DMart Spices Quality Test के चौंकाने वाले नतीजों ने हर भारतीय रसोई में इस्तेमाल होने वाले मसालों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। डीमार्ट (DMart) के हल्दी पाउडर और लाल मिर्च पाउडर माइक्रोबायोलॉजिकल टेस्टिंग में बुरी तरह फेल हो गए हैं। दोनों प्रोडक्ट्स में FSSAI की सेफ लिमिट से कई गुना ज्यादा खतरनाक बैक्टीरिया, यीस्ट और मोल्ड पाए गए हैं। यह क्वालिटी टेस्ट Trustified नाम के एक YouTube चैनल ने कराया, जिसने हाल ही में अपनी विस्तृत रिपोर्ट पब्लिक की।
DMart Spices Quality Test: हल्दी पाउडर कैसे फेल हुआ?
Trustified चैनल ने कई स्तरों पर डीमार्ट के हल्दी और लाल मिर्च पाउडर का क्वालिटी टेस्ट कराया था। डीमार्ट के हल्दी पाउडर की बात करें तो इसमें हैवी मेटल्स, अल्फा टॉक्सिंस, सिंथेटिक वाटर सॉल्युबल डाइस और पेस्टिसाइड्स FSSAI की सेफ लिमिट के अंदर मिले। यानी इन मामलों में प्रोडक्ट पास हो गया।
लेकिन असली खतरा सामने आया माइक्रोबायोलॉजिकल टेस्टिंग में। इस टेस्टिंग से पता चलता है कि कोई प्रोडक्ट इस्तेमाल के लिए सेफ है या नहीं और उसे प्रोसेस करते वक्त साफ-सफाई का कितना ध्यान रखा गया है। DMart Spices Quality Test में हल्दी पाउडर के नतीजे बेहद चौंकाने वाले रहे:
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- एंटेरोबक्टीरियसी बैक्टीरिया: FSSAI की सेफ लिमिट से 2.3 गुना ज्यादा
- टोटल प्लेट काउंट (TPC): सेफ लिमिट से 8.7 गुना ज्यादा
- यीस्ट और मोल्ड: FSSAI की सेफ लिमिट से 36 गुना ज्यादा
लाल मिर्च पाउडर की हालत तो और भी खराब
डीमार्ट के रेड चिल्ली पाउडर में भी हैवी मेटल्स, अल्फा टॉक्सिंस, सिंथेटिक वाटर सॉल्युबल डाइस और पेस्टिसाइड्स FSSAI की सेफ लिमिट के अंदर मिले। लेकिन यह प्रोडक्ट भी माइक्रोबायोलॉजिकल टेस्टिंग में बुरी तरह फेल हो गया।
DMart Spices Quality Test की रिपोर्ट के मुताबिक लाल मिर्च पाउडर में एंटेरोबक्टीरियसी बैक्टीरिया FSSAI की सेफ लिमिट से 21 गुना ज्यादा मिला। वहीं टोटल प्लेट काउंट यानी TPC डेढ़ गुना और यीस्ट व मोल्ड 27 गुना ज्यादा पाए गए। खासतौर पर लाल मिर्च पाउडर में एंटेरोबक्टीरियसी बैक्टीरिया का 21 गुना ज्यादा मिलना बेहद चिंताजनक है, जो प्रोसेसिंग के दौरान साफ-सफाई में गंभीर लापरवाही की ओर इशारा करता है।
डॉक्टर ने बताया: इन बैक्टीरिया से सेहत को क्या खतरा?
इन नतीजों को समझने के लिए नारायणा हॉस्पिटल गुरुग्राम में लिवर ट्रांसप्लांट एंड एचपीबी सर्जरी के डायरेक्टर डॉक्टर संजय गोजा से बात की गई। डॉक्टर संजय ने बताया कि एंटेरोबक्टीरियसी बैक्टीरिया की एक बड़ी फैमिली है, जिसके अंदर ई.कोलाई, साल्मोनेला और क्लेब्सिएला जैसे कई खतरनाक बैक्टीरिया आते हैं।
डॉक्टर गोजा ने बताया कि ये बैक्टीरिया आमतौर पर हमारी आंत में रहते हैं और सामान्य स्थिति में नुकसान नहीं करते। लेकिन अगर किसी प्रोडक्ट में एंटेरोबक्टीरियसी ज्यादा मात्रा में मिला है, तो इसका सीधा मतलब है कि उस प्रोडक्ट की प्रोसेसिंग के दौरान साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखा गया।
लगातार खाने से हो सकती हैं ये गंभीर बीमारियां
डॉक्टर संजय गोजा ने आगाह किया कि ऐसे प्रोडक्ट्स का लगातार और ज्यादा मात्रा में सेवन करने से कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इनमें दस्त, पेट दर्द, उल्टी, फूड पोइजनिंग और पेट के इंफेक्शन शामिल हैं। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए यह ज्यादा खतरनाक है।
टोटल प्लेट काउंट (TPC) से किसी प्रोडक्ट में मौजूद कुल बैक्टीरिया की मात्रा का पता चलता है। अगर TPC ज्यादा मिला है तो इसका मतलब है कि प्रोडक्ट में बैक्टीरिया की संख्या बहुत ज्यादा है। यह खराब हाइजीन, गलत स्टोरेज या प्रोसेसिंग के दौरान हुई गड़बड़ी की ओर इशारा करता है। ज्यादा TPC वाला प्रोडक्ट इस्तेमाल के लिए सुरक्षित नहीं माना जाता।
मोल्ड से कैंसर तक का खतरा: DMart Spices Quality Test का सबसे डरावना पहलू
DMart Spices Quality Test में सबसे ज्यादा चिंता की बात यीस्ट और मोल्ड का कई गुना ज्यादा मिलना है। अगर किसी प्रोडक्ट में यीस्ट या मोल्ड ज्यादा है तो इसका सीधा मतलब है कि प्रोडक्ट को सही तरीके से स्टोर नहीं किया गया और वह अब खाने लायक नहीं रहा।
ज्यादा यीस्ट-मोल्ड वाला प्रोडक्ट लगातार लंबे समय तक खाने से पेट खराब हो सकता है, उल्टी-दस्त लग सकते हैं और फूड पोइजनिंग भी हो सकती है। लेकिन इससे भी बड़ा खतरा यह है कि कुछ मोल्ड टॉक्सिंस यानी जहरीले तत्व बनाते हैं, जो लिवर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। लंबे समय में ये कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों की वजह भी बन सकते हैं।
पहले भी फेल हो चुके हैं बड़े ब्रांड के मसाले
यह पहली बार नहीं है जब किसी बड़े ब्रांड के मसाले क्वालिटी टेस्ट में फेल हुए हों। कुछ समय पहले एवरेस्ट (Everest) के चार मसाले भी क्वालिटी टेस्ट में फेल हो चुके हैं। इससे साफ है कि भारत में मसालों की क्वालिटी कंट्रोल एक बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है, जिस पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है।
उपभोक्ता कैसे रखें अपनी सुरक्षा का ध्यान?
DMart Spices Quality Test जैसी रिपोर्ट्स सामने आने के बाद उपभोक्ताओं को अपनी सेहत के प्रति ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। विशेषज्ञों की सलाह है कि अगर आप बाहर से मसाला खरीद रहे हैं तो उसे इस्तेमाल करने से पहले ड्राई रोस्ट जरूर करें। मसाले हमेशा सूखी और ठंडी जगह पर स्टोर करें। खुले मसाले कम खरीदें और सिर्फ एक ही ब्रांड पर निर्भर न रहें।
सबसे अच्छा और सुरक्षित उपाय यह है कि घर पर ही मसाला तैयार करें। इसके लिए साबुत मसाला खरीदकर घर पर पीसें। साथ ही खाने को अच्छी तरह पकाएं, क्योंकि अच्छी तरह पकाने से कई बैक्टीरिया अपने आप खत्म हो जाते हैं।
FSSAI से सख्त कार्रवाई की मांग
DMart Spices Quality Test के इन नतीजों के बाद FSSAI से मांग उठ रही है कि वह बाजार में बिकने वाले सभी प्रोडक्ट्स की नियमित क्वालिटी टेस्टिंग कराए। जिस भी प्रोडक्ट में गड़बड़ी पाई जाए, उसे तुरंत मार्केट से हटाया जाए और जिम्मेदार कंपनी पर कड़ी कार्रवाई हो।
आखिर कौन है जिम्मेदार?
यह सवाल बेहद अहम है कि जब डीमार्ट जैसी बड़ी रिटेल चेन के प्रोडक्ट्स DMart Spices Quality Test में फेल हो रहे हैं, तो छोटे और स्थानीय ब्रांड्स की क्या हालत होगी? भारत में करोड़ों लोग रोजाना इन मसालों का इस्तेमाल करते हैं। अगर इनमें FSSAI की सेफ लिमिट से 21 गुना और 36 गुना ज्यादा बैक्टीरिया और मोल्ड मिल रहे हैं, तो यह एक बड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट की ओर इशारा करता है। जब तक FSSAI सख्ती नहीं दिखाएगा और नियमित जांच का सिलसिला शुरू नहीं करेगा, तब तक कंपनियां उपभोक्ताओं की सेहत से खिलवाड़ करती रहेंगी।
मुख्य बातें (Key Points)
- डीमार्ट के हल्दी और लाल मिर्च पाउडर माइक्रोबायोलॉजिकल टेस्टिंग में फेल हुए, हालांकि हैवी मेटल्स और पेस्टिसाइड्स सेफ लिमिट के अंदर मिले।
- हल्दी पाउडर में यीस्ट-मोल्ड FSSAI की सेफ लिमिट से 36 गुना और लाल मिर्च पाउडर में एंटेरोबक्टीरियसी बैक्टीरिया 21 गुना ज्यादा पाए गए।
- डॉक्टर के अनुसार इन प्रोडक्ट्स के लगातार सेवन से दस्त, उल्टी, फूड पोइजनिंग और लंबे समय में लिवर डैमेज व कैंसर तक का खतरा है।
- उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि बाहर के मसाले ड्राई रोस्ट करें या घर पर साबुत मसाला पीसकर इस्तेमाल करें।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Q1: DMart के कौन से मसाले क्वालिटी टेस्ट में फेल हुए हैं?
DMart के हल्दी पाउडर और लाल मिर्च पाउडर माइक्रोबायोलॉजिकल टेस्टिंग में फेल हुए हैं। दोनों में FSSAI की सेफ लिमिट से कई गुना ज्यादा बैक्टीरिया, यीस्ट और मोल्ड पाए गए।
Q2: DMart के मसालों में कौन से बैक्टीरिया मिले हैं?
दोनों प्रोडक्ट्स में एंटेरोबक्टीरियसी बैक्टीरिया (जिसमें ई.कोलाई, साल्मोनेला जैसे बैक्टीरिया शामिल हैं), टोटल प्लेट काउंट (TPC) और यीस्ट-मोल्ड FSSAI की तय सीमा से कई गुना ज्यादा मिले हैं।
Q3: क्या DMart के मसाले खाने से कैंसर हो सकता है?
डॉक्टर के अनुसार मोल्ड कुछ जहरीले तत्व (टॉक्सिंस) बनाते हैं जो लिवर को नुकसान पहुंचा सकते हैं। लंबे समय तक ऐसे प्रोडक्ट्स का लगातार सेवन करने से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
Q1: DMart के कौन से मसाले क्वालिटी टेस्ट में फेल हुए हैं?
DMart के हल्दी पाउडर और लाल मिर्च पाउडर माइक्रोबायोलॉजिकल टेस्टिंग में फेल हुए हैं। दोनों में FSSAI की सेफ लिमिट से कई गुना ज्यादा बैक्टीरिया, यीस्ट और मोल्ड पाए गए।
Q2: DMart के मसालों में कौन से बैक्टीरिया मिले हैं?
दोनों प्रोडक्ट्स में एंटेरोबक्टीरियसी बैक्टीरिया (जिसमें ई.कोलाई, साल्मोनेला जैसे बैक्टीरिया शामिल हैं), टोटल प्लेट काउंट (TPC) और यीस्ट-मोल्ड FSSAI की तय सीमा से कई गुना ज्यादा मिले हैं।
Q3: क्या DMart के मसाले खाने से कैंसर हो सकता है?
डॉक्टर के अनुसार मोल्ड कुछ जहरीले तत्व (टॉक्सिंस) बनाते हैं जो लिवर को नुकसान पहुंचा सकते हैं। लंबे समय तक ऐसे प्रोडक्ट्स का लगातार सेवन करने से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।






