ED Summons Case के तहत आज 12 फरवरी को जालंधर में बड़ा घटनाक्रम होने जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के बेटे रणइंद्र सिंह दोपहर करीब 12 बजे प्रवर्तन निदेशालय के सामने पेश होंगे। उनसे विदेशी संपत्तियों से जुड़े मामले में पूछताछ की जाएगी।
बुधवार 11 फरवरी को ED ने पिता-पुत्र दोनों को समन जारी किया था। जानकारी के अनुसार, कैप्टन अमरिंदर सिंह 13 फरवरी को जालंधर स्थित ED दफ्तर में पेश होंगे।
सेहत के कारण पहले नहीं हो पाए पेश
इससे पहले भी ED कई बार कैप्टन अमरिंदर सिंह को तलब कर चुकी है। लेकिन सेहत संबंधी दिक्कतों और घुटनों की रिप्लेसमेंट के कारण वह पेश नहीं हो पाए थे।
अब हाईकोर्ट से जांच को हरी झंडी मिलने के बाद एजेंसी ने कार्रवाई तेज कर दी है।
FEMA के तहत 2006 से चल रही जांच
यह मामला वर्ष 2006 से विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत दर्ज है। आरोप है कि पिता-पुत्र की कई देशों में संपत्तियां हैं, जिनकी जानकारी संबंधित एजेंसियों को नहीं दी गई।
इनकम टैक्स विभाग ने 2006 में आरोप लगाया था कि रणइंद्र सिंह और उनके परिवार के सदस्य ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स में बनाए गए एक ट्रस्ट और उससे जुड़े विदेशी बैंक खातों के लाभार्थी हैं। इनमें स्विस बैंक खाते होने का भी आरोप शामिल है।
ट्रस्ट के जरिए विदेश में संपत्ति बनाने का दावा
जांच एजेंसियों का कहना है कि ट्रस्ट के माध्यम से ब्रिटेन और अन्य देशों में करोड़ों रुपये की संपत्तियां बनाई गईं। इन संपत्तियों का लेखा-जोखा भारत में इनकम टैक्स विभाग को नहीं दिखाया गया।
यह भी आरोप है कि इन संपत्तियों की खरीद में इस्तेमाल धन के स्रोत की जानकारी स्पष्ट नहीं दी गई, जिससे FEMA नियमों के उल्लंघन का मामला बना।
लुधियाना कोर्ट से शुरू हुई कानूनी प्रक्रिया
शुरुआत में इनकम टैक्स विभाग ने लुधियाना की अदालत में शिकायत दर्ज कराई थी कि विदेशी संपत्ति और आय की जानकारी छुपाई गई।
इसी आधार पर ED ने अपनी जांच शुरू की, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं मनी लॉन्ड्रिंग या विदेशी मुद्रा नियमों का उल्लंघन तो नहीं हुआ।
हाईकोर्ट के फैसले से जांच को रफ्तार
सितंबर 2025 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने ED को इनकम टैक्स विभाग द्वारा जुटाए गए दस्तावेजों और सबूतों की जांच की अनुमति दी।
इसके बाद एजेंसी ने समन जारी कर आमने-सामने पूछताछ का फैसला लिया है। फरवरी 2026 में जारी ताजा समन इसी प्रक्रिया का हिस्सा है।
कानून पर भरोसे की बात
रणइंद्र सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि कानून का पालन करने वाले नागरिक के नाते वह हर जांच एजेंसी के साथ पूरा सहयोग करेंगे। उन्होंने लिखा कि उन्हें कानून के शासन पर पूरा विश्वास है और सत्य की जीत होगी।
अब ED दफ्तर में पूछताछ के दौरान विदेशी ट्रांजेक्शन और निवेश से जुड़े रिकॉर्ड पर सवाल-जवाब होंगे।
राजनीतिक और कानूनी असर
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में भाजपा नेता के रूप में सक्रिय कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ चल रही यह जांच राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
हालांकि इस चरण में एजेंसी केवल दस्तावेजों और लेन-देन की पुष्टि कर रही है, लेकिन आगे की कार्रवाई पूछताछ के नतीजों पर निर्भर करेगी। आम लोगों के लिए यह मामला इसलिए अहम है क्योंकि यह विदेशी निवेश और पारदर्शिता से जुड़े नियमों की सख्ती को भी दिखाता है।
मुख्य बातें (Key Points)
- 12 फरवरी को रणइंद्र सिंह जालंधर ED में पेश होंगे
- 13 फरवरी को कैप्टन अमरिंदर सिंह की संभावित पेशी
- 2006 से FEMA के तहत विदेशी संपत्तियों की जांच
- हाईकोर्ट ने सितंबर 2025 में ED को दस्तावेज जांच की अनुमति दी








