शनिवार, 24 जनवरी 2026
The News Air
No Result
View All Result
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result
Home Breaking News

Trump Peace Board से दूरी, India ने क्यों कहा फिलहाल No?

दावोस में लॉन्च हुए Trump Peace Board में भारत ने शामिल होने से किया इनकार

The News Air Team by The News Air Team
शनिवार, 24 जनवरी 2026
A A
0
Trump Peace Board
104
SHARES
694
VIEWS
ShareShareShareShareShare
Google News
WhatsApp
Telegram

Trump Gaza Peace Deal : दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान जब अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने गाजा में स्थायी शांति के नाम पर नए वैश्विक मंच ‘बोर्ड ऑफ पीस’ का ऐलान किया, तब भारत की गैर-मौजूदगी सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बन गई। प्रधानमंत्री Narendra Modi को व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित किए जाने के बावजूद भारत ने इस मंच से दूरी बनाए रखने का फैसला किया। यह फैसला 24 जनवरी 2026 को सामने आया और इसे भारत की सोची-समझी कूटनीतिक रणनीति माना जा रहा है।

दावोस की बर्फीली वादियों में हुए इस समारोह में कई देशों ने भागीदारी दिखाई, लेकिन भारत न तो मंच पर नजर आया और न ही किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करता दिखा। यह दूरी किसी अनदेखी का परिणाम नहीं, बल्कि गंभीर रणनीतिक और कूटनीतिक चिंताओं से जुड़ा निर्णय बताया जा रहा है।

क्या है ‘बोर्ड ऑफ पीस’ और क्यों उठा विवाद

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के मंच से ट्रंप द्वारा घोषित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ को शुरुआत में गाजा युद्धविराम और पुनर्निर्माण से जोड़कर पेश किया गया था। लेकिन इसके चार्टर में गाजा का स्पष्ट उल्लेख नहीं है। इसके बजाय इस बोर्ड को दुनिया भर के संघर्षों में हस्तक्षेप का व्यापक अधिकार दिया गया है। यही बिंदु भारत सहित कई देशों के लिए चिंता का कारण बना।

भारत को किन बातों पर है आपत्ति

भारत उन करीब 60 देशों में शामिल था जिन्हें इस बोर्ड में शामिल होने का न्योता दिया गया था। विदेश मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, भारत का मानना है कि यह प्रस्ताव अत्यंत संवेदनशील है और इसके दीर्घकालिक प्रभावों का गहन अध्ययन जरूरी है। भारत की प्रमुख चिंताओं में सबसे पहले संयुक्त राष्ट्र जैसे बहुपक्षीय संस्थानों की भूमिका कमजोर होने की आशंका है। भारत को डर है कि यह नया मंच भविष्य में United Nations को दरकिनार कर सकता है।

ट्रंप का आजीवन अध्यक्ष बनना बना बड़ा सवाल

‘बोर्ड ऑफ पीस’ को लेकर सबसे बड़ा विवाद इसके नेतृत्व को लेकर है। इस बोर्ड के आजीवन अध्यक्ष खुद डोनाल्ड ट्रंप होंगे। भारत को आशंका है कि ट्रंप की व्यक्तिगत राजनीतिक शैली और उनके पुराने बयानों को देखते हुए यह मंच निष्पक्ष वैश्विक संस्था के बजाय अमेरिकी प्रभाव का उपकरण बन सकता है। भारत पहले ही ट्रंप के उस दावे को खारिज कर चुका है जिसमें उन्होंने भारत-पाकिस्तान सैन्य तनाव खत्म कराने का श्रेय खुद को दिया था।

दो-राज्य समाधान से हटने की आशंका

भारत लंबे समय से इजराइल-फिलिस्तीन मुद्दे पर दो-राज्य समाधान का समर्थक रहा है। लेकिन बोर्ड से जुड़े प्रस्तावों और योजनाओं में फिलिस्तीनी राज्य का स्पष्ट उल्लेख नहीं है। ऐसे में भारत को यह मंच अपने पारंपरिक रुख से विचलन जैसा लगता है।

यह भी पढे़ं 👇

DGP Punjab

गणतंत्र दिवस पर पंजाब में ‘हाई अलर्ट’: Bhagwant Singh Mann का कड़ा पहरा, 6000 अतिरिक्त जवान तैनात

शनिवार, 24 जनवरी 2026
CM Mann Nanded Visit 2026

नांदेड़ साहिब के लिए CM भगवंत मान का ‘बड़ा ऐलान’, महाराष्ट्र सरकार के सामने रखेंगे ये खास मांग!

शनिवार, 24 जनवरी 2026
Republic Day Alert

Republic Day Alert : गणतंत्र दिवस से पहले दिल्ली-पंजाब में खतरनाक साजिश

शनिवार, 24 जनवरी 2026
Crime News

विदेशी गैंगस्टरों की बड़ी साजिश नाकाम, 3 तस्कर गिरफ्तार!

शनिवार, 24 जनवरी 2026
पाकिस्तान की मौजूदगी भी बनी संवेदनशील मुद्दा

इस समारोह में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और सेना प्रमुख Asim Munir की मौजूदगी भी भारत के लिए एक अहम कारण रही। भारत लंबे समय से पाकिस्तान पर आतंकवाद को संरक्षण देने के आरोप लगाता रहा है। ऐसे में एक ही मंच साझा करना भारत की वैश्विक कूटनीतिक स्थिति को कमजोर कर सकता था।

भारत अकेला नहीं, कई बड़े देश भी दूर

भारत इस फैसले में अकेला नहीं है। अमेरिका को छोड़कर न तो G7 देशों का कोई सदस्य और न ही यूएनएससी का कोई स्थायी सदस्य इस पहल का हिस्सा बना। फ्रांस, ब्रिटेन और चीन जैसे बड़े देशों की गैर-मौजूदगी यह संकेत देती है कि ट्रंप की इस पहल को लेकर वैश्विक स्तर पर संदेह बना हुआ है।

कौन-कौन हुआ बोर्ड में शामिल

करीब 35 देशों ने ‘बोर्ड ऑफ पीस’ को जॉइन किया है। इनमें पाकिस्तान के अलावा अर्जेंटीना, अर्मेनिया, अज़रबैजान, बहरीन, बेलारूस, मिस्र, हंगरी, कजाकिस्तान, मोरक्को, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और वियतनाम जैसे देश शामिल हैं। बोर्ड के चार्टर के मुताबिक, स्थायी सदस्यों को इसमें शामिल होने के लिए एक अरब डॉलर का भुगतान करना होगा।

भारत की ‘वेट एंड वॉच’ रणनीति

भारत ने फिलहाल किसी जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय ‘वेट एंड वॉच’ की नीति अपनाई है। भारत का मानना है कि शांति जरूरी है, लेकिन किसी भी कीमत पर नहीं। यह फैसला वैश्विक शक्ति संतुलन, बहुपक्षीय व्यवस्था और दीर्घकालिक राष्ट्रीय हितों से जुड़ा हुआ है।

विश्लेषण

भारत की गैर-मौजूदगी यह साफ संकेत देती है कि नई वैश्विक पहलों में शामिल होने से पहले वह नेतृत्व की निष्पक्षता, संस्थागत संतुलन और अपने मूल कूटनीतिक सिद्धांतों से समझौता नहीं करेगा। ट्रंप का ‘बोर्ड ऑफ पीस’ शांति की पहल से ज्यादा शक्ति संतुलन का नया प्रयोग बन सकता है, और भारत फिलहाल इसमें फंसने को तैयार नहीं दिखता।

मुख्य बातें (Key Points)
  • Trump ने दावोस में ‘बोर्ड ऑफ पीस’ लॉन्च किया
  • PM Modi को न्योता मिला, फिर भी भारत ने दूरी बनाई
  • UN की भूमिका कमजोर होने की आशंका
  • पाकिस्तान की मौजूदगी भारत के लिए संवेदनशील
  • भारत ने ‘वेट एंड वॉच’ नीति अपनाई
Previous Post

Kerala Elections से पहले Congress संकट, Shashi Tharoor की दूरी ने बढ़ाई चिंता

Next Post

Republic Day 2026: Bank–School बंद, Metro चलेगी, Delhi पूरी लिस्ट

Related Posts

DGP Punjab

गणतंत्र दिवस पर पंजाब में ‘हाई अलर्ट’: Bhagwant Singh Mann का कड़ा पहरा, 6000 अतिरिक्त जवान तैनात

शनिवार, 24 जनवरी 2026
CM Mann Nanded Visit 2026

नांदेड़ साहिब के लिए CM भगवंत मान का ‘बड़ा ऐलान’, महाराष्ट्र सरकार के सामने रखेंगे ये खास मांग!

शनिवार, 24 जनवरी 2026
Republic Day Alert

Republic Day Alert : गणतंत्र दिवस से पहले दिल्ली-पंजाब में खतरनाक साजिश

शनिवार, 24 जनवरी 2026
Crime News

विदेशी गैंगस्टरों की बड़ी साजिश नाकाम, 3 तस्कर गिरफ्तार!

शनिवार, 24 जनवरी 2026
Harbhajan Singh ETO

मंत्री Harbhajan Singh ETO का बड़ा अल्टीमेटम, Road Infrastructure में क्रांति

शनिवार, 24 जनवरी 2026
india-fearlessness-scale-modi-vs-trump

Republic Day 2026: क्या भारतीय डरपोक हो रहे हैं? निर्भीकता का स्केल क्यों जरूरी

शनिवार, 24 जनवरी 2026
Next Post
Republic Day 2026

Republic Day 2026: Bank–School बंद, Metro चलेगी, Delhi पूरी लिस्ट

Gold Price Today

Gold Price Today: Gold–Silver ने तोड़ा All Time High रिकॉर्ड

0 0 votes
Rating
Subscribe
Notify of
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments
The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

GN Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।