ED Raid West Bengal : पश्चिम बंगाल में गुरुवार को उस वक्त सियासी ड्रामा चरम पर पहुंच गया, जब Mamata Banerjee अचानक राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म I-PAC के प्रमुख के आवास पहुंचीं। कोलकाता में Enforcement Directorate की रेड के दौरान मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी पार्टी Trinamool Congress से जुड़े हार्ड डिस्क, आंतरिक दस्तावेज और संवेदनशील डेटा जब्त करने की कोशिश की गई। इसी कार्रवाई के विरोध में दिल्ली तक राजनीतिक टकराव देखने को मिला।

ED रेड और ममता बनर्जी के आरोप
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि ED की टीम सुबह करीब 6 बजे पहुंची और पार्टी से जुड़ा डिजिटल डेटा, लैपटॉप, मोबाइल फोन और रणनीतिक दस्तावेज जब्त किए गए। उनका कहना था कि उम्मीदवारों की सूची और चुनावी रणनीति से जुड़े डेटा को ट्रांसफर किया गया, जो गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
I-PAC से जुड़ा मामला
यह पूरी कार्रवाई राजनीतिक कंसलटेंसी फर्म I-PAC से जुड़े कोयला तस्करी मामले के सिलसिले में बताई जा रही है। ED का दावा है कि सर्च मनी लॉन्ड्रिंग की नियमित जांच का हिस्सा है और किसी राजनीतिक पार्टी या चुनाव को टारगेट नहीं किया गया।
ED का पलटवार
ED ने अपने बयान में कहा कि मुख्यमंत्री ने सर्च के दौरान हस्तक्षेप किया और कथित तौर पर कुछ भौतिक दस्तावेज व इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से जुड़े अहम सबूत नष्ट किए। एजेंसी के अनुसार यह कार्रवाई सबूतों पर आधारित थी और किसी पार्टी कार्यालय में सर्च नहीं की गई।
दिल्ली में TMC का विरोध प्रदर्शन
कोलकाता में रेड के विरोध में TMC सांसद दिल्ली में Amit Shah के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे। इस दौरान Mahua Moitra और Derek O’Brien सहित कई नेताओं को हिरासत में लिया गया। सांसदों ने नारेबाजी करते हुए केंद्र सरकार पर जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया।
TMC नेताओं का आरोप
TMC सांसदों का कहना है कि चुनाव से पहले केंद्रीय एजेंसियों को आगे कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। पार्टी नेताओं ने साफ कहा कि भाजपा इस तरह के कदमों से चुनाव नहीं जीत सकती।
ममता का खुला चैलेंज
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सीधे तौर पर अमित शाह और भाजपा को चुनौती देते हुए कहा कि अगर वे पश्चिम बंगाल चाहते हैं तो लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव लड़ें। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के डेटा और रणनीति पर हमला करना लोकतंत्र के खिलाफ है।
विश्लेषण (Analysis)
यह मामला केवल एक जांच एजेंसी की कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आने वाले बंगाल चुनावों से पहले केंद्र बनाम राज्य की राजनीतिक लड़ाई का बड़ा संकेत देता है। ED और TMC के दावों–प्रतिदावों ने माहौल को और गरमा दिया है। यह टकराव न सिर्फ बंगाल बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी असर डाल सकता है।
जानें पूरा मामला
कोयला तस्करी से जुड़े केस में ED की रेड के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने I-PAC से जुड़े स्थान पर पहुंचकर कार्रवाई पर सवाल उठाए। इसके बाद दिल्ली में TMC सांसदों का विरोध प्रदर्शन हुआ और कई नेताओं को हिरासत में लिया गया। दोनों पक्ष अपने-अपने दावे कर रहे हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- ED की रेड के दौरान ममता बनर्जी के गंभीर आरोप।
- I-PAC से जुड़े स्थान पर सर्च और डेटा जब्ती का विवाद।
- दिल्ली में अमित शाह कार्यालय के बाहर TMC का प्रदर्शन।
- ED और TMC के बीच सीधे आरोप–प्रत्यारोप।








