Digital Policing Platforms : चंडीगढ़ में 17 जनवरी को हरियाणा के गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि डिजिटल पुलिसिंग को अपनाने से नागरिकों की सुरक्षा, पारदर्शिता और पुलिस पर भरोसा मजबूत हुआ है। उन्होंने बताया कि तकनीक आधारित पहलें न सिर्फ आम लोगों को सशक्त बना रही हैं, बल्कि पुलिस व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और प्रभावी भी बना रही हैं।
उनके मुताबिक, डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए अब कई अहम पुलिस सेवाएं एक ही मंच पर उपलब्ध हैं, जिससे आम नागरिकों को थानों के चक्कर लगाने से राहत मिली है।
एक मंच पर मिल रहीं कई पुलिस सेवाएं
डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि गृह मंत्रालय के अंतर्गत विकसित डिजिटल पुलिस पोर्टल नागरिकों को अपराध और साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराने, शिकायत की स्थिति जानने और एफआईआर की प्रति प्राप्त करने की सुविधा देता है। इसके अलावा लापता व्यक्तियों, चोरी या बरामद वाहनों और वांछित अपराधियों से जुड़ी जानकारी भी अब ऑनलाइन उपलब्ध है।

वेरिफिकेशन और PCC से कम हुए थानों के चक्कर
उन्होंने कहा कि घरेलू सहायकों, ड्राइवरों, किरायेदारों और कर्मचारियों के पूर्ववृत्त सत्यापन के साथ-साथ पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (PCC) की सुविधा ने पुलिस थानों पर अनावश्यक दबाव कम किया है। इससे नागरिकों का समय भी बच रहा है और प्रक्रिया अधिक पारदर्शी हुई है।
लापता व्यक्ति से लेकर मोबाइल रिकवरी तक डिजिटल समाधान
डिजिटल पुलिसिंग के तहत लापता व्यक्तियों की तलाश, वाहन एनओसी जारी करना, नजदीकी पुलिस स्टेशन की जानकारी और घोषित अपराधियों का विवरण ऑनलाइन उपलब्ध कराया जा रहा है। सीईआईआर प्रणाली के जरिए खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन को ब्लॉक करना और बरामद होने पर अनब्लॉक करना भी नागरिक सुरक्षा के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रहा है।
आंतरिक सुरक्षा और जांच प्रक्रिया को मिली मजबूती
डॉ. मिश्रा ने बताया कि क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (CCTNS), इंटरऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS), आतंकवाद मामलों की निगरानी, साइबर प्रशिक्षण मॉड्यूल और अपराध विश्लेषण टूल्स से जांच प्रक्रिया और डेटा-आधारित पुलिसिंग को बल मिला है। यौन अपराध, मानव तस्करी, विदेशी अपराधी और नकली मुद्रा से जुड़े राष्ट्रीय डेटाबेस अपराधियों की त्वरित पहचान में मदद कर रहे हैं।

आम नागरिकों पर असर (Human Impact)
डिजिटल पुलिसिंग से आम नागरिकों को अब शिकायत दर्ज कराने और जानकारी पाने के लिए लंबी प्रक्रियाओं से नहीं गुजरना पड़ता। इससे पुलिस और जनता के बीच विश्वास बढ़ा है और सेवाएं समयबद्ध तरीके से मिलने लगी हैं।
क्या है पृष्ठभूमि
हरियाणा सरकार ने पुलिसिंग को आधुनिक और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म अपनाए हैं। इन पहलों का उद्देश्य सार्वजनिक सुविधा और मजबूत आंतरिक सुरक्षा के बीच संतुलन बनाना है।
मुख्य बातें (Key Points)
- डिजिटल पुलिसिंग से पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ी
- एक पोर्टल पर कई पुलिस सेवाएं उपलब्ध
- वेरिफिकेशन और PCC से थानों का बोझ कम
- CCTNS और ICJS से जांच प्रक्रिया मजबूत








