पूर्व कांग्रेसी सरपंच की हत्या: सरपंच पर की अंधाधुंध फायरिंग, अस्पताल में इलाज के दौरान मौत

The News Air- (चंडीगढ़) विधानसभा चुनाव आते ही वारदातों का सिलसिला भी शुरू हो गया है। पटियाला में आज गांव झिल सिओणा के पास पूर्व सरपंच एवं कांग्रेस नेता तारा दत्त को अराजक तत्वों ने गोलियां मार उनकी हत्या कर दी। वारदात के वक़्त सरपंच साथ ही लगते त्रिपड़ी विकास नगर की तरफ़ जा रहे थे।
सरपंच के आने की हत्यारों को पहले से ही सूचना थी और वह घात लगाकर बैठे थे। जैसे सरपंच की गाड़ी पीबी 11 एडब्ल्यू 4767 (एसएक्स फोर मारुति कार) आई तो हत्यारों ने उन पर अंधाधुंध गोलियां चलानी शुरू कर दी। कई गोलियां गाड़ी के बोनट और शीशे पर लगी हैं। हत्यारे इतने बेख़ौफ थे कि बड़े आराम से अंधाधुंध गोलियां सरपंच की गाड़ी पर बरसाने और सरपंच को मारने के बाद फ़रार हुए। बताया जा रहा है कि पूर्व सरपंच को सात गोलियां मारी गई हैं।
फायरिंग की आवाज़ सुनकर लोग घटनास्थल की तरफ़ भागे और बुरी तरह से ज़ख़्मी सरपंच को गाड़ी में डालकर पटियाला के एक निजी अमर अस्पताल में पहुंचाया गया। लेकिन अस्पताल में इलाज के दौरान ही सरपंच तारा दत्त ने दम तोड़ दिया। अभी फ़िलहाल गोली किसने मारी है इसकी कोई जानकारी नहीं लगी है न ही यह पता चल पाया है कि इस वारदात को अंजाम किसी खुन्नस या रंजिश में दिया गया है या फिर कोई और वजह थी। किसी ने अभी तक पूर्व सरपंच को गोली मारने की ज़िम्मेदारी भी नहीं ली है। लेकिन पुलिस रिकार्ड के मुताबिक़ मारे गए पूर्व सरपंच पर भी मारपीट के कई मामले दर्ज़ हैं। पटियाला से मंत्री ब्रह्म महिंद्रा के खासमखास रहे पूर्व सरपंच तारा दत्त को एक युवक की हत्या के मामले में भी नामज़द किया गया था लेकिन केस की जांच के दौरान उन्हें पुलिस ने क्लीन चिट दे दी थी। इस मामले में पूर्व सरपंच ने अपनी अग्रिम ज़मानत भी करवाई थी।
पूर्व सरपंच तारा दत्त की हत्या के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। आसपास के लोग घटना स्थल पर जमा हो गए। मौक़े पर पुलिस भी पहुंच गई है। पुलिस ने मौक़े से गोलियों के खोल भी बरामद किए हैं और घटना की सारी जानकारी भी इकट्ठा कर रही है। पता चला है कि सरपंच ने साथ ही लगते त्रिपड़ी के विकास नगर में नए मकान का काम लगाया हुआ था। उसकी देखरेख और मिस्त्रियों को चाय देने के लिए ही वह घर से वहाँ के निकला था। लेकिन रास्ते में पहले ही मौत बैठी हुई थी। हमलावरों को इस बात की पूरी जानकारी थी कि सरपंच वहाँ पर जाएगा। इसलिए वह पहले ही रास्ते में नाका लगाकर बैठे हुए थे। जैसे ही सरपंच अपनी कार में आया उन्होंने उसे वहीं पर गोलियां मार कर मौत के घाट उतार दिया।

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