E-commerce Future India : ई-कॉमर्स का अगला दौर किस दिशा में जाएगा, इसे लेकर Amazon इंडिया के कंट्री मैनेजर Samir Kumar ने खुलकर बात की है। उन्होंने बताया कि समय के साथ कुछ चीजें कभी नहीं बदलतीं—ग्राहक हमेशा ज्यादा विकल्प, बेहतर कीमत और तेज डिलीवरी चाहता है। यही तीन आधार आने वाले वर्षों में ई-कॉमर्स की रफ्तार और आकार तय करेंगे।
ग्राहक की चाह कभी नहीं बदलती
Samir Kumar के मुताबिक, अगर आज किसी ग्राहक को 10 हजार प्रोडक्ट घर बैठे मिल रहे हैं, तो कल वह 5 हजार पर संतुष्ट नहीं होगा। उसकी उम्मीद और बढ़ेगी। इसी तरह, जो ग्राहक आज किसी सामान के लिए ₹10 देता है, वह कल ₹20 नहीं देना चाहेगा। कीमत कम हो, यह अपेक्षा हमेशा बनी रहेगी। तीसरी और सबसे अहम बात—डिलीवरी की रफ्तार। आज दो दिन की डिलीवरी है, कल दो घंटे चाहिए और आने वाले समय में 15 मिनट भी लंबा लग सकता है।
ई-कॉमर्स अभी शुरुआती दौर में
Samir Kumar का मानना है कि भारत ही नहीं, दुनिया भर में ई-कॉमर्स की पहुंच अभी भी सीमित है। अमेरिका जैसे बाजार में भी रिटेल का बड़ा हिस्सा ऑनलाइन नहीं आया है। भारत में तो यह संभावनाएं और भी ज्यादा हैं। उनका कहना है कि ई-कॉमर्स के लिए “अभी भी पहला दिन” है—यानी असली ग्रोथ अभी बाकी है।
बड़े चयन की ताकत
उन्होंने कहा कि लाखों-करोड़ों प्रोडक्ट एक फिजिकल स्टोर में रखना संभव नहीं है। यह काम सिर्फ ई-कॉमर्स ही कर सकता है। जैसे-जैसे डिलीवरी की स्पीड बढ़ेगी और लॉजिस्टिक्स मजबूत होंगे, वैसे-वैसे इस मॉडल का स्केल भी कई गुना बढ़ेगा।
भारत में निवेश और नौकरियों का असर
Amazon ने 2010 से 2024 के बीच भारत में करीब 40 बिलियन डॉलर का निवेश किया है। Samir Kumar के अनुसार, यह निवेश हर साल, हर महीने चलता रहता है—नए फुलफिलमेंट सेंटर, सॉर्टेशन सेंटर, डिलीवरी स्टेशन और डेटा सेंटर्स के जरिए। कंपनी में सीधे तौर पर एक लाख से ज्यादा लोग काम कर रहे हैं, जबकि अप्रत्यक्ष रूप से इससे कहीं ज्यादा नौकरियां पैदा हुई हैं।
AI और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस
आने वाले वर्षों में Amazon भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी बड़ा दांव लगाने की तैयारी में है। Samir Kumar ने कहा कि यह निवेश सिर्फ बिजनेस बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि देश के डिजिटल इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए भी है।
आम ग्राहकों पर असर
ई-कॉमर्स के इस अगले दौर का सीधा फायदा ग्राहकों को मिलेगा—तेज डिलीवरी, ज्यादा विकल्प और प्रतिस्पर्धा के कारण बेहतर कीमतें। साथ ही, छोटे शहरों और कस्बों तक भी वही सुविधाएं पहुंचेंगी, जो पहले सिर्फ बड़े महानगरों तक सीमित थीं।
क्या है पृष्ठभूमि
ई-कॉमर्स ने बीते एक दशक में भारत में खरीदारी का तरीका बदल दिया है। अब यह सेक्टर सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि रोजगार, टेक्नोलॉजी और लॉजिस्टिक्स के जरिए अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा बन चुका है।
मुख्य बातें (Key Points)
- ग्राहक हमेशा ज्यादा विकल्प, कम कीमत और तेज डिलीवरी चाहता है।
- भारत में ई-कॉमर्स अभी शुरुआती दौर में है, बड़ी ग्रोथ बाकी।
- Amazon ने 2010–2024 के बीच भारत में 40 बिलियन डॉलर निवेश किए।
- AI और लॉजिस्टिक्स पर आगे भी बड़ा फोकस रहेगा।








