देवेंद्र पाल सिंह भुल्लर को रिहा करने की अर्जी केजरीवाल की मेज पर होने के बावजूद..

The News Air- (चंडीगढ़) शिरोमणी अकाली दल ने आज कहा है कि आम आदमी पार्टी यह कहकर पंजाबियों का अपमान कर रही है कि वे खुद पर शासन करने के लायक नही है और उनपर शासन करने के लिए बाहरी लोगों को बढ़ावा देना चाहते हैं जो कभी बर्दाश्त नही किया जाएगा।

पार्टी की कोर कमेटी की मीटिंग के समापन के बाद यहां एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए वरिष्ठ लीडरशीप ने घोषणा की कि आप संयोजक अरविंद केजरीवाल एक गाना जारी कर रहे हैं और यहां तक कि पंजाबियों का अपमान और अपमानित करने के साथ साथ खुद को पंजाब के उदारकर्ता के रूप में पेश करने के लिए पेड न्यूज भी जारी कर रहे हैं। यहां तक कि पार्टी के टिकट भी बेचे जा रहे हैं, जिसके बारे में आप का टूटा हुआ गुट 35 पार्टी टिकटों की बिक्री का सबूत दे रहा है। नेताओं ने कहा, ‘‘ पंजाबी एक गौरवान्वित समुदाय है वे राघव चडडा जैसे बाहरी लोगों को कभी स्वीकार नही करेंगें, जिस तरह से उन्होने 2017 में दुर्गेश पाठक और संजय सिंह की जोड़ी को अस्वीकार कर दिया था’’।

प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा , बलविंदर सिंह भूंदड़, सिकंदर सिंह मलूका, महेशइंदर सिंह ग्रेवाल और डा. दलजीत सिंह चीमा सहित वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि केजरीवाल पहले भी सुच्चा सिंह छोटेपुर , एच एस फूलका और सुखपाल खैहरा सहित पंजाबी नेताओं का अपमान किया था। ‘‘ अब पिछले छह महीनों से वह भगवंत मान को पार्टी का मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने के लिए भीख मांग रहे हैं’’।

नेताओं ने कहा कि केजरीवाल ने किसान संगठनों के साथ साथ उनके नेता -बलबीर सिंह राजेवाल का भी अपमान किया था। ‘‘ आप ने पहले किसान संगठनों के साथ बातचीत शुरू की और यहां तक कि संकेत दिया कि बलबीर सिंह राजेवाल को अपने मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप में पेश किया जा रहा है। हालांकि हाल ही में केजरीवाल ने यह कहकर राजेवाल का अपमान किया है कि उन्होने दो सर्वेक्षण करवाए थे, जिसमें स्पष्ट हो गया था कि राजेवाल के साथ साथ किसान संगठन खाली रहेंगें ’।
प्रो. चंदूमाजरा और स. भूंदड़ ने यह भी बताया कि कैसे आप और दिल्ली के मुख्यमंत्री ने लगातार सिख विरोधी और पंजाब विरोधी रूख अपनाया है। उन्होने कहा कि देवेंद्र पाल सिंह भुल्लर को आजाद करने के आवेदन पर दिल्ली के मुख्यमंत्री के डेस्क पर होने के बावजूद हस्ताक्षर नही किए गए हैं। उन्होने कहा कि इससे पहले आप सरकार ने पंजाब के पानी को हरियाणा और दिल्ली में डायवर्ट करने के लिए उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। ‘‘ आप ने पराली जलाने के लिए किसानों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने के अलावा शीर्ष अदालत में पंजाब के थर्मल प्लांटों को बंद करने का भी आहवाहन किया था।

नेताओं ने यह भी बताया कि कैसे दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में बाबा बंदा सिंह बहादुर की प्रतिम स्थापित करने से इंकार कर दिया था। उन्होने राज्य के युवाओं की दुर्दशा का भी उल्लेख किया, जिन्हे किसान आंदोलन के विरोध में तिहाड़ जेल में बंद करके दुव्यर्वहार किया गया था।

हेशइंदर सिंह ग्रेवाल ने केजरीवाल से यह स्पष्ट करने के लिए कहा कि क्या आप पार्टी के नेता प्रतिपक्ष हरपाल चीमा केवल अनुसूचित जाति समुदाय से होने के कारण मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किए जाने के लिए अयोग्य हैं। उन्होने यह भी विस्तार से बताया कि कैसे आप ने समर्थन का वादा करके किसान आंदोलन को धोखा दिया था लेकिन जब पूछे जाने पर किसी भी विस्तार से इंकार कर दिया था। अकाली दल किसान विंग के अध्यक्ष सिकंदर सिंह मलूका ने विस्तार से बताया कि कैसे दिल्ली में आप सरकार ने किसान समुदाय की कोई मदद नही दी थी। उन्होने कहा, ‘‘ दिल्ली में किसानों की संख्या कम होने के बावजूद उन्हे मुफ्त बिजली यां किसी अन्य सब्सिडी की सुविधा प्रदान नही की गई’’।

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