डेरा प्रमुख को मिली पैरोल का मतलब, पंजाब के इन ज़िलों की सीटों पर प्रभाव

The News Air (चंडीगढ़) पांच राज्यों में चल रहे चुनावी समर के बीच हरियाणा सरकार ने डेरा प्रमुख गुरमीत सिंह 21 दिन की फरलो दी है। राम रहीम 27 फरवरी तक बाहर रहेगा। इसका सबसे ज़्यादा असर यूपी और पंजाब के चुनाव पर होगा। पंजाब में 20 फरवरी को विधानसभा चुनाव है और सूबे के मालवा रीजन की 69 सीटों पर डेरे का सीधा प्रभाव है।

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डेरा मुखी को मिली फरलो का पांच राज्यों के चुनाव पर सीधा असर पड़ेगा। इसका मतलब है कि डेरा प्रेमियों के वोट बैंक को साधने के लिए भाजपा ने यह बड़ा दांव खेला है। वहीं फरलो की ख़बर के बाद से डेरा प्रेमी भी उत्साहित हैं।

25 अगस्त 2017 को जेल गया था डेरा प्रमुख

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख को 25 अगस्त 2017 को साध्वी यौन शोषण मामले में 20 साल की सज़ा हुई थी। तब से लेकर अब तक डेरा प्रमुख जेल में ही बंद है। इसके बाद पत्रकार छत्रपति हत्याकांड और रणजीत हत्याकांड में भी उसे सज़ा हो चुकी है। राम रहीम को सज़ा होने से पहले 4 फरवरी 2017 को पंजाब विधानसभा चुनाव हुए थे और तब कांग्रेस सत्ता में आई थी।

पिछले तीन चुनावों में रही डेरे की भागीदारी

पंजाब में साल 2007, 2012 और 2017 के विधानसभा चुनाव में डेरा सिरसा की दख़ल रही है। इसके अलावा साल 2014 के लोकसभा और अक्तूबर 2014 के हरियाणा विधानसभा चुनाव में भी डेरे की पॉलिटिकल विंग ने खुलकर भाजपा का समर्थन किया था। ख़ुद डेरा प्रमुख ने 2014 के लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी के स्वच्छ भारत मिशन की सराहना कर समर्थन दिया। पंजाब-हरियाण समेत केंद्र के तमाम बड़े नेता, विधायक, मंत्री डेरा सच्चा सौदा में वोटों के लिए आते रहे हैं।

2007 में कांग्रेस को समर्थन दिया

वर्ष 2006-07 में डेरा सच्चा सौदा ने राजनीतिक विंग का गठन किया था। हर राज्य की अलग विंग बनाई गई। इसमें डेरा प्रमुख के भरोसेमंद लोगों को शामिल किया। 2007 के पंजाब चुनाव में पहली बार प्रत्यक्ष रूप से डेरे की राजनीतिक विंग ने कांग्रेस को समर्थन दिया। कांग्रेस को समर्थन देने के बावज़ूद 2007 में शिरोमणि अकाली दल-भाजपा की सरकार बनी। इसके बाद ही डेरा और शिरोमणि अकाली दल के बीच मतभेद बढ़े। पंजाब के बठिंडा में डेरा प्रमुख पर गुरु गोबिंद सिंह के समान कलगी लगाने और अमृत छकाने का आरोप लगा। इसके विरोध में देशभर में सिखों ने प्रदर्शन किए। डेरा प्रमुख पर केस भी दर्ज़ हुआ। 2012 के चुनाव में मालवा रीजन में शिरोमणि अकाली दल को 33 सीटें मिलीं। 2012 में भी डेरा ने कांग्रेस को समर्थन दिया। साल 2017 के विधानसभा चुनाव में डेरे ने कुछ सीटों पर अकाली दल को तो कुछ सीटों पर कांग्रेस को समर्थन दिया।

पंजाब के इन ज़िलों की सीटों पर प्रभाव

पंजाब के मालवा एरिया में फिरोजपुर, मोगा, फाजिलका, अबोहर, फरीदकोट, मुक्तसर साहिब बठिंडा, पटियाला, लुधियाना, मानसा, संगरूर, बरनाला, मलेरकोटला, फतेहगढ़ साहिब ज़िले आते हैं। मालवा में 69 विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं, जहां डेरे का सीधा प्रभाव है। समय के साथ डेरे ने हर राज्य में अपनी 45 सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया।

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