67 दिनों में 17,482 गिरफ्तारियां यह बताती हैं कि पंजाब पुलिस ने इस मुहिम को कितनी गंभीरता से लिया है।
प्रतिदिन औसतन 260 से अधिक गिरफ्तारियां और सैकड़ों ठिकानों पर छापेमारी यह दर्शाती है कि AGTF के समन्वय में सभी जिलों की पुलिस टीमें पूरी तत्परता से काम कर रही हैं। गैंगस्टरों के सहयोगियों, हवाला ऑपरेटरों, हथियार सप्लायरों और उनके छिपने के ठिकानों को एक-एक करके खत्म करने की यह मुहिम पंजाब की कानून-व्यवस्था के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हो रही है।
आम पंजाबियों के लिए यह अभियान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि गैंगस्टरों और उनके नेटवर्क से सबसे ज्यादा प्रभावित आम नागरिक ही होते हैं। जबरन वसूली, धमकी, हत्या और अपहरण जैसे अपराधों से परेशान लोगों के लिए यह अभियान राहत का संकेत है।
‘युद्ध नशों विरुद्ध’ के 392वें दिन 90 नशा तस्कर गिरफ्तार, हेरोइन बरामद
Gangsteron Te Vaar के साथ-साथ पंजाब पुलिस की नशा विरोधी मुहिम ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ भी पूरी ताकत से जारी है। इस अभियान के 392वें दिन पुलिस ने 90 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार तस्करों के कब्जे से 488 ग्राम हेरोइन, 173 नशीली गोलियां और कैप्सूल तथा 2,340 रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई।
‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि महज 392 दिनों में कुल 55,877 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है। यह आंकड़ा अपने आप में एक रिकॉर्ड है और पंजाब में नशे की जड़ों को खत्म करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
प्रतिदिन औसतन 142 से अधिक नशा तस्करों की गिरफ्तारी यह बताती है कि पंजाब पुलिस ने नशे के कारोबार की पूरी सप्लाई चेन को तोड़ने का बीड़ा उठाया है। छोटे फेरीवालों से लेकर बड़े तस्करों तक, हर स्तर पर कार्रवाई जारी है।
नशा पीड़ितों के पुनर्वास पर भी ध्यान, 12 लोगों को प्रेरित किया
Gangsteron Te Vaar और नशा विरोधी अभियान का एक संवेदनशील पहलू यह भी है कि पंजाब पुलिस सिर्फ तस्करों को पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि नशे के शिकार लोगों को नशा छोड़ने और पुनर्वास उपचार लेने के लिए भी प्रेरित कर रही है। 28 मार्च को पुलिस ने 12 व्यक्तियों को नशा छोड़ने और पुनर्वास केंद्रों में इलाज कराने के लिए प्रेरित किया।
यह दृष्टिकोण इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि नशे की समस्या सिर्फ कानून-व्यवस्था का मामला नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक और स्वास्थ्य संकट भी है। जब तक नशे के शिकार लोगों का सही इलाज और पुनर्वास नहीं होगा, तब तक नशे की मांग कम नहीं होगी और तस्करी का कारोबार जारी रहेगा। पंजाब पुलिस का यह दोतरफा दृष्टिकोण, एक तरफ तस्करों पर सख्त कार्रवाई और दूसरी तरफ पीड़ितों का पुनर्वास, नशे के खिलाफ लड़ाई की सबसे प्रभावी रणनीति है।
गैंगस्टर विरोधी हेल्पलाइन: आम लोग भी बन सकते हैं इस मुहिम का हिस्सा
Gangsteron Te Vaar मुहिम को और मजबूत बनाने के लिए पंजाब पुलिस ने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 के माध्यम से कोई भी व्यक्ति गुप्त रूप से वांछित अपराधियों और गैंगस्टरों के बारे में जानकारी दे सकता है। इस हेल्पलाइन पर दी गई जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है और सूचना देने वाले की पहचान किसी भी स्थिति में उजागर नहीं की जाती।
पंजाब के हर शहर, कस्बे और गांव में ऐसे लोग हैं जो गैंगस्टरों और उनके सहयोगियों के बारे में जानकारी रखते हैं, लेकिन डर के कारण चुप रहते हैं। यह हेल्पलाइन ऐसे लोगों को बिना किसी खतरे के जानकारी साझा करने का सुरक्षित माध्यम देती है।
दो अभियानों के आंकड़े: एक नजर में
Gangsteron Te Vaar और ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ दोनों अभियानों के संयुक्त आंकड़े पंजाब पुलिस की कार्यशैली की गंभीरता बयान करते हैं। गैंगस्टर विरोधी मुहिम में 67 दिनों में 17,482 गिरफ्तारियां हुई हैं, जबकि नशा विरोधी अभियान में 392 दिनों में 55,877 नशा तस्कर पकड़े गए हैं। दोनों मिलाकर 73,359 से अधिक गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि पंजाब सरकार और पंजाब पुलिस ने गैंगस्टरों और नशा तस्करों के खिलाफ जो जंग छेड़ी है, वह बिना रुके और बिना थके जारी है। DGP गौरव यादव के नेतृत्व में AGTF और जिला पुलिस की टीमें रोजाना मिलकर इस मुहिम को आगे बढ़ा रही हैं। हालांकि इस अभियान की असली सफलता तब मानी जाएगी जब पंजाब की गलियों और मोहल्लों से गैंगस्टरों और नशे का खौफ पूरी तरह खत्म हो जाए।
मुख्य बातें (Key Points)
- Gangsteron Te Vaar के 67वें दिन पंजाब पुलिस ने 526 ठिकानों पर छापेमारी करके 214 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया, 2 भगोड़े अपराधी भी पकड़े गए।
- इस अभियान की शुरुआत से अब तक कुल 17,482 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, 64 व्यक्तियों के खिलाफ एहतियाती कार्रवाई और 103 को पूछताछ के बाद रिहा किया गया।
- ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ के 392वें दिन 90 नशा तस्कर गिरफ्तार हुए और 488 ग्राम हेरोइन, 173 नशीली गोलियां तथा ड्रग मनी बरामद हुई; अब तक कुल 55,877 नशा तस्कर पकड़े जा चुके हैं।
- एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन 93946-93946 पर कोई भी गुप्त रूप से गैंगस्टरों की जानकारी दे सकता है और 12 नशा पीड़ितों को पुनर्वास के लिए प्रेरित किया गया।







