Dera Beas Vs CM Mann: शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया से व्यास डेरा प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों की मुलाकात पर CM भगवंत मान के ट्वीट से पंजाब की राजनीति में नया मोड़ आ गया है। इधर डेरा प्रमुख के मुलाकात करते ही मजीठिया को बेल मिल गई, उधर सूबे में डेरा Vs CM भगवंत मान शुरू हो गया।
डेरा राधा स्वामी सत्संग व्यास अभी तक राजनीतिक गतिविधियों व बयानबाजियों से दूर रहा है। डेरा प्रमुख के बयान और अब उनके खिलाफ आम आदमी पार्टी के नेताओं की बयानबाजी से विधानसभा चुनाव 2027 में आम आदमी पार्टी का राजनीतिक गणित बिगड़ सकता है।
डेरा प्रमुख का बयान जिससे AAP ने किया पलटवार
दो फरवरी 2026 को डेरा राधा स्वामी सत्संग व्यास के प्रमुख गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने नाभा जेल में शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया से मुलाकात के बाद खुलकर उनका समर्थन किया। यह उनकी दूसरी मुलाकात थी, पहली मुलाकात 23 सितंबर 2025 को हुई थी। उन्होंने साफ कहा था कि मजीठिया के खिलाफ सभी आरोप झूठे और बेबुनियाद हैं।
उन्होंने कहा कि मजीठिया मेरे दोस्त हैं और रिश्तेदार हैं, इसलिए मैं उनसे मिलूंगा। यही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि रिश्तेदारों व दोस्तों के साथ की गई चर्चा सार्वजनिक नहीं होती। हालांकि उन्होंने राजनीतिक सवालों से दूरी बनाए रखी।
मजीठिया पर झूठे केस बयान पर AAP ने दी तीखी प्रतिक्रिया
आम आदमी पार्टी मजीठिया को जेल में बंद करने को अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि मानती रही है। पंजाब से लेकर गुजरात तक पार्टी मंचों से कहती रही कि जिनका नाम लेने से भी लोग डरते थे उन्हें हमने जेल भेज दिया। डेरा प्रमुख ने जब कहा कि मजीठिया के खिलाफ झूठे केस दर्ज किए गए तो AAP ने उनके खिलाफ बोलना शुरू कर दिया।
AAP ने जोर देकर कहा कि धार्मिक नेताओं को कानूनी मामलों पर टिप्पणी करने से बचना चाहिए, खासकर उन मामलों पर जो अदालत में विचाराधीन हैं, क्योंकि उनके बयानों का काफी प्रभाव होता है।
डेरा प्रमुख के बयान के कुछ घंटे बाद मिल गई जमानत
डेरा प्रमुख के बयान के कुछ घंटे बाद ही मजीठिया को सुप्रीम कोर्ट से असमानुपातिक संपत्ति मामले में जमानत मिल गई। मजीठिया 25 जून 2025 से न्यायिक हिरासत में थे। इस मामले में आरोप है कि उन्होंने 2007 से 2017 के बीच शेल कंपनियों और विदेशी संस्थाओं के जरिए करीब ₹540 करोड़ की “ड्रग मनी” की लॉन्ड्रिंग की। अकाली दल में जश्न का माहौल हो गया। उधर AAP ने डेरा प्रमुख पर हमले जारी रखे।
CM भगवंत मान का विवादास्पद ट्वीट
मामले ने तब तूल पकड़ा जब सीएम भगवंत मान ने उनका नाम लिखे बिना 3 फरवरी 2026 को एक ट्वीट किया। बिक्रम सिंह मजीठिया को बेल मिलने के बाद पंजाब के सीएम भगवंत मान ने पंजाबी में लिखा, “चाहे आज की बात हो या कल की, उन अदालतों का भगवान ही रक्षक है जहां (जेल में) मिलने आने वाले लोग ही खुद ‘जज’ बन जाएं।”
ਕੱਲ੍ਹ ਬਣ ਜਾਣ ਭਾਵੇਂ ਅੱਜ ਬਣ ਜਾਣ
ਅਦਾਲਤਾਂ ਦਾ ਓਥੇ ਰੱਬ ਰਾਖਾ
ਜਿੱਥੇ ਮੁਲਾਕਾਤੀ ਹੀ ਜੱਜ ਬਣ ਜਾਣ …— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) February 3, 2026
विपक्ष ने इस ट्वीट को सीधे डेरा प्रमुख के साथ जोड़ा क्योंकि उन्होंने मजीठिया पर लगे आरोपों को झूठा बताया था। राजनीतिक पर्यवेक्षकों ने इसे डेरा व्यास प्रमुख पर घूमकर किया गया हमला माना।
शिअद नेता अमरदीप ने सीएम से पूछा सवाल
अकाली दल के नेता अमरदीप सिंह ने सीएम की पोस्ट पर कहा कि आज भगवंत मान साहिब ने एक्स पर एक पोस्ट डालकर लिखा कि “मुलाकाती जज बन गए।” इसके जरिए उन्होंने अपनी निराशा सबके सामने जाहिर की। उन्होंने कहा कि वो मुख्यमंत्री भगवंत मान से पूछना चाहते हैं कि वे मुलाकाती नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य थे।
अमरदीप सिंह ने कहा कि आपके वित्त मंत्री हरपाल चीमा, जो खुद वकील हैं, उन्होंने भी यह कहकर फैसला सुना दिया कि सजा होगी। मैं उन्हें कहना चाहता हूं कि केस में स्पेशल प्रॉसिक्यूटर के रूप में अपनी हाजिरी जरूर लगवानी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। सजा देना अदालतों का काम है।
उन्होंने आगे कहा, “आज सिर्फ न्यायपालिका ही बची हुई है, और आपने उस पर भी कोई कसर नहीं छोड़ी। जिस तरह से इस मामले में मीडिया ट्रायल किए गए हैं, वे सब लोगों के सामने आ चुके हैं।”
BJP ने भी किया पलटवार
बीजेपी के नेता प्रितपाल सिंह ने सीएम की पोस्ट के बाद कहा कि अति का खुदा से भी बैर होता है। अब आप रब-रूपी आत्माओं की भी नुक्ताचीनी करने लगे हैं। राधा स्वामी सत्संग व्यास के मुखिया बाबा गुरिंदर सिंह जी करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र हैं। लेकिन आपको कौन समझाए। डेरा की संगत और पंजाब की जनता इस अपमान का जवाब देगी।
पंजाब बीजेपी अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने भी सीएम मान के ट्वीट का जवाब पंजाबी दोहे के साथ सोशल मीडिया पर दिया, जो ढिल्लों के बचाव में माना गया।
डेरा व्यास का पंजाब के तीनों क्षेत्रों में प्रभाव
डेरा व्यास का पंजाब के मालवा, दोआबा और माझा तीनों क्षेत्रों में प्रभाव है। डेरा व्यास के अनुयायी हर सीट पर अच्छी खासी तादाद में हैं जो किसी भी उम्मीदवार की हार-जीत के समीकरण को बिगाड़ सकते हैं। ऐसे में सीएम समेत AAP नेताओं का डेरा प्रमुख के खिलाफ मोर्चा खोलना AAP के लिए घाटे का सौदा हो सकता है।
डेरा का ज्यादा प्रभाव माझा इलाके में है लेकिन दोआबा और मालवा में भी उनके श्रद्धालु हैं। पंजाब की राजनीति में धार्मिक संस्थानों की भूमिका हमेशा से महत्वपूर्ण रही है और CM का यह बयान उनके लिए राजनीतिक रूप से महंगा पड़ सकता है, खासकर 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले।
मुख्य बातें (Key Points)
- डेरा व्यास प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने 2 फरवरी को नाभा जेल में मजीठिया से मुलाकात की
- डेरा प्रमुख ने कहा मजीठिया के खिलाफ सभी आरोप झूठे और बेबुनियाद हैं
- मुलाकात के कुछ घंटे बाद ही सुप्रीम कोर्ट से मजीठिया को जमानत मिल गई
- CM भगवंत मान ने ट्वीट किया “मुलाकाती ही जज बन जाएं” – डेरा प्रमुख पर घूमकर हमला
- अकाली दल और BJP ने CM के ट्वीट का तीखा विरोध किया
- डेरा व्यास का पंजाब के तीनों क्षेत्रों में प्रभाव, 2027 चुनाव में AAP का गणित बिगड़ सकता है








