Durvalumab Cancer Drug: भारत में कैंसर के इलाज को एक नई ताकत मिली है। सेंट्रल ड्रग स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (CDSCO) और डायरेक्टर जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज ने एस्ट्राजेनेका फार्मा इंडिया लिमिटेड की दवा डरवालुमैब (Durvalumab) को एंडोमेट्रियल कैंसर (गर्भाशय के ऊपरी हिस्से का कैंसर) के इलाज के लिए मंजूरी दे दी है। 31 जनवरी 2026 को जारी कंपनी की प्रेस रिलीज के मुताबिक, यह दवा अब उन मरीजों के लिए भी उपलब्ध होगी, जिनका कैंसर एडवांस स्टेज में है या इलाज के बाद वापस लौट आया है।
डरवालुमैब इम्यूनोथेरेपी दवा है, जो पहले भारत में फूड पाइप (खाने की नली), फेफड़े, लिवर और पित्त नली के कैंसर के इलाज के लिए मंजूर थी। अब इसके दायरे में एंडोमेट्रियल कैंसर भी शामिल हो गया है।
किस कैंसर के लिए मिली मंजूरी?
डॉ. नीरज गोयल, डायरेक्टर और सीनियर कंसल्टेंट, जीआई सर्जरी एंड जीआई ऑन्कोलॉजी डिपार्टमेंट, धर्मशिला नारायण सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल दिल्ली के मुताबिक, यह मंजूरी गर्भाशय के ऊपरी हिस्से (यूट्रिन बॉडी) के कैंसर यानी एंडोमेट्रियल कार्सिनोमा के लिए दी गई है। ध्यान देने वाली बात है कि यह मंजूरी गर्भाशय के निचले हिस्से (सर्विक्स) के कैंसर या यूट्रस के दूसरे कैंसर जैसे लियोमायोसार्कोमा या लिंफोमा के लिए नहीं है।
डॉ. गोयल ने बताया, “भारत में एडवांस एंडोमेट्रियल कैंसर के लिए बहुत कारगर इलाज नहीं था, खासकर उन मरीजों के लिए जिनकी सर्जरी नहीं हो सकती थी या जिनका कैंसर इलाज के बाद वापस आ जाता था। डरवालुमैब के आने से अब इन मरीजों को प्रभावी इलाज मिल सकेगा।”
किन मरीजों को सबसे ज्यादा फायदा?
डॉ. गोयल के मुताबिक, डरवालुमैब उन मरीजों के लिए और भी कारगर साबित होगी, जिनमें एक खास टेस्ट (MMR या dMMR) की कमी पाई जाती है। इस सबसेट (समूह) के मरीजों के लिए यह दवा बहुत असरदार है। यह दवा अकेले नहीं, बल्कि कॉम्बिनेशन थेरेपी के तौर पर दी जाती है।
कैसे काम करती है यह दवा?
डॉ. नीरज गोयल ने इलाज की पूरी प्रक्रिया समझाई:
शुरुआती इलाज: पहले मरीजों को डरवालुमैब के साथ कीमोथेरेपी (कार्बोप्लैटिन और पैक्लिटैक्सेल) दी जाती है।
मेंटेनेंस थेरेपी: जो मरीज इस इलाज पर अच्छा रिस्पॉन्ड करते हैं और उनकी बीमारी नहीं बढ़ती है, उन्हें बाद में सिर्फ मेंटेनेंस थेरेपी दी जाती है। इसमें कीमोथेरेपी नहीं, बल्कि डरवालुमैब (इम्यूनोथेरेपी) और एक पारप इनहिबिटर (ओलापैरिब) कैप्सूल दिया जाता है, जिसे मरीज घर पर भी ले सकता है। यह कॉम्बिनेशन भारत में पहले से अप्रूव्ड है।
क्या है दवा की कीमत?
डॉ. गोयल ने दवा की कीमत के बारे में भी जानकारी दी। डरवालुमैब दो स्ट्रेंथ में आती है:
छोटी वायल (120 मिलीग्राम) – कीमत लगभग ₹400
बड़ी वायल (500 मिलीग्राम) – कीमत लगभग ₹1600
बड़ी वायल, छोटी वायल से करीब चार गुना ज्यादा स्ट्रेंथ की है और कीमत भी लगभग चार गुना है। इस मंजूरी से भारत में कैंसर मरीजों के इलाज के विकल्प बढ़ेंगे और उन्हें बेहतर जीवन मिलने की उम्मीद है।
कैंसर के इलाज में नई उम्मीद
डरवालुमैब को एंडोमेट्रियल कैंसर के लिए मंजूरी मिलना भारत में महिलाओं के कैंसर केयर में एक क्रांतिकारी कदम है। यह इम्यूनोथेरेपी दवा उन मरीजों के लिए नई उम्मीद लेकर आई है, जिनके पास पहले बहुत सीमित विकल्प थे। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे एडवांस स्टेज के कैंसर में भी मरीजों की जीवन प्रत्याशा बढ़ेगी और उनकी क्वालिटी ऑफ लाइफ बेहतर होगी।
मुख्य बातें (Key Points)
CDSCO ने कैंसर की दवा डरवालुमैब को एंडोमेट्रियल कैंसर के इलाज के लिए मंजूरी दी।
यह दवा उन मरीजों के लिए कारगर है जिनकी सर्जरी नहीं हो सकती या कैंसर वापस आ जाता है।
dMMR टेस्ट वाले मरीजों को इस दवा का सबसे ज्यादा फायदा होगा।
दवा की कीमत: 120 mg वायल ₹400 और 500 mg वायल ₹1600 के आसपास।








