घर लौट किसान शुरू करेंगे ‘मिशन पंजाब’: इस मांग को लेकर चलेगा संघर्ष


The News Air- (चंडीगढ़) दिल्ली बॉर्डर पर किसान आंदोलन क़ामयाबी के साथ ख़त्म हो गया। जिसके बाद पंजाब के किसान संगठन वापस लौट रहे हैं। यहां आकर अब उनका ‘मिशन पंजाब’ शुरू होगा। जिसमें सबसे बड़ा मुद्दा किसानों की क़र्ज़ माफ़ी का है। जिससे कांग्रेस के लिए दोहरी मुश्किल खड़ी हो सकती है। उनके हाथ से किसान आंदोलन का मुद्दा छिन गया और अब क़र्ज़ माफ़ी पर जवाब देने की बारी आ गई है।

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इसे देखते हुए पंजाब में कांग्रेस सरकार भी सहम गई है। CM चरणजीत चन्नी ने 17 दिसंबर को 11 बजे पंजाब भवन में मीटिंग बुला ली है। दरअसल, 2017 में हुए विस चुनाव में कांग्रेस सरकार किसानों की क़र्ज़ माफ़ी का वादा किया था। जिसमें सरकारी-प्राइवेट बैंकों के अलावा आढ़तियों का क़र्ज़ा तक माफ़ करने का दावा था। हालांकि किसानों का कहना है कि अभी तक सबका क़र्ज़ा माफ़ नहीं हुआ है।

किसानों की मीटिंग में नहीं बनी थी सहमति

कुछ समय पहले CM चरणजीत चन्नी ने पंजाब के किसान संगठनों से चंडीगढ़ में मीटिंग की थी। तब क़रीब 18 मुद्दों पर सहमति बन गई थी। हालांकि क़र्ज़ माफ़ी वाला मुद्दा लटक गया था। CM चन्नी ने कहा था कि वह इस बारे में रिपोर्ट लेकर किसानों से फिर मीटिंग करेंगे। हालांकि इसके बाद सरकार ने कोई मीटिंग नहीं की। अब चूंकि किसान संगठन घर लौट रहे हैं तो सरकार और कांग्रेस पार्टी की चिन्ता बढ़ गई। जिसके बाद

कांग्रेस के लिए दोहरी मुश्किल

किसान आंदोलन ख़त्म होने से कांग्रेस के लिए पंजाब में दोहरी मुश्किल हो गई है। पहला कांग्रेस के हाथ से पंजाब में बड़ा मुद्दा छिन गया। कांग्रेस किसान आंदोलन के बहाने भाजपा और ख़ासकर अकाली दल को घेरने में जुटी थी। यह आसान भी था क्योंकि अकाली दल क़ानून बनाते वक़्त केंद्र सरकार में था।

दूसरा, किसानों की क़र्ज़ माफ़ी का मुद्दा गर्माएगा। जिससे चुनाव में किसान वोट बैंक की मुश्किल खड़ी होगी। CM चरणजीत चन्नी की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार के लिए आखिरी वक़्त में यह वादा पूरा करना बड़ी चुनौती रहेगी, क्योंकि इसमें ऐलान नहीं बल्कि ज़मीनी स्तर पर काम दिखाना होगा।

क़र्ज़ माफ़ी पर कैप्टन ठोक रहे दावा

क़र्ज़ माफ़ी को लेकर पूर्व CM कैप्टन अमरिंदर सिंह जरुर दावा ठोक रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार बनने के बाद साढ़े 4 साल में उन्होंने 5.64 लाख किसानों के 4 हज़ार 624 करोड़ रुपया क़र्ज़ माफ़ किया। इसके अलावा 2.85 लाख भूमिहीन मज़दूरों का 520 करोड़ रुपया क़र्ज़ माफ़ किया गया। कैप्टन का यह दावा भी चन्नी सरकार की मुसीबत बढ़ाएगा।

केंद्र को घेरने की कोशिश कर चुके चन्नी

पंजाब में क़र्ज़ माफ़ी के मुद्दे को CM चरणजीत चन्नी भी भांप गए थे। इसलिए कुछ दिन पहले उन्होंने क़र्ज़ माफ़ी में केंद्र सरकार को घसीटने की कोशिश की। उन्होंने PM नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर पूर्ण क़र्ज़ माफ़ी की पहल करने को कहा। सीएम को उम्मीद थी कि संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) इस मुद्दे को भी केंद्र से वार्ता में शामिल कर सकता है। हालांकि ऐसा नहीं हुआ। उल्टा अकाली दल और भाजपा ने आरोप लगाया कि सीएम कांग्रेस के वादे को केंद्र से पूरा करवाना चाहते हैं।

क़र्ज़ माफ़ी पर पूछेंगे सवाल : किसान नेता

किसान नेता मनजीत राय और जोगिंदर सिंह उगराहां ने कहा कि कांग्रेस ने पिछले चुनाव में क़र्ज़ माफ़ी का वादा किया था। जिसे अभी तक पूरा नहीं किया गया। इस बारे में कांग्रेस सरकार से सवाल पूछेंगे। मनजीत राय ने कहा कि हम संघर्षशील आदमी है। किसान के हक़ों के लिए पंजाब सरकार से जवाब लिया जाएगा।

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