डेरा प्रमुख वापस पहुंचा जेल: काफ़ी देर तक रोके रखा ट्रैफिक, राम रहीम को चुनाव से पहले..

The News Air- डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम 21 दिन की फरलो ख़त्म होने के बाद सोमवार को सुनारिया जेल लौट आया। राम रहीम ने 11:50 बजे सुनारिया जेल में एंट्री ली। डेरा प्रमुख के पहुंचने के मद्देनज़र जेल की सुरक्षा बढ़ा दी गई और आसपास के क्षेत्र में भी घेराबंदी की गई है।

फरलो ख़त्म होने के बाद राम रहीम सोमवार को क़रीब 11:00 बजे गुरुग्राम स्थित डेरे के नाम चर्चा घर से निकला। क़रीब 50 मिनट का सफ़र तय कर राम रहीम सुनारिया जेल में पहुंच गया। 10 गाड़ियों का क़ाफिला उसके साथ रहा। जेल और आसपास के इलाक़े में सुरक्षा के लिए 100 से ज़्यादा पुलिस कर्मियों को लगाया गया। वहीं एएसपी कृष्ण कुमार लोहचब, डीएसपी सज्जन सिंह ख़ुद मौक़े पर मौजूद रहे।

काफ़ी देर तक रोके रखा ट्रैफिक

राम रहीम को लेकर सुनारिया जेल पहुंचे क़ाफिले के परिसर में जाने के बाद भी पुलिस फोर्स सुनारिया रोड के मोड़ पर डटी रही। काफ़ी देर तक आम वाहनों को रोड पर जाने नहीं दिया गया। वहीं कुछ लोग परेशान होकर लौटते भी दिखे। इससे पहले भी पुलिस ने यहां सुबह 8:00 बजे से ही बैरिकेडिंग कर रखी थी। सैकड़ों लोगों को लौटना पड़ा। जेल के आसपास के रास्तों पर भी कई जगह नाकाबंदी की गई।

7 फरवरी को मिली थी फरलो

हत्या और दुष्कर्म मामले में सुनारियां जेल में सज़ा काट रहे सिरसा डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को 7 फरवरी को फरलो दी गई थी। रविवार को फरलो ख़त्म हो गई और उसने जेल में सरेंडर कर दिया। सरकार की तरफ़ से अभी तक राम रहीम की फरलो बढ़ाने के संबंध में कोई बयान जारी नहीं किया है।
राम रहीम को सीबीआई की विशेष कोर्ट ने 2 साध्वियों से दुष्कर्म के मामले में 2017 में सज़ा सुनाई थी। पंचकूला में हिंसा के बाद राम रहीम को सुनारिया जेल में हेलिकॉप्टर से भेजा गया था। तभी से वह जेल में बंद थे। इसके बाद उसे पत्रकार रामचंद्र छत्रपति और डेरा प्रबंधक रंजीत सिंह की हत्या के मामले में भी सज़ा सुनाई गई थी।

पंजाब में भाजपा के पक्ष में मतदान का फ़रमान

पंजाब में 20 फरवरी को हुए चुनावों के दौरान सबकी नज़रें डेरा सच्चा सौदा के रूख पर टिकी रहीं। राज्य में डेरा समर्थक क़रीब 40 लाख वोटर्स हैं जो पंजाब की 117 सीटों में से 70 सीटों पर सीधे असर डालते हैं। मतदान से एक दिन पहले 19 फरवरी को डेरे की राजनीतिक विंग ने भाजपा और अकाली दल के पक्ष में मतदान का फ़रमान डेरा प्रेमियों के लिए कोडवर्ड के रूप में जारी हुआ। वहीं डेरे की ओर से BJP के समर्थन की बात को पब्लिक डोमेन में नहीं लाया गया। डेरे की कोशिश यही रही कि फॉलोअर्स को गुपचुप तरीक़े से BJP को वोट करने का मैसेज पहुंचाया जाए।

डेरा फॉलोअर्स के NOTA दबाने की अफ़वाह भी फैली

वहीं पंजाब चुनाव के दौरान डेरा समर्थकों के बीच NOTA (None of the Above) बटन दबाने के लिए एक मैसेज तेज़ी से वायरल हुआ। इसे लेकर डेरा की राजनीतिक विंग ने साफ़ तौर पर खंडन किया। इससे ये भी साफ़ हुआ कि डेरा फॉलोअर्स को किसी न किसी दल को वोट करना ही है।

बेअदबी केस में कांग्रेस के रूख से डेरे में रही नाराज़गी

चुनाव से एक दिन पहले डेरा सच्चा सौदा की राजनीतिक विंग ने पंजाब में एक गुप्त बैठक भी बुलाई। इसमें भटिंडा, फिरोजपुर, बरगाडी, राजपुरा, सलाबतपुरा और मलोट के प्रमुख लोग शामिल हुए। इसमें इस मुद्दे पर चर्चा की गई कि किस पार्टी को वोट देना है। सूत्रों की मानें तो बैठक में चर्चा हुई कि बेअदबी केस में कांग्रेस शासन में बाबा राम रहीम से जेल में जो पूछताछ की गई थी, उससे डेरा और उसके फॉलोअर्स बेहद नाराज़ हैं।

फरलो के दौरान मिली जेड प्लस सुरक्षा

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को फरलो के दौरान Z प्लस सुरक्षा दी गई। Z प्लस सुरक्षा के संबंध में ADG CID की तरफ़ से रोहतक रेंज कमिश्नर को पत्र लिखा गया। इसमें बताया गया कि गृह मंत्रालय से इनपुट मिले हैं कि राम रहीम को खालिस्तान समर्थित आतंकवादियों से ख़तरा है। सज़ा से पहले भी उसे धमकियां मिलती रही हैं। इस ख़तरे को देखते हुए गुरमीत राम रहीम की सुरक्षा को कड़ा किया जाना ज़रूरी है। वहीं, हरियाणा सरकार ने राम रहीम को फरलो के ख़िलाफ़ हाईकोर्ट में पूरा रिकॉर्ड सौंपकर स्पष्ट किया था कि फरलो का निर्णय तय प्रक्रिया के तहत लिया गया है।

फरलो अवधि के दौरान जेड प्लस की सुरक्षा देने के आदेश के बाद गुरुग्राम स्थित डेरे के नाम चर्चा घर में पुलिस अधिकारियों की संख्या बढ़ा दी गई थी। फरलो के दौरान गुरुग्राम में रहे राम रहीम के पास उसकी मां और हनीप्रीत भी पहुँची थी।

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