Din Bhar Ki Khabar 8 March 2026 : अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर जहां देशभर में महिला सशक्तिकरण के कार्यक्रम आयोजित हुए, वहीं मिडिल ईस्ट में ईरान-अमेरिका युद्ध ने और खतरनाक रूप ले लिया। देश की राजनीति में भी भूचाल आया जब पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और सीएम ममता बनर्जी के बीच तीखी बयानबाजी हुई, बिहार के सीएम नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने JDU ज्वाइन की और राहुल गांधी ने केरल चुनाव के लिए पांच गारंटी का ऐलान किया। आइए जानते हैं आज दिनभर की सभी बड़ी खबरें विस्तार से।
ईरान-अमेरिका युद्ध: नौवें दिन भीषण हमले, ईरान ने पांच देशों में बनाए अमेरिकी ठिकाने उड़ाए
Din Bhar Ki Khabar में सबसे बड़ी खबर मिडिल ईस्ट से आई है जहां ईरान के साथ जंग में अमेरिका और इजराइल को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। युद्ध के नौवें दिन दोनों पक्षों की तरफ से ताबड़तोड़ हमले जारी हैं और पूरे क्षेत्र में भारी तबाही मची हुई है।
इजराइल और अमेरिका ने ईरान के तेल भंडारों को निशाना बनाते हुए हमला किया, जिसके बाद ईरान के आसमान से काली बारिश हुई। बारिश के पानी में भी काला धुआं भर चुका था, जो तबाही की भयावहता को बयान करता है। लेकिन ईरान ने हर हमले का उसी पैमाने पर जवाब देने की ठान ली है। IRGC (इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स) ने दावा किया कि उसने इजराइल के तल अवीव और बेरशेबा शहरों में सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले किए हैं। साथ ही पांच देशों में बने अमेरिकी ठिकानों पर भी हमले किए गए हैं।
ईरानी सेना ने बताया है कि वह अगले 6 महीने तक जंग लड़ने को पूरी तरह तैयार है। इसी बीच खबर आ रही है कि अमेरिका अब ईरान में अपनी स्पेशल फोर्सेस उतारने की तैयारी कर रहा है, जो इस युद्ध को और भयावह बना सकता है।
ईरान का नया सुप्रीम लीडर: दो नाम आए सामने, आधिकारिक घोषणा बाकी
ईरान के अगले सर्वोच्च नेता का चुनाव हो चुका है, हालांकि आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है। ईरानी न्यूज एजेंसी मेहर के मुताबिक इस रेस में दो प्रमुख नाम सामने आए हैं। पहला नाम दिवंगत सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामनेई के बेटे मुस्तबा खामनेई का है और दूसरा नाम आयतुल्लाह अली रेज़ा अराफी का है, जो फिलहाल उस तीन सदस्यीय परिषद का हिस्सा हैं जो युद्ध के दौरान ईरान की सत्ता संभाल रही है।
ईरान जिस मजबूती से दोबारा खड़ा हो रहा है, उससे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ईरान में रिजीम चेंज करने का सपना कोसों दूर जाता नजर आ रहा है। अब ट्रंप को अपने ही देश में भी विरोध का सामना करना पड़ रहा है। वॉशिंगटन से लेकर सैन फ्रांसिस्को तक कई शहरों में, यहां तक कि व्हाइट हाउस के सामने भी लोगों ने तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया। ब्रिटेन में भी युद्ध खत्म करने के लिए मार्च निकाला गया, जबकि स्विट्जरलैंड ने कहा कि अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमले करके अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन किया है।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि ईरान अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपने आत्मरक्षा के अधिकार का इस्तेमाल कर रहा है। वहीं वेटिकन सिटी के पोप लियो ने जंग पर गहरी चिंता जताते हुए अपील की कि बमों की आवाज बंद हो और सभी पक्ष बातचीत का रास्ता अपनाएं। लेकिन ट्रंप का कहना है कि यह युद्ध तभी खत्म होगा जब ईरान की सैन्य ताकत और मौजूदा शासक पूरी तरह खत्म हो जाएं।
ममता बनर्जी vs राष्ट्रपति मुर्मू: प्रोटोकॉल विवाद से गरमाई बंगाल की सियासत
Din Bhar Ki Khabar की दूसरी बड़ी खबर पश्चिम बंगाल से आई है जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दौरे ने बड़ा सियासी विवाद खड़ा कर दिया। 7 मार्च को हुए इस दौरे के बाद राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिली।
राष्ट्रपति ने आरोप लगाया कि उनके आने पर प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया। उनके स्वागत के लिए न तो मुख्यमंत्री मौजूद थीं और न ही कोई मंत्री। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि “ममता मेरी छोटी बहन जैसी हैं, पता नहीं वो मुझसे क्यों नाराज थीं। प्रेसिडेंट आते हैं तो चीफ मिनिस्टर भी आना चाहिए, मंत्री भी आना चाहिए।” उन्होंने अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन के आयोजन स्थल पर भी सवाल उठाए और कहा कि प्रशासन ने जानबूझकर ऐसी जगह चुनी जहां लोग न पहुंच सकें।
जवाब में सीएम ममता बनर्जी ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि “राष्ट्रपति बीजेपी का एजेंडा चलाने आई थीं। बीजेपी के जाल में फंसकर चुनाव के वक्त राजनीति कर रही हैं। अगर आप साल में एक बार आती हैं तो मैं स्वागत कर सकती हूं, लेकिन चुनाव के दौरान आती हैं तो मेरे लिए शामिल होना संभव नहीं क्योंकि मैं लोगों के अधिकारों के लिए काम कर रही हूं।” ममता ने अंग्रेजी में कहा: “We respect you. You are the number one chair in this country. Don’t play politics at the time of election as BJP advises.”
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनाव से ठीक पहले राष्ट्रपति के बार-बार हो रहे दौरों के पीछे आदिवासी वोटरों को साधने की बीजेपी की रणनीति हो सकती है। ममता ने साफ किया कि यह एक निजी संगठन का कार्यक्रम था जिसमें राज्य सरकार की कोई सीधी भूमिका नहीं थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने इसे राष्ट्रपति का अपमान बताया, लेकिन ममता के पलटवार का बीजेपी के पास कोई जवाब नहीं दिखा।
निशांत कुमार की JDU में एंट्री: बिहार में बीजेपी का सीएम बनाने का सपना टूटा?
बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने आधिकारिक तौर पर सक्रिय राजनीति में कदम रख दिया है। उन्होंने JDU की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण की, जो पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने दिलाई।
निशांत कुमार की एंट्री ऐसे वक्त पर हुई है जब उनके पिता नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने का फैसला लिया है। सदस्यता लेने के बाद निशांत ने कहा कि “पिताजी ने जो 20 साल में काम किया है उसे जन-जन तक पहुंचाने का काम करूंगा। मुझे अपने पिता पर गर्व है।” JDU के वरिष्ठ नेता वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि “जो पिताजी ने किया उसको जारी रखें और जनता का प्रेम और आशीर्वाद पाएं।”
सियासी गलियारों में सबसे बड़ी चर्चा यह है कि निशांत कुमार को सीएम बनाया जा सकता है। कहा जा रहा था कि नीतीश के राज्यसभा जाते ही बीजेपी बिहार में अपना सीएम बनाएगी, लेकिन अब लग रहा है कि निशांत को सीएम बनाकर JDU बीजेपी के मंसूबे फेल कर देगी। निशांत जल्द ही पूरे बिहार का भ्रमण शुरू करेंगे और जनता से सीधा संवाद करेंगे।
राहुल गांधी ने केरल को दीं पांच गारंटी: मुफ्त बस यात्रा से 25 लाख हेल्थ कवर तक
केरल विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपना चुनावी नैरेटिव सेट करना शुरू कर दिया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केरल की जनता के लिए पांच बड़ी गारंटी का ऐलान किया है।
पहली गारंटी में महिलाओं के लिए सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा का वादा किया गया है, जो कर्नाटक मॉडल की तर्ज पर है। दूसरी गारंटी में कॉलेज छात्राओं को हर महीने 1,000 रुपये की सहायता दी जाएगी, जो सीधे युवा वोट बैंक को साधने की कोशिश मानी जा रही है। तीसरी गारंटी में सामाजिक कल्याण पेंशन बढ़ाकर 3,000 रुपये करने का वादा है। चौथी गारंटी में ओमन चांडी हेल्थ इंश्योरेंस योजना के तहत 25 लाख रुपये तक का मेडिकल कवर दिया जाएगा। पांचवीं गारंटी में युवाओं को 5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त लोन दिया जाएगा। साथ ही बुजुर्गों के कल्याण के लिए अलग विभाग बनाने का भी वादा किया गया है।
यह वही मॉडल है जिसे कांग्रेस ने कर्नाटक और तेलंगाना में चुनावी हथियार बनाया था और वहां सत्ता हासिल की थी। अब सवाल यह है कि केरल के वोटर इस मॉडल को कितनी स्वीकृति देते हैं।
असम NDA में फूट: सीट शेयरिंग पर बवाल, बीजेपी के लिए बड़ी चुनौती
असम में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कभी भी हो सकता है और ऐसे में एनडीए के भीतर सीट शेयरिंग को लेकर फूट के साफ संकेत मिल रहे हैं। बीजेपी के सामने अपने सहयोगियों असम गण परिषद (AGP) और बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट (BPF) को संतुष्ट रखने की बड़ी चुनौती है।
AGP 2014 से बीजेपी की भरोसेमंद सहयोगी रही है। 2021 में उसने 29 सीटों पर चुनाव लड़ा और 9 सीटें जीती थीं। अब पार्टी के कार्यकर्ता 29 से ज्यादा सीटों की मांग कर रहे हैं। वहीं सबसे पेचीदा स्थिति बोडोलैंड क्षेत्र में है जहां यूनाइटेड पीपल्स पार्टी लिबरल (UPPL) ने आक्रामक रणनीति अपनाते हुए 21 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है, जिसमें 15 सीटें बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल क्षेत्र की हैं। UPPL और BPF के बीच कड़वाहट इतनी गहरी है कि दोनों ने किसी भी सीट शेयरिंग से साफ इनकार कर दिया है।
दूसरी तरफ विपक्ष ने चार प्रमुख विपक्षी पार्टियों से हाथ मिलाकर एकजुटता का प्रदर्शन किया है। अगर एनडीए के भीतर समय रहते सहमति नहीं बनी तो मतों का विभाजन विपक्ष को फायदा पहुंचा सकता है।
अखिलेश यादव का बीजेपी पर चौतरफा हमला: महिला सुरक्षा से विदेश नीति तक
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर बीजेपी की चौतरफा घेराबंदी कर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि “सबसे ज्यादा असुरक्षित महिलाएं अगर कहीं हैं तो उत्तर प्रदेश में। पढ़ाई से लेकर रोजगार और सम्मान की कोई चिंता नहीं।”
अखिलेश ने पीएम मोदी पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के इशारे पर काम करने का आरोप लगाते हुए एक्स पर पोस्ट किया कि “हमारी विदेश नीति पहली बार विदेशी तय कर रहे हैं। बीजेपी ने गुटनिरपेक्षता की जगह गुट सापेक्षता की नीति अपनाकर संप्रभुता को पराए हाथों में सौंप दिया है।”
शंकराचार्य विवाद पर भी उन्होंने तीखा निशाना साधा: “पहले सरकार ने शंकराचार्य का अपमान किया और अब घबरा रही है। जो सरकार खुद को सनातनी बताती थी, वो सनातन के सबसे बड़े शंकराचार्य से घबरा रही है।” इसके अलावा डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के विमान की इमरजेंसी लैंडिंग पर भी अखिलेश ने कहा कि “सबसे घिसा-पिटा और खराब हेलीकॉप्टर डिप्टी सीएम को इसलिए दिया गया क्योंकि वह पिछड़ा समाज से आते हैं।”
सीएम स्टालिन का बड़ा दावा: पलानीस्वामी का वही हश्र होगा जो नीतीश कुमार का हुआ
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा दावा करते हुए कहा कि बीजेपी AIADMK प्रमुख ई.के. पलानीस्वामी का भी वही हश्र करेगी जो बिहार के सीएम नीतीश कुमार का हुआ है।
पूर्व मुख्यमंत्री ओ. पनीरसेल्वम के समर्थकों को DMK में शामिल कराने के कार्यक्रम में स्टालिन ने कहा कि “पनीरसेल्वम निष्ठा के पर्याय हैं, जबकि पलानीस्वामी विश्वासघात के प्रतीक हैं। एमजीआर और जयललिता की बनाई पार्टी को बीजेपी के हाथों गिरवी रखकर पलानीस्वामी ने विश्वासघात किया है। बीजेपी अन्नाद्रमुक का खून चूसेगी और बस यही होगा।”
स्टालिन ने आरोप लगाया कि सिर्फ इस चुनाव तक पलानीस्वामी अन्नाद्रमुक के प्रमुख बने रहेंगे, बाद में उन्हें हटा दिया जाएगा। यह वही आरोप है जो विपक्ष लंबे समय से लगाता रहा है कि बीजेपी किसी राज्य में पैर जमाने के लिए स्थानीय पार्टी का सहारा लेती है और सत्ता में आते ही उसे किनारे कर देती है।
आज की अन्य अहम सुर्खियां
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर पीएम मोदी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं ने महिलाओं को बधाई दी और देशभर में कई कार्यक्रम आयोजित हुए। इसी दिन शंकराचार्य पर आरोप लगाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी पर हमला हुआ, जिसे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने सुनियोजित प्रयास बताया।
छत्तीसगढ़ में बीजेपी नेता विनायक ताम्रकार की अवैध अफीम खेती का मामला सामने आया, जिस पर कांग्रेस ने कहा कि “धान के कटोरे को नशे के गढ़ में तब्दील कर दिया।” गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों के खिलाफ पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के नेतृत्व में काली साड़ियां पहनकर विरोध प्रदर्शन हुआ। कर्नाटक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 169 करोड़ रुपये की विकास परियोजना का उद्घाटन किया और बीजेपी पर निशाना साधा।
क्या है इन खबरों का आम जनता पर असर?
मिडिल ईस्ट में बढ़ता युद्ध भारत के लिए चिंता का विषय है क्योंकि कच्चे तेल की कीमतें प्रभावित हो रही हैं, जिसका सीधा असर पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर की कीमतों पर पड़ सकता है। देश में चुनावी माहौल तेज होने से आने वाले दिनों में लोकलुभावन ऐलानों की बाढ़ आ सकती है, लेकिन आम जनता के लिए असली सवाल यह है कि ये वादे जमीन पर कितने उतरेंगे। बिहार, केरल, असम और तमिलनाडु में चुनावी समीकरण तेजी से बदल रहे हैं और इनका सीधा असर इन राज्यों की जनता के रोजमर्रा के जीवन पर पड़ेगा।
मुख्य बातें (Key Points)
- ईरान-अमेरिका युद्ध के नौवें दिन दोनों पक्षों के ताबड़तोड़ हमले जारी हैं, ईरान ने पांच देशों में अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए, अमेरिका स्पेशल फोर्सेस उतारने की तैयारी में है और ईरान के नए सुप्रीम लीडर का चुनाव हो चुका है।
- ममता बनर्जी और राष्ट्रपति मुर्मू के बीच प्रोटोकॉल विवाद पर तीखी बयानबाजी हुई, ममता ने बीजेपी पर राष्ट्रपति पद का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।
- निशांत कुमार की JDU में एंट्री से बिहार की सियासत में हलचल, सीएम पद की रेस में नाम आने से बीजेपी के अपना सीएम बनाने के मंसूबों पर सवाल।
- राहुल गांधी ने केरल के लिए पांच गारंटी का ऐलान किया जिसमें मुफ्त बस यात्रा, छात्राओं को 1,000 रुपये मासिक और 25 लाख तक हेल्थ कवर शामिल है, जबकि असम में एनडीए की सीट शेयरिंग पर फूट के संकेत मिल रहे हैं।








