Kargil Iran Protest : भारत के केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के कारगिल में आज एक असाधारण नजारा देखने को मिला। शिया बहुल इस शहर में हजारों लोग सड़कों पर उतरे और ईरान के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump और इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के खिलाफ जमकर नारे लगाए। रैली में प्रतीकात्मक तौर पर ट्रंप और नेतन्याहू के पुतले और खाली ताबूत भी निकाले गए।

Kargil की सड़कों पर क्यों उमड़ा गुस्सा
कारगिल के लोगों का कहना है कि ईरान में जो हालात बने हुए हैं, उसके लिए अमेरिका और इजराइल की नीतियां जिम्मेदार हैं। इसी नाराजगी के चलते शिया समुदाय के लोग बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरे और ईरानी सरकार के साथ एकजुटता दिखाई।
Ali Khamenei के समर्थन में नारे
कारगिल, ईरान की तरह शिया बहुल इलाका है और यहां के लोगों में ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei के प्रति गहरा सम्मान देखा जाता है। रैली के दौरान उनके समर्थन में भी नारे लगे, जिससे प्रदर्शन और अधिक प्रतीकात्मक बन गया।
महिलाओं की भी रही मजबूत भागीदारी
इस प्रदर्शन की खास बात यह रही कि इसमें केवल पुरुष ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी हिस्सा लिया। महिलाओं ने भी अमेरिकी और इजराइली नेतृत्व के खिलाफ खुलकर नाराजगी जताई और ईरान के साथ खड़े होने का संदेश दिया।

पुतले और प्रतीकात्मक जनाजा
प्रदर्शन के दौरान ट्रंप और नेतन्याहू के पुतलों के साथ-साथ खाली ताबूतों का जनाजा निकाला गया। यह प्रतीकात्मक विरोध अमेरिका और इजराइल की नीतियों के खिलाफ गुस्से को दर्शाता है। सड़कों पर गूंजते नारों ने पूरे कारगिल को प्रदर्शन का केंद्र बना दिया।
ईरान के हालात से जुड़ी नाराजगी
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ईरान में जारी अशांति और वहां हो रही कार्रवाइयों को लेकर अमेरिका लगातार दखल दे रहा है। ट्रंप की ओर से ईरान को दी जा रही धमकियों ने लोगों के गुस्से को और भड़का है। इसी दखलअंदाजी के विरोध में यह प्रदर्शन भारत तक पहुंचा।
भारत के अन्य शिया इलाकों से जुड़ा संदर्भ
ईरान में हो रही घटनाओं का असर भारत के शिया बहुल इलाकों में भी देखा जा रहा है। लखनऊ, मुंबई, हैदराबाद, अलीनगर और कारगिल जैसे क्षेत्रों में शिया समुदाय ईरान की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। कारगिल का यह प्रदर्शन उसी भावनात्मक जुड़ाव का नतीजा माना जा रहा है।
आम लोगों पर असर
इस तरह के प्रदर्शनों से यह साफ होता है कि अंतरराष्ट्रीय घटनाएं भारत के भीतर भी भावनात्मक और सामाजिक प्रतिक्रिया पैदा करती हैं। आम लोगों के लिए यह संदेश है कि वैश्विक राजनीति का असर स्थानीय स्तर तक महसूस किया जा सकता है।
क्या है पृष्ठभूमि
ईरान में लंबे समय से विरोध प्रदर्शन और अशांति का दौर जारी है। वहां सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की खबरें सामने आ रही हैं। इसी बीच अमेरिका की ओर से सैन्य कार्रवाई की धमकियों और बयानों ने हालात को और संवेदनशील बना दिया है, जिसका असर अब भारत के कारगिल तक देखने को मिला।
मुख्य बातें (Key Points)
- लद्दाख के कारगिल में ईरान के समर्थन में बड़ी रैली निकाली गई।
- प्रदर्शनकारियों ने Trump और Netanyahu के पुतले व खाली ताबूत निकाले।
- Shia बहुल कारगिल में Ali Khamenei के समर्थन में नारे लगे।
- महिलाओं समेत हजारों लोग प्रदर्शन में शामिल हुए।








