Delhi Assembly Suspension Case : दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान बड़ा एक्शन सामने आया है। दिल्ली विधानसभा में उपराज्यपाल के अभिभाषण के दौरान हंगामा करने के आरोप में आम आदमी पार्टी के चार विधायकों को तीन दिन के लिए सदन की कार्यवाही से निष्कासित कर दिया गया है। यह कार्रवाई सत्र के पहले ही दिन की गई, जब सदन ने मंत्री की ओर से लाए गए प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके बाद विधानसभा की कार्यवाही अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दी गई।
निष्कासित किए गए विधायकों में Sanjiv Jha, Kuldeep Kumar, Somdutt और Jarnail Singh शामिल हैं।

LG के अभिभाषण में बाधा का आरोप
सदन में पेश प्रस्ताव के मुताबिक, इन चारों विधायकों पर उपराज्यपाल के अभिभाषण के दौरान व्यवधान पैदा करने का आरोप है। इसे संवैधानिक व्यवस्था के खिलाफ बताया गया। आरोप है कि शोर-शराबे और विरोध के चलते सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकी।
मंत्री के प्रस्ताव पर सदन की सहमति
मंत्री Parvesh Verma की ओर से लाए गए प्रस्ताव पर विधानसभा ने सहमति जताई। प्रस्ताव पास होते ही चारों विधायकों को पहले दिन ही सदन से बाहर कर दिया गया और तीन दिन के लिए निलंबन लागू कर दिया गया।
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शीतकालीन सत्र पर असर
दिल्ली विधानसभा का यह चार दिन का शीतकालीन सत्र है। पहले ही दिन हुए हंगामे और कार्रवाई के बाद कार्यवाही को अगले दिन तक के लिए स्थगित करना पड़ा, जिससे विधायी कामकाज पर असर पड़ा है।
आम लोगों के लिए क्या मायने
विधानसभा में हंगामे और निलंबन की घटनाएं आम जनता के बीच यह सवाल खड़ा करती हैं कि क्या जरूरी मुद्दों पर चर्चा हो पाएगी। जब सत्र बाधित होता है, तो नीतियों और जनहित के विषयों पर फैसले भी टल जाते हैं।

विश्लेषण: अनुशासन बनाम विरोध
यह कार्रवाई सत्ता और विपक्ष के बीच टकराव को दिखाती है। एक तरफ सदन की मर्यादा और संवैधानिक प्रक्रिया की बात हो रही है, तो दूसरी तरफ विपक्ष का विरोध। तीन दिन का निलंबन यह संदेश देता है कि सदन में अनुशासन से समझौता नहीं होगा, लेकिन साथ ही यह भी सवाल उठता है कि क्या संवाद के रास्ते बंद होते जा रहे हैं।
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मुख्य बातें (Key Points)
- दिल्ली विधानसभा में AAP के चार विधायक तीन दिन के लिए निलंबित।
- LG के अभिभाषण के दौरान हंगामा करने का आरोप।
- मंत्री प्रवेश वर्मा के प्रस्ताव पर सदन की मंजूरी।
- पहले ही दिन कार्यवाही स्थगित, शीतकालीन सत्र प्रभावित।








