Punjab CM Amit Shah Meeting : दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अहम मुलाकात हुई, जिसमें राज्य से जुड़े कई बड़े और लंबे समय से अटके मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने साफ किया कि केंद्र ने रूरल डवलपमेंट फंड (RDF) की पहली किश्त जल्द जारी करने का आश्वासन दिया है। यह मुलाकात दिल्ली में हुई, जहां कानून-व्यवस्था, किसानों और प्रशासनिक नियुक्तियों से जुड़े सवाल भी उठाए गए।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि उन्होंने गृह मंत्री के सामने यह मुद्दा रखा कि पंजाब का करीब 8500 करोड़ रुपए का RDF लंबे समय से रुका हुआ है। यह फंड राज्य की सड़कों और मंडियों के विकास के लिए बेहद जरूरी है। इस पर गृह मंत्री ने भरोसा दिलाया कि जल्द ही इस संबंध में बैठक बुलाई जाएगी और पहली किश्त जारी की जाएगी।
RDF को लेकर पंजाब की बड़ी राहत
मुख्यमंत्री के मुताबिक RDF की रकम रुकने से ग्रामीण इलाकों में विकास कार्य प्रभावित हो रहे थे। उन्होंने कहा कि इस पैसे के आने से सड़कों की मरम्मत और मंडियों के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा सकेगा, जिससे किसानों और आम लोगों दोनों को फायदा होगा।
FCI में अफसरों की तैनाती पर जताया विरोध
भगवंत मान ने बैठक में Food Corporation of India (FCI) के पंजाब रीजन में अफसरों की नियुक्ति का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि परंपरागत रूप से पंजाब में FCI का जनरल मैनेजर पंजाब कैडर से लगाया जाता रहा है, लेकिन इस बार यूटी कैडर के अधिकारी की तैनाती की गई है। मुख्यमंत्री ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह व्यवस्था पहले की तरह ही बनाए रखी जानी चाहिए। इस पर गृह मंत्री ने पैनल भेजने और मामले पर विचार करने का आश्वासन दिया।
सीड एक्ट को लेकर केंद्र के सामने विरोध
मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने प्रस्तावित सीड एक्ट को संसद में लाने पर भी आपत्ति जताई है। उनका कहना था कि पंजाब के किसान अपनी फसल से बीज बचाकर रखते हैं। अगर कंपनियों को बीज बेचने का एकाधिकार मिला तो इससे किसानों को नुकसान होगा। इसलिए इस कानून को मौजूदा रूप में लाना सही नहीं है।

SYL मुद्दे पर भी हुई बात
मुख्यमंत्री ने SYL नहर के मुद्दे को भी बैठक में उठाया। उन्होंने कहा कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है, लेकिन पंजाब के पास अतिरिक्त पानी देने के लिए कुछ भी नहीं है। उन्होंने आग्रह किया कि इस मुद्दे को आपसी बातचीत से सुलझाया जाए या इसे बंद किया जाए।
इंटरनेशनल बॉर्डर पर कंटीली तार का मामला
भगवंत मान ने बताया कि इंटरनेशनल बॉर्डर पर लगी कंटीली तार को और अंदर करने का मुद्दा भी उन्होंने उठाया। इससे सीमावर्ती किसानों को खेती करने में आसानी होगी और तस्करी पर भी रोक लगेगी। गृह मंत्री ने इस मांग को स्वीकार करते हुए तार को अंदर शिफ्ट करने पर सहमति जताई है।
आम लोगों पर असर (Human Impact)
इस बैठक के फैसलों का सीधा असर पंजाब के किसानों, ग्रामीण इलाकों और सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों पर पड़ेगा। RDF की राशि मिलने से विकास कार्य तेज होंगे, जबकि बॉर्डर पर कंटीली तार अंदर होने से किसानों को राहत मिलेगी।
क्या है पृष्ठभूमि
पंजाब लंबे समय से RDF की बकाया राशि, SYL विवाद और प्रशासनिक नियुक्तियों को लेकर केंद्र के सामने अपनी मांगें रखता रहा है। दिल्ली में हुई यह बैठक इन्हीं लंबित मुद्दों को सुलझाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
मुख्य बातें (Key Points)
- गृह मंत्री ने RDF की पहली किश्त जल्द जारी करने का आश्वासन दिया
- FCI में यूटी कैडर अफसर की नियुक्ति पर पंजाब ने जताया विरोध
- सीड एक्ट और SYL मुद्दे पर केंद्र के सामने आपत्ति रखी गई
- इंटरनेशनल बॉर्डर पर कंटीली तार अंदर करने पर सहमति बनी








