पूर्व PPCC अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने फेसबुक लाइव पर किया ऐलान

The News Air: लगातार चुनावों में हार और आंतरिक कलह का शिकार हो रही कांग्रेस (Congress) एक तरफ़ पार्टी में जान फूंकने के लिए चिंतन शिविर (Chintan Shivir) लगा रही है, तो वहीं दूसरी ओर उसे एक और झटका है। कांग्रेस नेता और पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ (Sunil Jakhar) ने शनिवार को फेसबुक लाइव के ज़रिए पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया।
जाखड़ ने अपने फ़ैसले की घोषणा करते हुए कहा, “…गुड लक और गुड बाय कांग्रेस।” लाइव आने से पहले उन्होंने फेसबुक लाइव का लिंक शेयर करते हुए लिखा, “यह पार्टी को मेरा विदाई उपहार होने जा रहा है।”
राजस्थान के उदयपुर में वर्तमान में चल रहे पार्टी के तीन दिवसीय चिंतन शिविर या विचार-मंथन सत्र के बीच उन्होंने यह फ़ैसला लिया है। जाखड़ को पहले ही “पार्टी लाइन पर नहीं चलने” के लिए पार्टी के सभी पदों से हटा दिया गया था।
जाखड़ ने पिछले महीने कांग्रेस की अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति की तरफ़ से जारी कारण बताओ नोटिस का जवाब नहीं दिया था। कैप्टन अमरिंदर सिंह के मुख्यमंत्री पद से हटाए जाने के बाद पंजाब में नेतृत्व परिवर्तन का फ़ैसला करते समय उन पर आरोप लगाया गया था। आरोप ये था कि उन्होंने कांग्रेस नेताओं पार्टी नेतृत्व के ख़िलाफ़ अपमानजनक बयान दिया।

 ‘दिल्ली में बैठे नेताओं ने पंजाब में पार्टी को बर्बाद कर दिया’

68 साल के जाखड़ ने कहा, “दिल्ली में बैठे कांग्रेस नेताओं ने पंजाब में पार्टी को बर्बाद कर दिया।” उन्होंने ने कहा, “राज्य में कांग्रेस को बसपा (मायावती की पार्टी) के रूप में पेश करने का भी कोशिश की गई थी।” उन्होंने भावनात्मक होकर अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) से कहा, “अपनी विचारधारा से मत हटो।”
अपने ‘दिल की बात’ फेसबुक लाइव संदेश के दौरान उन्होंने जिन दूसरे नेताओं को निशाना बनाया, उनमें हरीश चौधरी, पूर्व राज्य प्रभारी हरीश रावत और तारिक अनवर भी शामिल थे।
राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की प्रशंसा करते हुए, जाखड़ ने उन्हें “एक अच्छा इंसान” कहा। उन्होंने राहुल से पार्टी की बागडोर अपने हाथों में लेने और “चापलूस लोगों से ख़ुद को दूर रखने” का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “गुड लक और गुड बाय कांग्रेस।”
इस मामले पर पहली प्रतिक्रिया नवजोत सिंह सिद्धू की ओर से आई। उन्होंने एक ट्वीट कर कहा, “कांग्रेस को सुनील जाखड़ को नहीं छोड़ना चाहिए। किसी भी मतभेद को आपसी बातचीत के ज़रिए हल किया जा सकता है।

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