OpenAI Crisis : $500 अरब डॉलर वैल्यूएशन वाली कंपनी पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। मशहूर इन्वेस्टर जॉर्ज नोबल के मुताबिक कंपनी रियल टाइम में बिखरती दिख रही है, जहां इंटरनल इमरजेंसी, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और भारी नुकसान ने चिंता बढ़ा दी है।
OpenAI इन दिनों वैश्विक AI बाज़ार में गंभीर दबाव से जूझती नजर आ रही है। हालिया महीनों में कंपनी के भीतर आंतरिक संकट, गिरता ट्रैफिक और कमजोर प्रदर्शन सामने आया है। इसकी बड़ी वजह Google Gemini की तेज़ और आक्रामक बढ़त मानी जा रही है, जिसने बाजार में ChatGPT की पकड़ को कमजोर किया है। इसके साथ ही भारी वित्तीय घाटे, तकनीकी असफलताएं और बढ़ते कानूनी मुकदमे OpenAI पर एक साथ दबाव बना रहे हैं, जिससे $500 अरब डॉलर की वैल्यूएशन वाली इस कंपनी के भविष्य पर सवाल उठने लगे हैं।
इंटरनल ‘कोड रेड’ और बाजार में दबाव
जॉर्ज नोबल के अनुसार OpenAI ने दिसंबर में आंतरिक रूप से “कोड रेड” घोषित किया। इसका मतलब था—इमरजेंसी। कंपनी के सीईओ Sam Altman ने कर्मचारियों को संदेश भेजा कि बाकी सब छोड़कर पहले ChatGPT को सुधारना है। वजह साफ बताई गई—Google Gemini तेजी से बाजार खा रहा है।
नोबल ने यह भी उल्लेख किया कि Salesforce के सीईओ मार्क बेनिऑफ ने सार्वजनिक रूप से ChatGPT छोड़कर Gemini को अपनाया। नवंबर 2025 में ChatGPT का ट्रैफिक गिरा, और यह लगातार दूसरा महीना था, जबकि Gemini के 65 करोड़ मंथली यूज़र्स हो चुके हैं।
भारी वित्तीय नुकसान और Sora का बोझ
नोबल ने वित्तीय मोर्चे पर बड़ा झटका बताया। Microsoft के फिसिकल डिस्क्लोज़र से सामने आया कि OpenAI एक ही क्वार्टर में करीब ₹12,000 करोड़ का घाटा कर चुकी है। डॉइस बैंक के अनुमान के मुताबिक प्रॉफिट से पहले कुल घाटा $13 अरब डॉलर, यानी लगभग ₹11,90,000 करोड़ तक पहुंच गया।
इसका बड़ा कारण वीडियो टूल Sora है, जो रोज़ाना करीब $15 मिलियन यानी लगभग ₹125 करोड़ खर्च कर रहा है। Sora के लीड इंजीनियर ने भी इस खर्च को पूरी तरह “अनसस्टेनेबल” माना है।
तकनीकी असफलताएं और GPT-5 की आलोचना
नोबल के मुताबिक OpenAI अब तकनीकी दीवार से टकरा रही है। आसान सुधार हो चुके हैं, अब थोड़ा बेहतर मॉडल बनाने के लिए कई गुना ज्यादा ऊर्जा और पैसा चाहिए। 2025 के बड़े ट्रेनिंग रन फेल हो गए।
जब GPT-5 लॉन्च हुआ, तो यूज़र्स ने इसे “अंडरवेल्मिंग” और “हॉरेबल” कहा। पहले वादा किया गया था कि यह GPT-4 को पीछे छोड़ देगा, लेकिन यह मैथ और जियोग्राफी में भी कमजोर निकला। नतीजा—24 घंटों में GPT-4 को वापस लाना पड़ा। GPT-5.1 और 5.2 आए, लेकिन शिकायतें रहीं कि ये बहुत ज्यादा कॉर्पोरेट, सेफ और रोबोटिक हैं।
टैलेंट का पलायन और लीडरशिप पर सवाल
नोबल ने टैलेंट एग्ज़ोडस को चौथा बड़ा कारण बताया। कंपनी से डिप्टी सीईओ मीरा मुराती, चीफ साइंटिस्ट इल्या सुत्सकेवर, चीफ रिसर्च ऑफिसर बॉब मैग्रू, प्रेसिडेंट ग्रेग ब्रॉकमैन जैसे बड़े नाम जा चुके हैं। AI सेफ्टी टीम के लगभग आधे लोग भी कंपनी छोड़ चुके हैं।
सबसे गंभीर आरोप यह हैं कि कई एग्जीक्यूटिव्स ने Sam Altman की लीडरशिप में “साइकोलॉजिकल अब्यूज” का हवाला दिया।
बढ़ते मुकदमे और कानूनी जोखिम
पांचवां और आखिरी बड़ा संकट कानूनी मोर्चे पर है। नोबल के अनुसार Elon Musk का $134 अरब डॉलर (करीब ₹1 लाख करोड़) का मुकदमा अप्रैल में ट्रायल पर जाएगा। आरोप है कि OpenAI ने नॉन-प्रॉफिट रहने का वादा तोड़ा। मस्क ने शुरुआत में $38 मिलियन का निवेश किया था और अब $500 अरब डॉलर की वैल्यूएशन में अपना हिस्सा मांग रहे हैं।
AI हाइप, रेवेन्यू टारगेट और बाजार को चेतावनी
नोबल का कहना है कि AI अपने हाई पीक पर है। OpenAI को 2030 तक सालाना $200 अरब डॉलर (करीब ₹16,600 करोड़) का रेवेन्यू चाहिए, यानी पांच साल में 15 गुना ग्रोथ। उन्होंने निवेशकों को सलाह दी कि अगर वे AI इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए Magnificent 7—Alphabet, Amazon, Apple, Meta, Microsoft, Nvidia, Tesla—में फंसे हैं, तो मुनाफा काटने पर विचार करें।
उनके शब्दों में, मार्केट जोखिम को कीमत में उतारा जा सकता है, लेकिन अराजकता को नहीं। और $500 अरब डॉलर की वैल्यूएशन के पीछे OpenAI में यही अराजकता छिपी है।
जानें पूरा मामला
जॉर्ज नोबल के 600 शब्दों के नोट में OpenAI को लेकर जो तस्वीर उभरती है, वह सिर्फ एक कंपनी की नहीं, बल्कि पूरे AI इकोसिस्टम की है। वादों और हकीकत के बीच बढ़ती दूरी, बढ़ता खर्च, और भरोसे की कमी—यही वह पृष्ठभूमि है, जिसमें OpenAI का भविष्य अनिश्चित दिख रहा है।
मुख्य बातें (Key Points)
- OpenAI ने आंतरिक “कोड रेड” घोषित कर ChatGPT सुधारने पर फोकस किया
- Google Gemini की तेज़ बढ़त से ChatGPT का ट्रैफिक गिरा
- Sora जैसे टूल्स से रोज़ाना भारी खर्च और बड़ा वित्तीय घाटा
- तकनीकी असफलताएं, GPT-5 की आलोचना और टैलेंट पलायन
- Elon Musk के बड़े मुकदमे से कानूनी दबाव बढ़ा








